कर्नाटक कांग्रेस सरकार के 3 साल: BJP अध्यक्ष विजयेंद्र बोले — 'भ्रष्टाचार और कुशासन के सिवा कुछ नहीं'

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कर्नाटक कांग्रेस सरकार के 3 साल: BJP अध्यक्ष विजयेंद्र बोले — 'भ्रष्टाचार और कुशासन के सिवा कुछ नहीं'

सारांश

कर्नाटक कांग्रेस के तीन साल के जश्न के ठीक पहले BJP अध्यक्ष विजयेंद्र ने सरकार को 'कुशासन और भ्रष्टाचार' के आरोपों से घेरा। तुमकुरु में 1.52 लाख लाभार्थियों वाले भव्य समारोह को उन्होंने 'विश्वासघात की याद' बताया — और कहा कि जनता का असली फैसला मतपेटी से आएगा।

मुख्य बातें

BJP प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 19 मई 2026 को कर्नाटक कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के अवसर पर तीखी आलोचना की।
कांग्रेस सरकार तुमकुरु में 'प्रगतियत्ता कर्नाटक' कार्यक्रम में 1.52 लाख लाभार्थियों को संपत्ति दस्तावेज वितरित करने वाली थी।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य बढ़ते कर्ज, खाली खजाने, ठप बुनियादी ढाँचे और बढ़ते अपराध से जूझ रहा है।
उन्होंने कर्नाटक को कांग्रेस आलाकमान का 'एटीएम' बताया और गारंटी योजनाओं को चुनावी हथकंडा करार दिया।
विजयेंद्र ने जेलों में अपराधियों को वीआईपी सुविधा मिलने का आरोप लगाया और सरकार की नैतिक स्थिति पर सवाल उठाया।

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक बीवाई विजयेंद्र ने मंगलवार, 19 मई 2026 को राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला, जब सरकार तुमकुरु में 'प्रगतियत्ता कर्नाटक' नामक भव्य समारोह के ज़रिए अपने तीन साल पूरे होने का जश्न मनाने की तैयारी में थी। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि इन तीन वर्षों में राज्य ने विकास नहीं, बल्कि 'कुशासन, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता' देखी है। उनके इस हमले ने कांग्रेस के भीतर जारी नेतृत्व-संबंधी अटकलों के बीच राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।

समारोह पर सवाल: 'जश्न किस बात का?'

कर्नाटक सरकार बेंगलुरु के निकट तुमकुरु में आयोजित 'प्रगतियत्ता कर्नाटक' कार्यक्रम में 1.52 लाख लाभार्थियों को संपत्ति के दस्तावेज वितरित करने वाली थी। विजयेंद्र ने इस आयोजन को सीधे चुनौती देते हुए पूछा कि जब राज्य बढ़ते कर्ज, खाली खजाने और ठप पड़े विकास कार्यों की मार झेल रहा हो, तो सरकार आखिर किस उपलब्धि का उत्सव मना रही है।

उनके अनुसार, पूरे राज्य में सड़कें, अस्पताल, स्कूल, सिंचाई परियोजनाएँ और नागरिक बुनियादी ढाँचे के काम धन की कमी के कारण प्रभावित हो रहे हैं, जबकि सरकार का ध्यान विज्ञापनों और राजनीतिक प्रबंधन पर टिका हुआ है।

वित्तीय कुप्रबंधन और विकास के आरोप

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की नीतियों का वित्तीय बोझ अंततः कर्नाटक के युवाओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ठेकेदारों के भुगतान को मंजूरी देने में विफल रही है, बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में अनावश्यक देरी हो रही है और तीन साल के कार्यकाल में ठोस विकास शून्य रहा है।

गारंटी योजनाओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये योजनाएँ 'अनियमित और विलंबित' रहीं और इनका उपयोग जनकल्याण की प्रतिबद्धता से अधिक चुनावी हथकंडे के रूप में किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ज़रूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ाकर आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।

भ्रष्टाचार और 'एटीएम' वाला आरोप

विजयेंद्र ने दावा किया कि मौजूदा प्रशासन के अंतर्गत घोटाले, कमीशनखोरी और सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी नेतृत्व को बचाए रखने की होड़ में कर्नाटक को कांग्रेस आलाकमान के लिए एक एटीएम में तब्दील किया जा रहा है — यह एक गंभीर आरोप है जिसे कांग्रेस ने अब तक खारिज नहीं किया है।

कानून-व्यवस्था और जेल विवाद

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा। उनके अनुसार दंगे, ड्रग नेटवर्क, गुंडागर्दी, हत्याएँ और हमलों की घटनाएँ बढ़ी हैं, जिससे नागरिकों में भय का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं जबकि आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

जेलों से जुड़े हालिया विवाद का उल्लेख करते हुए विजयेंद्र ने दावा किया कि जेलें 'पार्टी हब' बनती जा रही हैं, जहाँ कथित तौर पर अपराधी वीआईपी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब अपराधी जेलों के भीतर जश्न मना रहे हों, तो कांग्रेस सरकार को बाहर जश्न मनाने का नैतिक अधिकार नहीं।

जनता का फैसला मतपेटी से

विजयेंद्र ने अपने हमले का समापन करते हुए कहा कि कांग्रेस चाहे जितना 'आत्म-प्रशंसा वाला रिपोर्ट कार्ड' पेश करे, कर्नाटक की जनता अपना असली जवाब मतपेटी के ज़रिए देगी। उन्होंने इस वर्षगांठ समारोह को 'तीन साल के कुशासन, भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात' की याद दिलाने वाला करार दिया। यह टकराव ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें थमने का नाम नहीं ले रहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो BJP के आरोपों को अतिरिक्त धार देती है। असली सवाल यह है कि क्या 1.52 लाख लाभार्थियों को संपत्ति दस्तावेज देने जैसे ठोस कदम, बुनियादी ढाँचे और वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों का जवाब बन सकते हैं — या यह केवल समारोह की राजनीति है। कर्नाटक में अगले चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, और दोनों पक्षों की असली परीक्षा ज़मीनी नतीजों पर होगी, न कि भव्य आयोजनों पर।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीवाई विजयेंद्र ने कर्नाटक सरकार पर क्या आरोप लगाए?
विजयेंद्र ने कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर कुशासन, भ्रष्टाचार, वित्तीय कुप्रबंधन और कानून-व्यवस्था की विफलता के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तीन साल में राज्य में कोई ठोस विकास नहीं हुआ और सरकारी खजाना खाली हो गया है।
'प्रगतियत्ता कर्नाटक' कार्यक्रम क्या है?
यह कर्नाटक सरकार द्वारा अपने तीन साल पूरे होने पर बेंगलुरु के निकट तुमकुरु में आयोजित एक भव्य समारोह है। इस कार्यक्रम में सरकार 1.52 लाख लाभार्थियों को संपत्ति के दस्तावेज वितरित करने वाली थी।
विजयेंद्र ने कर्नाटक को 'एटीएम' क्यों कहा?
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी नेतृत्व को बनाए रखने की कोशिश में कर्नाटक को कांग्रेस आलाकमान के लिए एक एटीएम में बदला जा रहा है, यानी राज्य के संसाधनों का उपयोग पार्टी के राजनीतिक हितों के लिए हो रहा है।
कर्नाटक में कांग्रेस नेतृत्व को लेकर क्या अटकलें हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें जारी हैं। यह आंतरिक अस्थिरता तीन साल की वर्षगांठ के मौके पर BJP के हमलों को और धार देती है।
BJP के इन आरोपों का कर्नाटक की राजनीति पर क्या असर होगा?
विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि कर्नाटक की जनता मतपेटी के ज़रिए अपना फैसला सुनाएगी। इन आरोपों से BJP अगले चुनाव के लिए सत्ता-विरोधी माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस अपनी गारंटी योजनाओं और लाभार्थी कार्यक्रमों को उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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