10 जुलाई 2026
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ग्वालियर कोर्ट ने भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी को भगोड़ा घोषित किया, स्थायी वारंट जारी

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ग्वालियर कोर्ट ने भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी को भगोड़ा घोषित किया, स्थायी वारंट जारी

सारांश

ग्वालियर की विशेष अदालत ने SC/ST एक्ट के मामले में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी को भगोड़ा घोषित कर स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया। दिसंबर 2023 से फरार आरोपी पहले भी हत्या के प्रयास और वाहन से पाँच लोगों को कुचलने के मामलों में संलिप्त रहा है।

मुख्य बातें

ग्वालियर स्पेशल कोर्ट ने 10 जुलाई 2026 को भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र दिनेश लोधी को SC/ST एक्ट के मामले में भगोड़ा घोषित किया।
आरोपी के विरुद्ध दिसंबर 2023 में पहला गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था, परंतु पुलिस उसे तब से नहीं ढूँढ पाई।
अदालत ने स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर पुलिस को उसे गिरफ्तार कर पेश करने का निर्देश दिया।
अप्रैल 2026 में दिनेश लोधी की एसयूवी ने करेरा के पास पाँच लोगों को टक्कर मारी थी, जिस पर शिवपुरी पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
इससे पहले उसे ग्वालियर में हत्या के प्रयास के मामले में भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
विधायक प्रीतम लोधी और दिनेश लोधी के अधिवक्ता की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

ग्वालियर की एक विशेष अदालत ने 10 जुलाई 2026 को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र दिनेश लोधी को भगोड़ा घोषित कर दिया। कोर्ट ने उसके विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया और पुलिस को उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।

मुख्य घटनाक्रम

एससी/एसटी मामलों की सुनवाई करने वाली स्पेशल कोर्ट ने यह आदेश दिनेश लोधी के बार-बार गैर-हाजिर रहने के बाद दिया। दिसंबर 2023 में उसके खिलाफ पहली बार गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, परंतु पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि आरोपी का पता न चल पाने के कारण वारंट पर अमल संभव नहीं हो सका।

पुलिस रिपोर्ट और लगातार अनुपस्थिति को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने कानून की संबंधित धाराओं के अंतर्गत उद्घोषणा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिनेश लोधी को भगोड़ा घोषित किया। यह मामला ग्वालियर के पुरानी छावनी पुलिस स्टेशन में दर्ज है।

आपराधिक पृष्ठभूमि

दिनेश लोधी हाल के महीनों में कई आपराधिक मामलों में उलझा रहा है। इस वर्ष अप्रैल में शिवपुरी पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था, जब उसकी एसयूवी ने करेरा के पास पैदल यात्रियों और मोटरसाइकिल सवारों सहित पाँच लोगों को टक्कर मार दी थी।

दुर्घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस घटना ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। इससे पहले उसे ग्वालियर में दर्ज हत्या के प्रयास के एक मामले में भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें उस पर अपनी एसयूवी से एक व्यक्ति को कुचलने की कोशिश का आरोप था।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रीतम लोधी ने अदालत के इस आदेश पर अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। दिनेश लोधी या उसके अधिवक्ता की ओर से भी कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

अब पुलिस पर दायित्व है कि वह स्थायी गिरफ्तारी वारंट पर अमल करे और दिनेश लोधी को अदालत के समक्ष पेश कराए। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एससी/एसटी अधिनियम के इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे किस दिशा में जाती है, विशेष रूप से तब जब आरोपी पहले से कई मामलों में संलिप्त है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उस कानून की भावना के विपरीत है जो कमज़ोर वर्गों को त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए बना था।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिनेश लोधी को भगोड़ा क्यों घोषित किया गया?
ग्वालियर की स्पेशल कोर्ट ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में दिनेश लोधी के बार-बार अदालत में अनुपस्थित रहने और दिसंबर 2023 से जारी वारंट पर अमल न होने के बाद उसे भगोड़ा घोषित किया। उद्घोषणा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह आदेश दिया गया।
दिनेश लोधी के खिलाफ और कौन-से मामले दर्ज हैं?
दिनेश लोधी अप्रैल 2026 में करेरा के पास पाँच लोगों को एसयूवी से टक्कर मारने के मामले में शिवपुरी पुलिस की जाँच में है। इससे पहले उसे ग्वालियर में हत्या के प्रयास के एक मामले में भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें उस पर एसयूवी से एक व्यक्ति को कुचलने की कोशिश का आरोप था।
प्रीतम लोधी कौन हैं और उन्होंने इस पर क्या कहा?
प्रीतम लोधी मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं। अदालत के इस आदेश पर उन्होंने अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
SC/ST एक्ट के तहत भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया क्या होती है?
जब कोई आरोपी वारंट जारी होने के बावजूद बार-बार अदालत में पेश नहीं होता और पुलिस उसे ढूँढने में असमर्थ होती है, तो अदालत उद्घोषणा की प्रक्रिया पूरी कर उसे भगोड़ा घोषित करती है। इसके बाद स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी होता है और पुलिस को उसे गिरफ्तार कर पेश करने का निर्देश दिया जाता है।
अब पुलिस क्या कदम उठाएगी?
अदालत के आदेश के बाद पुलिस को स्थायी गिरफ्तारी वारंट पर अमल करते हुए दिनेश लोधी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करना होगा। यह मामला ग्वालियर के पुरानी छावनी पुलिस स्टेशन में दर्ज है।
राष्ट्र प्रेस
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