ग्वालियर कोर्ट ने भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी को भगोड़ा घोषित किया, स्थायी वारंट जारी
सारांश
मुख्य बातें
ग्वालियर की एक विशेष अदालत ने 10 जुलाई 2026 को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र दिनेश लोधी को भगोड़ा घोषित कर दिया। कोर्ट ने उसके विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया और पुलिस को उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।
मुख्य घटनाक्रम
एससी/एसटी मामलों की सुनवाई करने वाली स्पेशल कोर्ट ने यह आदेश दिनेश लोधी के बार-बार गैर-हाजिर रहने के बाद दिया। दिसंबर 2023 में उसके खिलाफ पहली बार गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, परंतु पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि आरोपी का पता न चल पाने के कारण वारंट पर अमल संभव नहीं हो सका।
पुलिस रिपोर्ट और लगातार अनुपस्थिति को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने कानून की संबंधित धाराओं के अंतर्गत उद्घोषणा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिनेश लोधी को भगोड़ा घोषित किया। यह मामला ग्वालियर के पुरानी छावनी पुलिस स्टेशन में दर्ज है।
आपराधिक पृष्ठभूमि
दिनेश लोधी हाल के महीनों में कई आपराधिक मामलों में उलझा रहा है। इस वर्ष अप्रैल में शिवपुरी पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था, जब उसकी एसयूवी ने करेरा के पास पैदल यात्रियों और मोटरसाइकिल सवारों सहित पाँच लोगों को टक्कर मार दी थी।
दुर्घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस घटना ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। इससे पहले उसे ग्वालियर में दर्ज हत्या के प्रयास के एक मामले में भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें उस पर अपनी एसयूवी से एक व्यक्ति को कुचलने की कोशिश का आरोप था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रीतम लोधी ने अदालत के इस आदेश पर अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। दिनेश लोधी या उसके अधिवक्ता की ओर से भी कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
अब पुलिस पर दायित्व है कि वह स्थायी गिरफ्तारी वारंट पर अमल करे और दिनेश लोधी को अदालत के समक्ष पेश कराए। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एससी/एसटी अधिनियम के इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे किस दिशा में जाती है, विशेष रूप से तब जब आरोपी पहले से कई मामलों में संलिप्त है।