माफी की राजनीति: BJP विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने पुलिस अधिकारी को दी गालियों पर मांगी माफी, CM से मिले

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माफी की राजनीति: BJP विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने पुलिस अधिकारी को दी गालियों पर मांगी माफी, CM से मिले

सारांश

भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने पुलिस अधिकारी पर अभद्र टिप्पणी के बाद सार्वजनिक माफी मांगी। CM मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष से मिलने के बाद यह बयान आया। मामला उनके बेटे की थार एसयूवी दुर्घटना से जुड़ा है जिसमें पांच लोग घायल हुए थे।

Key Takeaways

  • भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने 23 अप्रैल को एसडीओपी आयुष जाखड़ के खिलाफ अभद्र भाषा पर सार्वजनिक माफी मांगी।
  • विवाद 16 अप्रैल की उस दुर्घटना से जुड़ा है जिसमें उनके पुत्र दिनेश लोधी पर थार एसयूवी से 5 लोगों को घायल करने का आरोप है।
  • भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 22 अप्रैल को 3 दिन में जवाब मांगते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया।
  • IPS एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की।
  • माफी CM मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के बाद आई — विधायक ने जांच की मांग भी की।
  • नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर गलत कामों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

भोपाल, 23 अप्रैलमध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने गुरुवार को करेरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ के विरुद्ध अभद्र भाषा प्रयोग करने पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया। यह माफी तब आई जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया और पूरे प्रदेश में उनकी आलोचना होने लगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात के बाद विधायक ने अपना रुख नरम किया।

क्या बोले विधायक प्रीतम सिंह लोधी

प्रीतम सिंह लोधी ने कहा कि जब पुलिस ने उनके पुत्र को सार्वजनिक रूप से परेड कराई, तो उन्हें गहरी पीड़ा हुई और भावनाओं के आवेग में उन्होंने पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध अनुचित शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, "मैं दिल की गहराई से माफी मांगता हूं और आगे से अपने शब्दों पर संयम रखूंगा।"

लोधी ने यह भी बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को अपना लिखित जवाब सौंप दिया है तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करेंगे।

विवाद की जड़ — 16 अप्रैल का सड़क हादसा

यह पूरा मामला 16 अप्रैल को हुई एक सड़क दुर्घटना से जन्मा। आरोप है कि विधायक के पुत्र दिनेश लोधी ने थार एसयूवी से पांच लोगों को टक्कर मार दी, जिसमें दो महिलाएं और तीन पुरुष घायल हो गए।

पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया। इसके बाद एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें विधायक लोधी, एसडीओपी आयुष जाखड़ से उलझते और उनके अधिकार पर सवाल उठाते दिखे। वीडियो में उन्होंने कहा कि करेरा उनके 'बाप की जागीर' नहीं है और उनका बेटा वहां आएगा और चुनाव लड़ेगा।

उन्होंने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ अधिकारी के आवास तक मार्च निकालने की चेतावनी भी दी थी, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

पार्टी की कार्रवाई — कारण बताओ नोटिस

विवाद बढ़ने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 22 अप्रैल को विधायक लोधी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में उनके व्यवहार को 'बेहद आपत्तिजनक और पार्टी अनुशासन के विरुद्ध' करार दिया गया और तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया।

गौरतलब है कि भाजपा ने हाल के वर्षों में अपने विधायकों और नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गति बढ़ाई है, विशेषकर जब मामला पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों से टकराव का हो। यह नोटिस उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

IPS एसोसिएशन और विपक्ष की प्रतिक्रिया

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) एसोसिएशन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा और कड़ी कार्रवाई की मांग की। एसोसिएशन ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था का अपमान बताया।

विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर भाजपा को घेरा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने नेताओं के गलत कामों को संरक्षण देती है और माफी मांगना महज खानापूर्ति है।

यह प्रकरण उस व्यापक प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है जिसमें जनप्रतिनिधि अपने परिजनों पर पुलिस कार्रवाई होने पर प्रशासनिक तंत्र पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। मध्य प्रदेश में ही पिछले दो वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहां विधायकों और उनके परिजनों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद उठे।

आगे क्या होगा

अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि भाजपा हाईकमान विधायक लोधी के जवाब से संतुष्ट होती है या उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाती है। साथ ही, दिनेश लोधी के विरुद्ध दर्ज एफआईआर की जांच भी जारी है।

यदि पार्टी सख्त कदम नहीं उठाती, तो IPS एसोसिएशन और विपक्ष का दबाव और बढ़ सकता है, जो 2026 के स्थानीय निकाय चुनावों से पहले भाजपा के लिए राजनीतिक असुविधा का कारण बन सकता है।

Point of View

न कि नैतिक जागृति की — यह स्पष्ट है। जब IPS एसोसिएशन मैदान में उतरे और पार्टी ने नोटिस थमाया, तभी माफी आई। यह उस पुरानी प्रवृत्ति को उजागर करता है जिसमें जनप्रतिनिधि कानून से ऊपर समझते हैं खुद को — और जब परिजन कटघरे में आते हैं तो प्रशासन पर ही हमला बोल देते हैं। भाजपा के लिए असली परीक्षा अब है — माफी से संतुष्ट होकर मामला दबाएं, या पार्टी अनुशासन को सचमुच मजबूत करके एक नजीर कायम करें।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने माफी क्यों मांगी?
विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने करेरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ के खिलाफ अभद्र भाषा इस्तेमाल करने पर सार्वजनिक माफी मांगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी होने और मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद यह माफी आई।
प्रीतम लोधी के बेटे पर क्या आरोप है?
विधायक के पुत्र दिनेश लोधी पर आरोप है कि उन्होंने 16 अप्रैल को थार एसयूवी से पांच लोगों को टक्कर मारी, जिसमें दो महिलाएं और तीन पुरुष घायल हुए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया था।
भाजपा ने विधायक लोधी के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 22 अप्रैल को विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया और तीन दिन में जवाब मांगा। उनके व्यवहार को 'बेहद आपत्तिजनक और पार्टी अनुशासन के विरुद्ध' बताया गया।
IPS एसोसिएशन ने इस मामले में क्या कहा?
भारतीय पुलिस सेवा एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। एसोसिएशन ने विधायक के व्यवहार को प्रशासनिक व्यवस्था का अपमान करार दिया।
विपक्ष ने इस मामले पर क्या कहा?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर अपने नेताओं के गलत कामों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि माफी मांगना पर्याप्त नहीं, ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
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