30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

धारवाड़ नाबालिग दलित मौत मामला: जांच में लापरवाही पर सीपीआई शिवयोगी लोहार सस्पेंड, दो आरोपी गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
धारवाड़ नाबालिग दलित मौत मामला: जांच में लापरवाही पर सीपीआई शिवयोगी लोहार सस्पेंड, दो आरोपी गिरफ्तार

सारांश

धारवाड़ में नाबालिग दलित लड़की की मौत के एक महीने बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और जांच में लापरवाही के आरोप में सीपीआई को सस्पेंड किया। यह कार्रवाई हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के ठीक एक दिन बाद हुई — जो संस्थागत दबाव में पुलिस की जवाबदेही का ताज़ा उदाहरण है।

मुख्य बातें

धारवाड़ एसपी गुंजन आर्या ने 13 जून को सीपीआई शिवयोगी लोहार को जांच में लापरवाही के आरोप में सस्पेंड किया।
नाबालिग दलित लड़की ने 8 मई को कीटनाशक खाया था और 9 मई को केएमसीआरआई में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने बुधवार को दो आरोपियों — नईम बेग जोरमनावर (25 वर्ष) और सोहेल मुल्ला (22 वर्ष) — को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के मोबाइल से कथित तौर पर तस्वीरें और अश्लील वीडियो बरामद हुए हैं।
बजरंग दल के प्रदर्शन के एक दिन बाद सस्पेंशन का आदेश जारी किया गया; वीएचपी और अन्य संगठनों ने और प्रदर्शन का ऐलान किया है।

कर्नाटक के धारवाड़ जिले में एक नाबालिग दलित लड़की की मौत की जांच में कथित लापरवाही बरतने के आरोप में धारवाड़ पुलिस अधीक्षक गुंजन आर्या ने शनिवार, 13 जून को सर्किल पुलिस इंस्पेक्टर (सीपीआई) शिवयोगी लोहार को सस्पेंड कर दिया। यह मामला कथित 'लव जिहाद' के आरोपों और 8 मई को लड़की द्वारा कीटनाशक खाने के बाद 9 मई को हुई उसकी मौत से जुड़ा है।

मुख्य घटनाक्रम

धारवाड़ तालुक के एक गांव की रहने वाली नाबालिग लड़की ने कथित तौर पर एक मुस्लिम युवक द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के बाद 8 मई को कीटनाशक निगल लिया था। उसे तत्काल कर्नाटक मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (केएमसीआरआई) में भर्ती कराया गया, जहाँ 9 मई को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मामले में पॉक्सो (बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

पुलिस ने इस सप्ताह बुधवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान हनुमानाकोप्पा गांव के 25 वर्षीय नईम बेग जोरमनावर और उप्पिनाबेटागेरी गांव के 22 वर्षीय सोहेल मुल्ला के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ताओं ने आरोपियों के मोबाइल फोन से तस्वीरें और अश्लील वीडियो बरामद किए हैं, जो कथित तौर पर नाबालिग के यौन शोषण का संकेत देते हैं।

सीपीआई पर लापरवाही के आरोप

सस्पेंड किए गए सीपीआई शिवयोगी लोहार पर आरोप है कि उन्होंने मामले की सही तरीके से जांच नहीं की और कानूनी कार्रवाई के बजाय पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की। परिवार का आरोप था कि पुलिस ने लड़की के माता-पिता की शिकायतों को नजरअंदाज किया और गिरफ्तारी में अनुचित देरी की। गौरतलब है कि लड़की की मौत 8 मई को हुई थी, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी एक महीने से अधिक समय बाद हुई।

सामाजिक दबाव और विरोध प्रदर्शन

यह सस्पेंशन हिंदू संगठनों के बढ़ते दबाव के बीच आया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार, 12 जून को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके ठीक अगले दिन सस्पेंशन का आदेश जारी किया गया।

इस हफ्ते की शुरुआत में श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने लड़की की मौत के एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने गराग गांव का दौरा कर पीड़ित परिवार से मुलाकात भी की। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) सहित अन्य संगठनों ने आरोपियों और जांच में लापरवाही के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए और प्रदर्शनों का ऐलान किया है।

आगे की जांच

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में पुलिस की जवाबदेही और दलित उत्पीड़न के मामलों में संस्थागत संवेदनशीलता को लेकर व्यापक सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिनों में न्यायिक और प्रशासनिक स्तर पर इस मामले की और पड़ताल होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि केवल एक निलंबन आदेश से।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धारवाड़ में सीपीआई शिवयोगी लोहार को क्यों सस्पेंड किया गया?
सीपीआई शिवयोगी लोहार को एक नाबालिग दलित लड़की की मौत की जांच में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में 13 जून को सस्पेंड किया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने कानूनी कार्रवाई के बजाय समझौता कराने की कोशिश की और पीड़ित परिवार की शिकायतों को नजरअंदाज किया।
धारवाड़ नाबालिग मौत मामले में क्या हुआ था?
धारवाड़ तालुक की एक नाबालिग दलित लड़की ने कथित तौर पर एक मुस्लिम युवक द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के बाद 8 मई को कीटनाशक निगल लिया। केएमसीआरआई में भर्ती करने के बावजूद 9 मई को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस मामले में किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने बुधवार को हनुमानाकोप्पा गांव के 25 वर्षीय नईम बेग जोरमनावर और उप्पिनाबेटागेरी गांव के 22 वर्षीय सोहेल मुल्ला को गिरफ्तार किया। जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर आरोपियों के मोबाइल फोन से तस्वीरें और अश्लील वीडियो बरामद किए हैं।
इस मामले में कौन-से कानून लागू हैं?
मामले में पॉक्सो (बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा कथित यौन शोषण और लापरवाही से जुड़ी अन्य धाराओं के तहत जांच जारी है।
इस मामले में हिंदू संगठनों की क्या भूमिका रही?
बजरंग दल ने 12 जून को अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके अगले दिन सीपीआई को सस्पेंड किया गया। श्रीराम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने भी पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए और पीड़ित परिवार से मिले। वीएचपी और बजरंग दल ने आगे और प्रदर्शनों का ऐलान किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 1 साल पहले