11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या पुरी में पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पुरी में पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया?

सारांश

ओडिशा के पुरी में नाबालिग को आग लगाने की घटना ने राज्य में चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और उच्च-स्तरीय जांच शुरू की। क्या इस मामले में न्याय मिलेगा? जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

पुरी में नाबालिग के साथ घातक घटना हुई।
पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच की।
महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए गए।
राज्य सरकार पर आलोचना की गई।
जवाबदेही और त्वरित कार्यवाही की मांग।

पुरी, 20 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के पुरी जिले में एक नाबालिग को ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने की घटना की जांच तेज हो गई है। राज्य के डीजीपी वाई.बी. खुरानिया, सेंट्रल रेंज के आईजी प्रवीण कुमार और पुरी के एसपी पिनाक मिश्रा ने रविवार को बलंगा थाना क्षेत्र स्थित घटनास्थल का दौरा किया और जांच की।

पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने प्रमुख गवाहों से बात की, जिनमें वह व्यक्ति भी शामिल था जिसने घायल लड़की को बचाया और घटना के तुरंत बाद आश्रय दिया था। यह दौरा मामले में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए चल रही उच्च-स्तरीय जांच का हिस्सा है।

डीजीपी ओडिशा खुरानिया ने कहा कि यह एक बेहद संवेदनशील और गंभीर घटना है। पुलिस ने इसकी सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की। मैं आज यहां व्यक्तिगत रूप से स्थिति का जायजा लेने आया हूं। हमारी राज्य फॉरेंसिक टीम पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और एम्स भुवनेश्वर की एक टीम भी पहुंच चुकी है। दोनों टीमों ने घटनास्थल की गहन जांच की है।

वहीं, बीजद नेता लेखाश्री सामंतसिंहर ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कथित विफलता के लिए ओडिशा में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की।

बलंगा पुलिस स्टेशन के सामने बीजद कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए सामंतसिंहर ने कहा कि कॉर्पोरेट हितों का एक समूह बनाकर सत्ता में आई भाजपा सरकार राज्य में महिलाओं की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। एक भयावह प्रवृत्ति उभर रही है, जहां नाबालिग भी सुरक्षित नहीं हैं।

उन्होंने अपराध की क्रूर प्रकृति के बावजूद उपमुख्यमंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी और निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए।

उन्‍होंने कहा कि यह घटना कानून-व्यवस्था के पूर्ण पतन को दर्शाती है। सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। हम दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग करते हैं।

बीजद प्रदर्शनकारियों ने जवाबदेही, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, राज्य की पुलिस व्यवस्था और महिला सुरक्षा तंत्र में जनता का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस उपाय करने की मांग की।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह समाज की जिम्मेदारी है कि हम इस मुद्दे पर गहराई से विचार करें।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरी में आग लगाने की घटना कब हुई?
यह घटना 20 जुलाई को ओडिशा के पुरी जिले में हुई।
पुलिस ने तुरंत क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर गहन जांच शुरू की।
क्या बीजद नेता ने सरकार की आलोचना की?
हाँ, लेखाश्री सामंतसिंहर ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार की विफलता की कड़ी आलोचना की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले