13 सितंबर 2026
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जलगांव में NHAI के रोड ओवर ब्रिज की आरई दीवार पर मध्य रेलवे की कड़ी निगरानी, ट्रेन संचालन पूरी तरह सुरक्षित

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जलगांव में NHAI के रोड ओवर ब्रिज की आरई दीवार पर मध्य रेलवे की कड़ी निगरानी, ट्रेन संचालन पूरी तरह सुरक्षित

सारांश

जलगांव में NHAI के रोड ओवर ब्रिज की आरई दीवार 31 जुलाई 2026 को आंशिक रूप से ढह गई — पुल खुले मात्र साढ़े दस महीने हुए थे। मध्य रेलवे ने रेल संचालन सुरक्षित बताया है, लेकिन NHAI से तकनीकी रिपोर्ट अभी बाकी है।

मुख्य बातें

जलगांव-भडली रेल खंड पर पलधी-तारसोद बाईपास के आरओबी की आरई दीवार का एक हिस्सा 31 जुलाई 2026 को ढह गया।
यह आरओबी मात्र 17 अगस्त 2025 को सड़क यातायात के लिए खोला गया था — यानी खुले बमुश्किल साढ़े दस महीने हुए थे।
मध्य रेलवे ने स्पष्ट किया कि रेल ट्रैक और ट्रेन संचालन पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य हैं।
एहतियात के तौर पर आरओबी का एक दो-लेन मार्ग बंद ; नागपुर की ओर जाने वाला दो-लेन मार्ग चालू।
NHAI को आरई दीवार स्थिरीकरण, जल निकासी सुधार और रूट कॉज एनालिसिस की सलाह दी गई है।
तकनीकी डिज़ाइन जानकारी, रूट कॉज एनालिसिस रिपोर्ट और बहाली योजना अभी NHAI से प्राप्त होना बाकी है।

जलगांव-भडली रेल खंड पर स्थित पलधी-तारसोद बाईपास हाईवे के रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) की रिटेनिंग अर्थ (आरई) दीवार की स्थिति पर मध्य रेलवे लगातार और करीबी नज़र बनाए हुए है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल रेल ट्रैक और ट्रेन संचालन पूरी तरह सामान्य एवं सुरक्षित हैं और इस घटना का रेल यातायात पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।

घटनाक्रम क्या है

मध्य रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह आरओबी रेलवे किलोमीटर 423/16-18 पर स्थित है। 31 जुलाई 2026 को इस पुल की आरई दीवार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर ढह गया था। गौरतलब है कि यह आरओबी मात्र कुछ महीने पहले — 17 अगस्त 2025 को — सड़क यातायात के लिए खोला गया था। इस पुल की संरचना में 18 मीटर का एक वायाडक्ट, 35 मीटर का मुख्य स्पैन और 18 मीटर का एक अन्य वायाडक्ट शामिल है।

सड़क यातायात पर असर

दीवार के क्षतिग्रस्त होने के बाद एहतियात के तौर पर आरओबी के एक दो-लेन मार्ग को सड़क यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। हालाँकि, नागपुर की ओर जाने वाला दो-लेन मार्ग अभी भी सुचारू रूप से चालू है। मानसून के मौसम को देखते हुए स्थल की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।

NHAI को रेलवे की सलाह

रेलवे ने बताया कि घटना के तुरंत बाद मामले को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के समक्ष उठाया गया था। लगातार पत्राचार और बैठकों के ज़रिए इसका अनुवर्तन किया जा रहा है। NHAI को आरई दीवार को स्थिर करने, उचित जल निकासी व्यवस्था विकसित करने, घटना के मूल कारणों की जाँच (रूट कॉज एनालिसिस), शीघ्र बहाली और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।

तकनीकी रिपोर्ट अभी बाकी

मध्य रेलवे के अनुसार, आरई दीवार की तकनीकी डिज़ाइन संबंधी जानकारी, रूट कॉज एनालिसिस रिपोर्ट और बहाली की विस्तृत योजना अभी तक NHAI से प्राप्त नहीं हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के कारण संरचनात्मक क्षति का जोखिम बढ़ा हुआ है, जिससे स्थल की निरंतर निगरानी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

रेलवे की प्राथमिकता

मध्य रेलवे ने रेखांकित किया कि रेल पटरियों, ट्रेन संचालन और रेलवे परिसंपत्तियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित NHAI अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर स्थल पर निरंतर निगरानी जारी है। आगे की कार्रवाई NHAI की तकनीकी रिपोर्ट और बहाली योजना प्राप्त होने के बाद तय की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि NHAI की गुणवत्ता जाँच प्रक्रिया पर बड़ा सवाल है। मध्य रेलवे ने ट्रेन संचालन को सुरक्षित बताकर जनता को आश्वस्त किया है, लेकिन असली जवाबदेही का प्रश्न NHAI के दरवाज़े पर है — जिसकी तकनीकी रिपोर्ट और बहाली योजना अभी तक रेलवे को नहीं मिली। मानसून के बीच ऐसी देरी संरचनात्मक जोखिम को और बढ़ाती है। यदि रूट कॉज एनालिसिस समयबद्ध तरीके से सार्वजनिक नहीं किया गया, तो यह घटना सड़क-रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर समन्वय की कमज़ोरियों का प्रतीक बन सकती है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जलगांव में रोड ओवर ब्रिज की आरई दीवार कब और क्यों ढही?
31 जुलाई 2026 को जलगांव-भडली रेल खंड पर स्थित पलधी-तारसोद बाईपास हाईवे के आरओबी की रिटेनिंग अर्थ (आरई) दीवार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर ढह गया। घटना के सटीक कारणों की जाँच (रूट कॉज एनालिसिस) NHAI द्वारा अभी की जानी है।
क्या इस घटना से ट्रेन संचालन प्रभावित हुआ है?
नहीं। मध्य रेलवे ने स्पष्ट किया है कि रेल ट्रैक और ट्रेन संचालन पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य हैं। इस घटना का रेल यातायात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
आरओबी का सड़क यातायात पर क्या असर पड़ा है?
एहतियात के तौर पर आरओबी का एक दो-लेन मार्ग सड़क यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। नागपुर की ओर जाने वाला दो-लेन मार्ग अभी भी चालू है।
NHAI को रेलवे ने क्या निर्देश दिए हैं?
मध्य रेलवे ने NHAI को आरई दीवार को स्थिर करने, उचित जल निकासी व्यवस्था विकसित करने, रूट कॉज एनालिसिस कराने, शीघ्र बहाली और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने की सलाह दी है। घटना के बाद से लगातार पत्राचार और बैठकों के ज़रिए मामले का अनुवर्तन किया जा रहा है।
यह पुल कितने समय पहले खोला गया था और इसकी संरचना क्या है?
यह आरओबी 17 अगस्त 2025 को सड़क यातायात के लिए खोला गया था — यानी घटना के समय यह पुल एक साल से भी कम पुराना था। इसकी संरचना में 18 मीटर का एक वायाडक्ट, 35 मीटर का मुख्य स्पैन और 18 मीटर का एक अन्य वायाडक्ट शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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