10 अगस्त 2026
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अमरनाथ यात्रा 2026: NH-44 पर रावी नदी और सेहर खड्ड के दोनों पुल बहाल, श्रद्धालुओं को बड़ी राहत

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अमरनाथ यात्रा 2026: NH-44 पर रावी नदी और सेहर खड्ड के दोनों पुल बहाल, श्रद्धालुओं को बड़ी राहत

सारांश

अमरनाथ यात्रा 2026 से ठीक पहले NH-44 पर कालीबाड़ी के पास रावी नदी और सेहर खड्ड के दो पुल बहाल हो गए हैं, जो पिछले साल बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गए थे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी जानकारी दी। लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह बड़ी राहत है।

मुख्य बातें

NH-44 पर कालीबाड़ी के पास रावी नदी और सेहर खड्ड के दोनों पुल सफलतापूर्वक बहाल कर दिए गए हैं।
पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ में दोनों पुलों को भारी नुकसान पहुँचा था और संचालन बंद हो गया था।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट कर बहाली की जानकारी दी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया।
इन पुलों के खुलने से पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच महत्वपूर्ण परिवहन संपर्क फिर से स्थापित हुआ।
अमरनाथ यात्रा 2026 के श्रद्धालुओं, यात्रियों और माल परिवहन को सीधा लाभ मिलेगा।

अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले तीर्थयात्रियों के लिए राहत की खबर आई है — NH-44 पर कालीबाड़ी के निकट रावी नदी और सेहर खड्ड पर स्थित दो महत्वपूर्ण पुलों को सफलतापूर्वक बहाल कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण बंद पड़े थे। इन पुलों के फिर से खुलने से पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच इस रणनीतिक मार्ग पर यात्री और माल परिवहन सुचारू हो जाएगा।

क्या है मामला

पिछले वर्ष की बाढ़ में NH-44 पर कालीबाड़ी के पास रावी नदी और सेहर खड्ड पर बने दोनों पुलों को भारी नुकसान पहुँचा था, जिससे इस रणनीतिक गलियारे पर संपर्क बुरी तरह बाधित हो गया था। बाढ़ के बाद से ये पुल बंद पड़े थे और यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इन पुलों के महत्व को समझते हुए प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार कार्य शुरू किया गया और निर्धारित समय-सीमा के भीतर इसे पूरा कर लिया गया।

उपराज्यपाल और केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस बहाली की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि आगामी श्री अमरनाथ यात्रा से पहले यह बड़ी खुशखबरी है और इसके लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया।

मंत्री गडकरी ने कहा कि इन पुलों के फिर से खुलने से निर्बाध संपर्क सुनिश्चित होगा, यात्रियों और माल की सुगम आवाजाही होगी और वार्षिक अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी। साथ ही क्षेत्रीय आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

श्रद्धालुओं और क्षेत्र पर असर

यह बहाली ऐसे समय में हुई है जब अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। गौरतलब है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु NH-44 के इसी मार्ग से जम्मू-कश्मीर की ओर प्रस्थान करते हैं। पुलों के बंद रहने से न केवल तीर्थयात्रियों को असुविधा होती, बल्कि स्थानीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित होती।

पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच यह गलियारा रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है — सेना और अर्धसैनिक बलों की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होता है।

आगे की राह

पुलों की बहाली के साथ अब यात्रा मार्ग पर बाधाएँ काफी हद तक दूर हो गई हैं। प्रशासन से अपेक्षा है कि अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान इस मार्ग पर नियमित निगरानी और रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि मानसून के दौरान भी संपर्क बाधित न हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि बाढ़-प्रवण इस गलियारे पर हर वर्ष आपातकालीन मरम्मत की नौबत क्यों आती है। मानसून-पूर्व बुनियादी ढाँचे की मज़बूती के बजाय 'समय पर बहाली' को उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करने का यह पैटर्न नया नहीं है। जब तक NH-44 जैसे रणनीतिक मार्गों पर स्थायी बाढ़-रोधी संरचनाएँ नहीं बनतीं, हर यात्रा सीज़न से पहले यही चक्र दोहराया जाता रहेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले NH-44 पर कौन से पुल बहाल हुए हैं?
NH-44 पर कालीबाड़ी के पास रावी नदी और सेहर खड्ड पर बने दो पुल बहाल किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गए थे। इनके खुलने से पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच परिवहन संपर्क फिर से सुचारू हो गया है।
ये पुल कब और क्यों बंद हुए थे?
पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ में दोनों पुलों को भारी नुकसान पहुँचा था, जिसके बाद इन पर संचालन बंद कर दिया गया था। इससे इस रणनीतिक गलियारे पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ था।
इन पुलों की बहाली की जानकारी किसने दी?
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। गडकरी ने भी बहाली की पुष्टि करते हुए कहा कि काम निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया गया।
इन पुलों के बहाल होने से अमरनाथ यात्रियों को क्या फायदा होगा?
इन पुलों के खुलने से लाखों अमरनाथ तीर्थयात्रियों को NH-44 पर सुगम आवाजाही मिलेगी। साथ ही माल परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियाँ भी सुचारू होंगी।
NH-44 पर कालीबाड़ी का यह मार्ग क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मार्ग पंजाब और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाला एक रणनीतिक गलियारा है, जिससे न केवल तीर्थयात्री बल्कि माल वाहन और सुरक्षा बल भी आवाजाही करते हैं। अमरनाथ यात्रा के दौरान इस मार्ग पर यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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