अमरनाथ यात्रा से पहले NH-44 पर कालीबाड़ी के दो पुल बहाल, गडकरी को उपराज्यपाल और केंद्रीय मंत्री ने दिया धन्यवाद
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर कालीबाड़ी के निकट रावी नदी और सेहर खड्ड पर स्थित दो रणनीतिक पुलों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य 25 जून 2025 को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। पिछले वर्ष आई अचानक बाढ़ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए ये पुल वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले यातायात के लिए खोल दिए गए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस उपलब्धि की जानकारी साझा की।
पुलों को हुई थी गंभीर क्षति
पिछले वर्ष अचानक आई भीषण बाढ़ के कारण NH-44 पर कालीबाड़ी (कठुआ) के पास रावी नदी और सेहर खड्ड पर बने दोनों पुल बुरी तरह टूट गए थे। इससे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच सड़क संपर्क बाधित हो गया था, जिससे यात्रियों और माल ढुलाई दोनों पर गंभीर असर पड़ा। यह मार्ग न केवल व्यापारिक दृष्टि से बल्कि तीर्थयात्रियों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्राथमिकता के आधार पर हुआ पुनर्निर्माण
गडकरी ने बताया कि इन पुलों की रणनीतिक और यातायात की दृष्टि से अहम भूमिका को देखते हुए पुनर्स्थापना कार्य को प्राथमिकता के आधार पर लिया गया और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि इन पुलों के पुनः चालू होने से यात्रियों और माल ढुलाई की आवाजाही सुचारू होगी तथा अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
उपराज्यपाल और केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसे आगामी श्री अमरनाथ जी यात्रा से पहले अत्यंत शुभ समाचार बताया। उन्होंने कहा, 'एनएच-44 पर कालीबाड़ी के पास रावी नदी और सेहर खड्ड पर बने दो अहम पुल, जो पिछले साल अचानक आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गए थे, उन्हें सफलतापूर्वक ठीक कर लिया गया है। इससे श्री अमरनाथ जी के तीर्थयात्रियों को बहुत फायदा होगा और यात्रियों व सामान की आवाजाही सुचारू रूप से हो सकेगी।' उन्होंने गडकरी का विशेष आभार जताया।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी इस कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने इसे कठुआ जिले के लिए बड़ी राहत बताते हुए कहा कि समय पर पुनर्निर्माण से यात्रियों, व्यापारियों, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों सभी को लाभ होगा। सिंह ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के बुनियादी ढाँचा विकास और जम्मू-कश्मीर में कनेक्टिविटी सुधार पर निरंतर ध्यान का परिणाम बताया।
अमरनाथ यात्रा पर असर
गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं को जम्मू-कश्मीर की ओर आकर्षित करती है और इस दौरान NH-44 पर यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रा शुरू होने से पहले इन पुलों का बहाल होना न केवल तीर्थयात्रियों बल्कि स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए भी राहत की बात है।
आगे क्या
इन पुलों के बहाल होने से पंजाब-जम्मू-कश्मीर के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह सुचारू हो गया है। आने वाले हफ्तों में अमरनाथ यात्रा के मद्देनज़र इस मार्ग पर यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत किए जाने की उम्मीद है।