अमरनाथ यात्रा मार्ग के लिए ₹3,500 करोड़ की सड़क योजना, राज्य मंत्री अजय टम्टा की अध्यक्षता में बैठक
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा की अध्यक्षता में 17 जून को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में बताया गया कि सरकार श्री अमरनाथ जी यात्रा मार्ग पर 60 किलोमीटर लंबे सड़क प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रही है, जिसकी अनुमानित लागत ₹3,500 करोड़ है। यह परियोजना जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रा और पर्यटन अवसंरचना को व्यापक रूप से सुदृढ़ करने की बड़ी योजना का अहम हिस्सा है।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कटरा इंटरमॉडल स्टेशन को ₹880 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा है। यह स्टेशन श्री माता वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेल, सड़क और हेली-सर्विस को एक ही छत के नीचे एकीकृत करेगा।
इसके अलावा, ₹30,000 करोड़ की लागत वाली 54 रोपवे परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से पहले चरण में ₹16,000 करोड़ की 8 परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें 3,880 मीटर ऊँची अमरनाथ गुफा, शंकराचार्य मंदिर, थाजिवास ग्लेशियर, भद्रवाह, सनासर और दूधपथरी जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।
हाई-स्पीड कॉरिडोर और कनेक्टिविटी
₹50,000 करोड़ की लागत से चार हाई-स्पीड कॉरिडोर निर्माणाधीन हैं। इनमें जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर, जम्मू-चेन्नानी-अनंतनाग, श्रीनगर-बारामूला-उरी और जम्मू-अखनूर मार्ग शामिल हैं। ये परियोजनाएँ कश्मीर घाटी, चिनाब घाटी, राजौरी-पुंछ, उत्तर कश्मीर और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुँच को बेहतर बनाएंगी, जिससे पर्यटन, व्यापार और रक्षा गतिशीलता को एक साथ बल मिलेगा।
670 किलोमीटर लंबा दिल्ली-अमृतसर-कटरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे ₹41,000 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के भीतर इसके 143 किलोमीटर हिस्से (₹11,500 करोड़) का निर्माण अगस्त 2027 तक पूरा होने की संभावना है, जिससे दिल्ली-कटरा की दूरी 58 किलोमीटर घट जाएगी।
रिंग रोड और शहरी परिवहन
₹7,200 करोड़ की लागत वाली 104 किलोमीटर श्रीनगर रिंग रोड शहर के यातायात को कम करेगी और बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, गुरेज, कारगिल और लेह से कनेक्टिविटी बढ़ाएगी।
58 किलोमीटर जम्मू रिंग रोड लगभग पूरी हो चुकी है — इसमें से 53 किलोमीटर पहले ही चालू हो चुकी है। 33 किलोमीटर पूर्वी जम्मू रिंग रोड की DPR पर कार्य जारी है।
अगले चरण की परियोजनाएँ
अधिकारियों के अनुसार, अगले चरण में 707 किलोमीटर राजमार्ग परियोजनाओं की DPR तैयार की जाएगी, जिनकी अनुमानित लागत ₹65,000 करोड़ है। इनमें 125 किलोमीटर कटरा-श्रीनगर हाई-स्पीड कॉरिडोर, रफियाबाद-कुपवाड़ा-तंगधार मार्ग (सधना टनल सहित), सुरनकोट-बफलियाज-दूधपथरी-मगाम कॉरिडोर (पीर की गली टनल सहित), सांबा-मानसर-उधमपुर फोर लेन, श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी कॉरिडोर और श्रीनगर-काजीगुंड सेक्शन पर नए सर्विस रोड व अंडरपास शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री गडकरी की भूमिका
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में जोजिला टनल का दौरा कर इन परियोजनाओं पर प्रकाश डाला था और टनल का ब्रेकथ्रू ब्लास्ट शुरू किया था। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी उपस्थित रहे। जोजिला टनल के 2028 के अंत तक चालू होने की उम्मीद है, जो लद्दाख को साल भर कनेक्टिविटी देगी। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढाँचे के जरिये विकास और सुरक्षा दोनों को एक साथ साधने की रणनीति पर काम कर रही है।