15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अमरनाथ यात्रा: 12 दिनों में 3 लाख श्रद्धालु, LG मनोज सिन्हा ने यात्रा सुगम बनाने को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अमरनाथ यात्रा: 12 दिनों में 3 लाख श्रद्धालु, LG मनोज सिन्हा ने यात्रा सुगम बनाने को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

सारांश

मात्र 12 दिनों में 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ अमरनाथ यात्रा 2025 रफ्तार पकड़ रही है। LG मनोज सिन्हा ने भगवती नगर यात्री निवास का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को हर यात्री को 'दिव्य अतिथि' मानने का निर्देश दिया।

मुख्य बातें

अमरनाथ यात्रा शुरू होने के 12 दिनों के भीतर 3 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हो चुके हैं।
LG मनोज सिन्हा ने जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास का दौरा कर सुविधाओं का जायज़ा लिया।
पुलिस, सेना, श्राइन बोर्ड और सिविल प्रशासन के साथ बैठक में यात्रियों को 'दिव्य अतिथि' मानने का निर्देश दिया गया।
राजौरी की ऐतिहासिक 'भैरव यात्रा' को भारत की 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय सूची' में शामिल किया गया।
LG ने जम्मू डिवीजन के आध्यात्मिक-पर्यटन स्थलों के भ्रमण कार्यक्रम और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 15 जुलाई को स्पष्ट किया कि श्री अमरनाथ जी यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए सुगम और परेशानी-मुक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पवित्र यात्रा शुरू होने के मात्र 12 दिनों के भीतर 3 लाख से अधिक श्रद्धालु इसमें भाग ले चुके हैं, जो इस वर्ष की यात्रा की असाधारण सफलता का संकेत है।

भगवती नगर यात्री निवास का दौरा

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास का स्थलीय निरीक्षण किया और यात्रा के लिए उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और सिविल प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। सिन्हा ने अधिकारियों की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए उनसे आग्रह किया कि प्रत्येक यात्री के साथ 'दिव्य अतिथि' जैसा व्यवहार किया जाए।

यात्रियों के लिए व्यवस्थाओं पर जोर

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को त्रुटिहीन पंजीकरण, आरामदायक ठहरने की व्यवस्था और सुगम यात्रा इंतजाम सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि बाबा बर्फानी के सभी भक्तों के लिए यात्रा अनुभव को यादगार बनाना उनकी व्यक्तिगत प्राथमिकता है। गौरतलब है कि इस वर्ष यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।

जम्मू के पर्यटन और हस्तशिल्प को बढ़ावा

सिन्हा ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जम्मू डिवीजन के प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और स्थानीय हस्तशिल्प तथा हथकरघा उत्पादों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि जब भी बाबा अमरनाथ के यात्री घर लौटें, तो वे अपने साथ जम्मू की सुंदर स्थानीय हस्तनिर्मित वस्तुओं और अविस्मरणीय यादों के रूप में जम्मू का एक अंश लेकर जाएं।'

राजौरी की 'भैरव यात्रा' को राष्ट्रीय विरासत सूची में स्थान

राजौरी ज़िले के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की घोषणा करते हुए उपराज्यपाल ने बताया कि ज़िले की ऐतिहासिक 'भैरव यात्रा' को आधिकारिक रूप से भारत की 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय सूची' में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए राजौरी जिला प्रशासन और जम्मू-कश्मीर के संस्कृति विभाग को बधाई दी।

सिन्हा के अनुसार यह राष्ट्रीय सम्मान उन पीढ़ियों के भक्तों के अथक प्रयासों को मान्यता देता है जिन्होंने इस परंपरा को जीवित रखा। इस मान्यता से राजौरी की अनूठी सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मज़बूत होगी तथा शोध, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और टिकाऊ विरासत पर्यटन के नए अवसर खुलेंगे।

आगे की राह

उपराज्यपाल ने संकल्प व्यक्त किया कि सभी संबंधित विभाग मिलकर इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा को 'वास्तव में ऐतिहासिक' बनाएंगे। यात्रा की निर्बाध व्यवस्था और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा एवं सेवाओं की निरंतर समीक्षा जारी रखेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ज़मीनी स्तर पर है — जहाँ भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाएं और मौसम की अनिश्चितता हर वर्ष चुनौती बनती हैं। राजौरी की 'भैरव यात्रा' को राष्ट्रीय विरासत सूची में स्थान मिलना सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, किंतु इसे विरासत पर्यटन में वास्तविक निवेश में बदलने की ज़रूरत होगी। यात्रा को 'ऐतिहासिक' बनाने का संकल्प तभी सार्थक होगा जब श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के अनुपात में बुनियादी ढाँचा भी मज़बूत हो।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा 2025 में अब तक कितने श्रद्धालु शामिल हुए हैं?
यात्रा शुरू होने के मात्र 12 दिनों के भीतर 3 लाख से अधिक श्रद्धालु श्री अमरनाथ जी यात्रा में शामिल हो चुके हैं। यह आंकड़ा इस वर्ष की यात्रा की असाधारण लोकप्रियता को दर्शाता है।
LG मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा के लिए क्या निर्देश दिए?
LG मनोज सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक यात्री के साथ 'दिव्य अतिथि' जैसा व्यवहार किया जाए। उन्होंने त्रुटिहीन पंजीकरण, आरामदायक ठहरने की व्यवस्था और सुगम यात्रा इंतजाम सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
राजौरी की 'भैरव यात्रा' को क्या सम्मान मिला है?
राजौरी ज़िले की ऐतिहासिक 'भैरव यात्रा' को आधिकारिक रूप से भारत की 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय सूची' में शामिल किया गया है। यह मान्यता शोध, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विरासत पर्यटन के नए अवसर खोलेगी।
जम्मू के पर्यटन और हस्तशिल्प को अमरनाथ यात्रा से कैसे जोड़ा जा रहा है?
LG सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जम्मू डिवीजन के प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और स्थानीय हस्तशिल्प व हथकरघा उत्पादों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जाए। लक्ष्य है कि यात्री जम्मू की हस्तनिर्मित वस्तुएं और यादें अपने साथ घर ले जाएं।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में कौन-कौन से विभाग शामिल हैं?
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्था में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बल, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और सिविल प्रशासन संयुक्त रूप से कार्यरत हैं। LG सिन्हा ने इन सभी विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले