अमरनाथ यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत: उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने पवित्र गुफा में की 'प्रथम पूजा'
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने 29 जून 2026 को पवित्र श्री अमरनाथ जी गुफा में 'प्रथम पूजा' अर्पित कर वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत की। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुई यह पवित्र रस्म हर साल यात्रा के आधिकारिक उद्घाटन का प्रतीक मानी जाती है।
जम्मू में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर विशेष अनुष्ठान
यात्रा की शुरुआत से पूर्व जम्मू में तवी नदी के तट पर ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। यह धार्मिक समारोह महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास की उपस्थिति में आयोजित हुआ। जम्मू के डिप्टी कमिश्नर दिनेश चंद्र और स्थानीय विधायकों सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित रहे।
सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स का व्यापक 'ड्राई रन'
यात्रा की संपूर्ण तैयारियों को परखने के लिए मंगलवार को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से एक 'ड्राई रन' (अभ्यास काफिला) रवाना किया गया। यह काफिला जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे से होते हुए उधमपुर से बनिहाल की ओर बढ़ा, जिससे मार्ग पर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया की व्यावहारिक जाँच की जा सके।
इस अभ्यास में जम्मू के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार, आईजीपी जम्मू भीम सेन तुती सहित सिविल प्रशासन, पुलिस, सीआरपीएफ, भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने काफिले की आवाजाही की बारीकी से निगरानी की और कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।
रामबन में 'ड्राई कॉन्वॉय रिहर्सल'
रामबन जिले के चंदरकोट में भी यात्रियों के बिना काफिले का अभ्यास — 'ड्राई कॉन्वॉय रिहर्सल' — किया गया। इस दौरान जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर काफिले की आवाजाही, सुरक्षा घेरे और आपातकालीन प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा हुई। यह रिहर्सल यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि हजारों श्रद्धालुओं की वास्तविक आवाजाही के दौरान किसी भी प्रकार की चूक न हो।
आम श्रद्धालुओं पर असर और आगे की तैयारी
इन अभ्यासों के ज़रिए प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों, ट्रैफिक मैनेजमेंट और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यापक समीक्षा की। गौरतलब है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते हैं, और सुरक्षा एजेंसियों की यह बहु-स्तरीय तैयारी यात्रियों की सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य मानी जाती है। इस वर्ष की यात्रा में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।