अमरनाथ यात्रा 2026: एलजी मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के पंथा चौक यात्री निवास का किया निरीक्षण, 3 जुलाई से शुरू होगी यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार, 18 मई को श्रीनगर जिले के पंथा चौक स्थित श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के यात्री निवास का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति और अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं हेतु की जा रही तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया।
निरीक्षण में क्या हुआ
आधिकारिक बयान के अनुसार, उपराज्यपाल सिन्हा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ बातचीत कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी लंबित निर्माण कार्य यात्रा प्रारंभ होने से पहले पूरे कर लिए जाएँ। उन्होंने बाबा बर्फानी को समर्पित साउंड एंड लाइट शो की तैयारियों की भी समीक्षा की, जो श्रद्धालुओं के अनुभव को और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदीप के. भंडारी, बोर्ड सदस्य मुकेश गर्ग, केंद्रीय कश्मीर रेंज के डीआईजी राजीव पांडे, श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जी. वी. संदीप चक्रवर्ती और श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर अक्षय लाबरू समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यात्रा की तिथियाँ और महत्व
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से आरंभ होगी और 57 दिनों बाद 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर सम्पन्न होगी। समुद्र तल से लगभग 8,880 मीटर की ऊँचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग निर्मित होता है, जिसका आकार चंद्रमा की कलाओं के साथ घटता-बढ़ता है। श्रद्धालु इसे भगवान शिव की दिव्य उपस्थिति का प्रतीक मानते हैं।
मार्ग और सुविधाएँ
गुफा तक पहुँचने के लिए दो पारंपरिक मार्ग उपलब्ध हैं — पहलगाम मार्ग (लंबा, लगभग चार दिन) और बालटाल मार्ग (छोटा, एक ही दिन में दर्शन और वापसी संभव)। दोनों बेस कैंप से हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध रहती है। स्थानीय निवासी घोड़े, पालकी और अन्य सहायता उपलब्ध कराकर यात्रा को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी
प्रशासन हर वर्ष देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं के व्यापक इंतजाम करता है। इस बार भी उपराज्यपाल के निर्देशानुसार तैयारियाँ समय से पहले पूरी करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यह निरीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब यात्रा शुरू होने में छह सप्ताह से भी कम समय बचा है।