अमरनाथ यात्रा 2026: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहलगाम में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, 3 जुलाई से शुरुआत
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 25 जून 2026 को पहलगाम में श्री अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह वार्षिक तीर्थयात्रा 3 जुलाई 2026 से आरंभ होने वाली है और देश भर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुँचने की उम्मीद है।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस समीक्षा बैठक में प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें उपराज्यपाल के प्रधान सचिव एवं श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनदीप के. भंडारी, पहलगाम क्षेत्र के नोडल अधिकारी एवं युवा सेवा व खेल विभाग के आयुक्त सचिव शाहिद इकबाल चौधरी, संभागीय आयुक्त कश्मीर अंशुल गर्ग, पुलिस अधीक्षक कश्मीर वीके बर्डी, यातायात अधीक्षक जम्मू-कश्मीर एम. सुलेमान चौधरी, उपायुक्त अनंतनाग बिलाल मोहिउद्दीन भट और एसएसपी अनंतनाग अमोद नागपुरे अशोक शामिल थे।
मुख्य घटनाक्रम: किन बिंदुओं पर हुई समीक्षा
उपराज्यपाल सिन्हा ने बैठक में रसद व्यवस्था, आवास, स्वास्थ्य सुविधाएँ, स्वच्छता, बिजली और पानी की आपूर्ति, सड़क संपर्क, आरएफआईडी कार्ड प्रणाली, संयुक्त नियंत्रण कक्ष, ट्रैक रखरखाव, पैदल पुल निर्माण, लंगर व्यवस्था, प्रतीक्षा क्षेत्र, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा ढाँचे की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि तीर्थयात्रियों के लिए सुचारू व्यवस्था, पुख्ता सुरक्षा और एक यादगार आध्यात्मिक अनुभव सुनिश्चित किया जाए। गौरतलब है कि यह यात्रा उच्च ऊँचाई वाले दुर्गम क्षेत्र में होती है, जहाँ मौसम, भीड़भाड़ और आपदा प्रबंधन विशेष चुनौतियाँ पेश करते हैं।
आपदा प्रबंधन और सुरक्षा पर विशेष ज़ोर
सिन्हा ने मौसम-आधारित निकासी प्रोटोकॉल, पर्वतीय प्रतिक्रिया दल (एमआरटी) की तैनाती, पारगमन तंबुओं और अग्नि सुरक्षा उपकरणों का गहन निरीक्षण, वास्तविक समय में भीड़ विश्लेषण और सुदृढ़ यातायात प्रबंधन पर विशेष बल दिया। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय, कार्यों को समय पर पूरा करने और नियमित निरीक्षण के निर्देश भी दिए।
यह ऐसे समय में आया है जब पिछले वर्षों में यात्रा मार्ग पर प्राकृतिक आपदाओं और सुरक्षा चुनौतियों के कारण व्यवस्था पर दबाव पड़ा था। प्रशासन ने इस बार पारगमन शिविरों और पड़ाव बिंदुओं पर विश्वसनीय जल एवं बिजली आपूर्ति के साथ-साथ प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती पर विशेष ध्यान दिया है।
उपराज्यपाल का बयान
मीडिया से बात करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बल, केंद्र सरकार और श्राइन बोर्ड ने बाबा अमरनाथ के श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और आध्यात्मिक अनुभव सुनिश्चित करने हेतु सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय निवासी और हितधारक देश भर से आने वाले तीर्थयात्रियों का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
आगे क्या होगा
अनंतनाग के उपायुक्त ने बैठक में तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी, जबकि एसएसपी अनंतनाग ने बहुस्तरीय सुरक्षा ढाँचे को प्रस्तुत किया। 3 जुलाई 2026 से आरंभ होने वाली इस यात्रा को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है और अंतिम तैयारियाँ अंतिम रूप दी जा रही हैं।