28 अगस्त 2026
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छोटी अमरनाथ यात्रा 2026: बांदीपोरा से 108 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

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छोटी अमरनाथ यात्रा 2026: बांदीपोरा से 108 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

सारांश

बांदीपोरा के शारदा माता मंदिर से 108 श्रद्धालुओं का जत्था छोटी अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुआ — कड़ी सुरक्षा, मेडिकल टीम और लंगर के साथ। कुछ वर्षों के अंतराल के बाद यह यात्रा फिर से पटरी पर है और श्रद्धालुओं का उत्साह इसकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।

मुख्य बातें

28 अगस्त 2026 को बांदीपोरा के कालूसा स्थित शारदा माता मंदिर से छोटी अमरनाथ यात्रा आरंभ हुई।
जत्थे में 108 श्रद्धालु शामिल — लगभग 25 महिलाएँ और शेष पुरुष।
श्रद्धालु अरिन डार्डपोरा से पवित्र गुफा तक 7.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा करेंगे।
यात्रा को एडीसी ज़फर हुसैन और एसएसपी बांदीपोरा ने हरी झंडी दिखाई।
मार्ग पर सीआरपीएफ , जम्मू-कश्मीर पुलिस , मेडिकल टीम और लंगर की व्यवस्था।

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में 28 अगस्त 2026 को शुक्रवार सुबह छोटी अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हुई, जब कालूसा स्थित शारदा माता मंदिर से 108 श्रद्धालुओं के जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह यात्रा बांदीपोरा के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीसी) ज़फर हुसैन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बांदीपोरा की उपस्थिति में आरंभ हुई।

यात्रा का मार्ग और स्वरूप

प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष के जत्थे में युवा, महिलाएँ और बुजुर्ग — तीनों वर्गों के श्रद्धालु शामिल हैं। शारदा माता मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को बसों के माध्यम से अरिन डार्डपोरा तक पहुँचाया गया। वहाँ से वे पवित्र गुफा तक लगभग 7.5 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी करेंगे।

श्रद्धालुओं के अनुभव

यात्रा में शामिल एक श्रद्धालु ने बताया, 'इस जत्थे में लगभग 25 महिलाएँ हैं, जबकि शेष 98-100 पुरुष हैं। हम भगवान शंकर के मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जा रहे हैं। हर विभाग से बहुत अच्छा सहयोग मिला है।'

हरियाणा के गुरुग्राम से आए एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, 'जब मैं युवा था तब इस यात्रा में शामिल होता था। कुछ समय के लिए यह बंद हो गई थी, लेकिन जब से यह फिर शुरू हुई है, प्रशासन, सीआरपीएफ और सेना पिछले दो-तीन वर्षों से इसका बेहतरीन आयोजन कर रहे हैं।'

प्रशासन की तैयारियाँ

एडीसी ज़फर हुसैन ने व्यवस्थाओं के बारे में बताया, 'हर साल की तरह इस वर्ष भी यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। ट्रेकिंग रूट तैयार किया गया है, पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है और चिकित्सा सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं।'

सुरक्षा व्यवस्था

यात्रा मार्ग पर सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को जगह-जगह तैनात किया गया है। इसके साथ ही मेडिकल टीम, पेयजल और लंगर की भी व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

यात्रा का महत्त्व

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में धार्मिक पर्यटन को पुनर्जीवित करने के प्रयास जारी हैं। गौरतलब है कि कुछ वर्षों के अंतराल के बाद यह यात्रा फिर से नियमित रूप से आयोजित हो रही है और हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में यात्रा का और अधिक विस्तार होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मात्र 108 श्रद्धालुओं का जत्था यह भी दर्शाता है कि यात्रा अभी भी सीमित पैमाने पर है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था जहाँ श्रद्धालुओं को भरोसा देती है, वहीं यह प्रश्न भी उठता है कि क्षेत्र में पर्यटन और तीर्थाटन को वास्तविक गति देने के लिए केवल सुरक्षा पर्याप्त है या दीर्घकालिक अवसंरचना विकास भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छोटी अमरनाथ यात्रा 2026 कहाँ से शुरू होती है?
छोटी अमरनाथ यात्रा 2026 बांदीपोरा के कालूसा स्थित शारदा माता मंदिर से शुरू होती है। वहाँ से श्रद्धालुओं को बसों द्वारा अरिन डार्डपोरा पहुँचाया जाता है, जहाँ से वे लगभग 7.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर पवित्र गुफा पहुँचते हैं।
इस वर्ष छोटी अमरनाथ यात्रा में कितने श्रद्धालु शामिल हुए?
इस वर्ष 108 श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए, जिनमें लगभग 25 महिलाएँ और शेष पुरुष हैं। जत्थे में युवा, महिलाएँ और बुजुर्ग तीनों वर्ग के श्रद्धालु हैं।
यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं?
यात्रा मार्ग पर सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान जगह-जगह तैनात हैं। इसके अलावा मेडिकल टीम, पेयजल और लंगर की व्यवस्था भी की गई है।
छोटी अमरनाथ यात्रा कुछ वर्षों के लिए क्यों बंद हो गई थी?
स्रोत के अनुसार यात्रा कुछ समय के लिए बंद हो गई थी, हालाँकि इसके विशेष कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। गुरुग्राम से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों से यह यात्रा फिर से नियमित रूप से आयोजित हो रही है।
यात्रा का आयोजन किसने किया और कौन-से अधिकारी उपस्थित थे?
यात्रा का आयोजन बांदीपोरा प्रशासन ने किया। इसे एडीसी ज़फर हुसैन और एसएसपी बांदीपोरा की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाई गई।
राष्ट्र प्रेस
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