अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू: 4,822 श्रद्धालु रवाना, 57 दिन चलेगी पवित्र यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
अमरनाथ यात्रा 2026 शुक्रवार, 4 जुलाई को आधिकारिक रूप से शुरू हो गई। भगवान शिव की पवित्र गुफा के दर्शन के लिए 4,822 श्रद्धालु कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो अलग-अलग मार्गों से रवाना हुए। इस वर्ष यात्रा 28 अगस्त 2026 तक चलेगी — कुल 57 दिन — जिससे पिछले वर्षों की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा का अवसर मिलेगा।
यात्रा का आगाज़: दो मार्गों से रवानगी
यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले, गुरुवार को श्रद्धालुओं का पहला जत्था जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से सुरक्षाबलों की निगरानी में रवाना हुआ। यह जत्था गांदरबल जिले के बालटाल और अनंतनाग जिले के नुनवान (पहलगाम) — दोनों आधार शिविरों पर पहुँचा।
कुल 4,822 श्रद्धालु सुरक्षा घेरे में चल रहे दो काफिलों के साथ निकले। इनमें 2,510 श्रद्धालु नुनवान (पहलगाम) आधार शिविर और 2,312 श्रद्धालु बालटाल आधार शिविर पहुँचे।
अधिकारियों का स्वागत और आश्वासन
बालटाल पहुँचने पर श्रद्धालुओं का जम्मू-कश्मीर के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले तथा परिवहन मंत्री सतीश शर्मा, सशस्त्र पुलिस के उप महानिरीक्षक मकसूद उल ज़मान, गांदरबल के उपायुक्त जतिन किशोर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधांशु धामा ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया कि गांदरबल पुलिस, नागरिक प्रशासन, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों के समन्वय से व्यापक सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और जनसुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा और लॉजिस्टिक इंतज़ाम
प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की मदद के लिए 'हेल्पिंग हैंड' टीमें, सहायता केंद्र (असिस्टेंस बूथ) तथा 24 घंटे पुलिस तैनाती की है। इसका उद्देश्य मार्गदर्शन, आपातकालीन सहायता और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना है।
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सुरक्षा बल, नागरिक प्रशासन, स्थानीय निवासी, सेवा प्रदाता और स्वयंसेवकों ने मिलकर इस वर्ष की यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए समन्वित प्रयास किए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य को लेकर देशभर में सतर्कता बरती जा रही है।
श्रद्धालुओं से अपील
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने और यात्रा के दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ पूरा सहयोग करने की अपील की। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और यादगार यात्रा अनुभव देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
गौरतलब है कि 57 दिनों की यह यात्रा अवधि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले हफ्तों में लाखों श्रद्धालुओं के पवित्र गुफा के दर्शन के लिए पहुँचने की संभावना है।