17 अगस्त 2026
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ट्रंप का 'नो थैंक्स' पर गुस्सा: दक्षिण कोरिया संग सैन्य अभ्यास में कटौती, किम से नज़दीकी का संकेत

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ट्रंप का 'नो थैंक्स' पर गुस्सा: दक्षिण कोरिया संग सैन्य अभ्यास में कटौती, किम से नज़दीकी का संकेत

सारांश

ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के 'नो थैंक्स' के बाद सैन्य अभ्यासों में कटौती का आदेश दिया और किम जोंग-उन के साथ 'बहुत अच्छे संबंधों' का हवाला दिया। यह दशकों पुराने अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन में असामान्य दरार का संकेत है — ऐसे वक्त में जब उत्तर कोरिया मिसाइल परीक्षण कर रहा है।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 17 अगस्त को रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास 'काफी हद तक' कम करने का निर्देश दिया।
ट्रंप ने खुलासा किया कि दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के अमेरिकी प्रयास में शामिल होने से 'नो थैंक्स' कहकर इनकार किया।
ट्रंप ने किम जोंग-उन के साथ 2019 पनमुनजोम मुलाकात की तस्वीर साझा कर दोनों के 'बहुत अच्छे संबंधों' का हवाला दिया।
दक्षिण कोरिया में इस समय करीब 28,500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं; यह गठबंधन दशकों पुराना है।
उत्तर कोरिया हाल ही में बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण कर चुका है, जिससे यह कटौती और अधिक विवादास्पद बन गई है।
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली ने 15 अगस्त को उत्तर कोरिया से बातचीत की अपील की थी, लेकिन प्योंगयांग ने अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार, 17 अगस्त को दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों में 'बड़ी कटौती' का आदेश देकर एशिया में अमेरिकी सुरक्षा नीति को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। इस फैसले से कुछ घंटे पहले ट्रंप ने स्वयं खुलासा किया था कि दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के अमेरिकी प्रयास में शामिल होने से इनकार कर दिया था — जिसे ट्रंप ने 'नो थैंक्स' बताया। यह घटनाक्रम सोल और वाशिंगटन के बीच बढ़ती कूटनीतिक दूरी का ताज़ा संकेत है।

क्या था 'नो थैंक्स' मोमेंट

ट्रंप ने रविवार सुबह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने हाल ही में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से पूछा था कि क्या सोल ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के अमेरिकी प्रयास में भागीदार बनना चाहेगा। ट्रंप के अनुसार, उन्हें जवाब मिला — 'नो थैंक्स।' उन्होंने इस बातचीत का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया, लेकिन उसी पोस्ट में उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों को 'काफी हद तक' कम करने का निर्देश देने की घोषणा कर दी।

ट्रंप ने इन अभ्यासों को 'महंगा' बताते हुए कहा कि इनकी लागत का बड़ा हिस्सा अमेरिका वहन करता है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि ये अभ्यास उत्तर कोरिया को 'पूरी तरह अनुचित और शत्रुतापूर्ण' संदेश भेजते हैं।

किम जोंग-उन से नज़दीकी की कोशिश

सैन्य अभ्यासों में कटौती की घोषणा से एक दिन पहले, शनिवार को, ट्रंप ने 2019 में पनमुनजोम में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ हुई मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने कहा कि तस्वीरों में भले ही वे अनमने दिख रहे हों, लेकिन दोनों के बीच संबंध 'बहुत अच्छे' हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि सैन्य अभ्यासों में कटौती का फैसला किम के साथ उनके 'व्यक्तिगत संबंधों' को ध्यान में रखकर लिया गया है।

गौरतलब है कि अमेरिका पहले ही संकेत दे चुका है कि ट्रंप प्योंगयांग के साथ बिना पूर्व शर्त के बातचीत के लिए तैयार हैं। इस रुख से यह स्पष्ट होता है कि ट्रंप एक ओर सोल से रणनीतिक असंतोष जता रहे हैं, तो दूसरी ओर प्योंगयांग के साथ व्यक्तिगत कूटनीति की खिड़की फिर से खोलने की कोशिश कर रहे हैं।

दक्षिण कोरिया से बढ़ती तल्खी की पृष्ठभूमि

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने सोल पर निशाना साधा है। अप्रैल में व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम में भी उन्होंने दक्षिण कोरिया को अमेरिका के लिए 'मददगार नहीं' बताया था। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के साथ जारी संघर्ष के दौरान ट्रंप को दक्षिण कोरिया जैसे सहयोगियों से उतना समर्थन नहीं मिला, जितनी उन्हें अपेक्षा थी।

दक्षिण कोरिया की धरती पर इस समय करीब 28,500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। दशकों पुराने इस सुरक्षा गठबंधन के बावजूद ट्रंप का मौजूदा रुख असामान्य माना जा रहा है, खासकर तब जब उत्तर कोरिया अपनी सैन्य क्षमता लगातार बढ़ा रहा है और हाल ही में बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण भी कर चुका है।

उत्तर कोरिया का पक्ष और दक्षिण कोरिया की दुविधा

उत्तर कोरिया ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों को लंबे समय से 'युद्ध की तैयारी' बताकर आलोचना करता रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका और दक्षिण कोरिया इन्हें अपनी सैन्य तैयारी और प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने का अनिवार्य हिस्सा मानते हैं।

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की स्वयं की नीति भी उलझी हुई है। उन्होंने 15 अगस्त को उत्तर कोरिया के साथ बातचीत फिर शुरू करने की अपील की थी, लेकिन प्योंगयांग ने अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है। एक तरफ वे उत्तर कोरिया से संवाद की वकालत कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्योंगयांग अपना परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम मजबूत करता जा रहा है।

ईरान युद्ध और व्यापक रणनीतिक संदर्भ

ट्रंप के इस फैसले को केवल कोरियाई प्रायद्वीप तक सीमित करके देखना उचित नहीं होगा। ईरान संघर्ष पाँच महीने से अधिक समय से जारी है और इसने अमेरिका की विदेश नीति, ऊर्जा कीमतों और घरेलू राजनीति पर दबाव बढ़ाया है। कुछ पर्यवेक्षकों का मानना है कि सैन्य अभ्यासों में कटौती की घोषणा से ट्रंप ईरान युद्ध से जुड़े घरेलू दबाव से ध्यान हटाने की कोशिश भी कर सकते हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ट्रंप की यह रणनीति किम जोंग-उन को बातचीत की मेज पर वापस ला पाएगी — और क्या इस प्रक्रिया में दशकों पुराना अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन कमज़ोर होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सोची-समझी रणनीतिक पुनर्स्थापना है — जो एशिया में अमेरिकी प्रतिबद्धताओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस वक्त उत्तर कोरिया मिसाइल परीक्षण कर रहा है, उसी वक्त सैन्य अभ्यास घटाना प्रतिरोध की भाषा को कमज़ोर करता है और प्योंगयांग को अनजाने में प्रोत्साहन दे सकता है। 'नो थैंक्स' को सार्वजनिक रूप से उजागर करना कूटनीतिक परंपराओं के विरुद्ध है और सोल को अपमानित करने जैसा है — जो एक ऐसे सहयोगी के साथ है जिसकी धरती पर 28,500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। व्यक्तिगत कूटनीति पर ट्रंप का यह दांव 2018-19 में भी आज़माया जा चुका है और उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के मामले में कोई ठोस नतीजा नहीं दे सका था।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास क्यों घटाए?
ट्रंप ने दो कारण बताए — पहला, अभ्यासों की लागत का बड़ा हिस्सा अमेरिका उठाता है; दूसरा, ये अभ्यास उत्तर कोरिया को 'शत्रुतापूर्ण' संदेश देते हैं। इसके अलावा, दक्षिण कोरिया द्वारा ईरान मुद्दे पर 'नो थैंक्स' कहने के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ती तल्खी भी इस फैसले की पृष्ठभूमि में है।
दक्षिण कोरिया ने ट्रंप को 'नो थैंक्स' क्यों कहा?
ट्रंप के अनुसार, उन्होंने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से पूछा था कि क्या सोल ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के अमेरिकी प्रयास में शामिल होगा, जिस पर जवाब 'नो थैंक्स' मिला। ट्रंप ने इस बातचीत का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया।
क्या ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच फिर बातचीत होगी?
अमेरिका ने संकेत दिया है कि ट्रंप प्योंगयांग के साथ बिना पूर्व शर्त बातचीत के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने किम के साथ 'बहुत अच्छे संबंधों' का हवाला देते हुए 2019 की पनमुनजोम मुलाकात की तस्वीर भी साझा की, लेकिन कोई औपचारिक वार्ता की तारीख अभी तय नहीं है।
दक्षिण कोरिया में कितने अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और क्या उन्हें वापस बुलाया जाएगा?
दक्षिण कोरिया में इस समय करीब 28,500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। ट्रंप के आदेश में केवल संयुक्त सैन्य अभ्यासों में कटौती का उल्लेख है — सैनिकों की वापसी का कोई संकेत नहीं दिया गया है।
उत्तर कोरिया की हालिया सैन्य गतिविधियाँ क्या हैं?
उत्तर कोरिया हाल ही में बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण कर चुका है और लगातार अपने परमाणु एवं मिसाइल कार्यक्रम को मजबूत कर रहा है। इसके बावजूद प्योंगयांग ने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली की 15 अगस्त की बातचीत की अपील पर अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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