18 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

किम जोंग उन ने ट्रंप के बातचीत प्रस्ताव का दिया 'बहुत सकारात्मक' जवाब: व्हाइट हाउस

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
किम जोंग उन ने ट्रंप के बातचीत प्रस्ताव का दिया 'बहुत सकारात्मक' जवाब: व्हाइट हाउस

सारांश

ट्रंप ने दावा किया कि किम जोंग उन ने उनके बातचीत प्रस्ताव का 'बहुत सकारात्मक' जवाब दिया है — लेकिन न माध्यम बताया, न समय। साथ ही दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों में भारी कटौती का आदेश देकर उन्होंने प्योंगयांग को स्पष्ट संकेत दिया है।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 18 अगस्त 2026 को दावा किया कि किम जोंग उन ने उनके बातचीत प्रस्ताव का 'बहुत सकारात्मक' जवाब दिया है।
ट्रंप ने किस माध्यम से या कब संपर्क हुआ, इसका कोई ब्यौरा नहीं दिया; उत्तर कोरिया की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं।
ट्रंप ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को दक्षिण कोरिया -अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यासों में 'काफी कमी' करने का निर्देश दिया।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि अमेरिका उत्तर कोरिया से 'बिना किसी पूर्व शर्त' के बातचीत को तैयार है।
ट्रंप-किम की पहले कार्यकाल में सिंगापुर (2018) , हनोई (2019) और पनमुनजोम (2019) में तीन मुलाकातें हो चुकी हैं।
इस बार उत्तर कोरिया का उन्नत परमाणु कार्यक्रम और रूस के साथ गहरे सैन्य संबंध कूटनीति को पहले से कहीं अधिक जटिल बनाते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 अगस्त 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने उनके बातचीत के प्रस्ताव का जवाब दिया है और यह संवाद 'बहुत सकारात्मक' रहा। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किम ने किस माध्यम से और कब संपर्क किया, और उत्तर कोरिया की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

व्हाइट हाउस में क्या हुआ

सोमवार को व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि किम ने उनके प्रस्ताव का जवाब क्यों नहीं दिया, तो उन्होंने पलटकर कहा, 'आपको कैसे पता कि उन्होंने जवाब नहीं दिया?' इसके बाद उन्होंने पुष्टि की कि किम ने वास्तव में जवाब दिया है।

ट्रंप ने किम के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि किम ने हमेशा उनके साथ 'बहुत सम्मान' के साथ व्यवहार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह किम को समझते हैं और किम भी उन्हें समझते हैं।

सैन्य अभ्यासों में कटौती का संकेत

रिपोर्टों के अनुसार, किम का यह कथित जवाब ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों में 'काफी कमी' करने का आदेश दिया है। ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा था कि उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इन अभ्यासों को 'काफी कम' करने का निर्देश दिया है।

ट्रंप के अनुसार, ये अभ्यास न केवल महंगे हैं, बल्कि उत्तर कोरिया को 'अनुचित और शत्रुतापूर्ण' संकेत भी देते हैं। प्योंगयांग लंबे समय से इन अभ्यासों को अपने खिलाफ युद्ध की तैयारी बताता रहा है। ट्रंप ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य स्थिति को 'और सुरक्षित' बनाना है, न कि अमेरिका की सुरक्षा को कमजोर करना।

अमेरिकी विदेश विभाग का रुख

अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ 'बिना किसी पूर्व शर्त' के बातचीत के लिए तैयार है। विभाग ने कहा कि ट्रंप ने यह रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया में तैनात करीब 39,000 अमेरिकी सैनिकों का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी की सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता है।

2018-19 की कूटनीति से तुलना

गौरतलब है कि ट्रंप और किम के बीच उनके पहले कार्यकाल में तीन आमने-सामने मुलाकातें हो चुकी हैं। पहली मुलाकात जून 2018 में सिंगापुर में हुई थी, इसके बाद फरवरी 2019 में हनोई और जून 2019 में पनमुनजोम में दोनों नेता मिले थे। हालांकि, वे वार्ताएं परमाणु निरस्त्रीकरण पर किसी ठोस समझौते के बिना समाप्त हो गई थीं।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है और रूस के साथ उसके सैन्य संबंध भी गहरे हुए हैं — जो 2018-19 की तुलना में कहीं अधिक जटिल भू-राजनीतिक परिदृश्य है।

आगे क्या होगा

ट्रंप के ताजा बयान से उनकी व्यक्तिगत कूटनीति को फिर से सक्रिय करने की संभावना बढ़ी है, लेकिन उत्तर कोरिया की ओर से किसी भी आधिकारिक प्रतिक्रिया के अभाव में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। विश्लेषकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या दोनों पक्ष किसी औपचारिक संवाद की दिशा में आगे बढ़ते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

2018 की उसी शैली की याद दिलाता है जब व्यक्तिगत रसायन को कूटनीतिक प्रगति का पर्याय मान लिया गया था — और परिणाम शून्य रहा था। इस बार दांव ऊंचे हैं: उत्तर कोरिया के पास तब से कहीं अधिक उन्नत परमाणु क्षमता है और रूस के साथ उसकी सैन्य साझेदारी एक नया चर जोड़ती है। सैन्य अभ्यासों में कटौती का आदेश बिना किसी सत्यापन योग्य प्रतिफल के दिया गया, जो सियोल और टोक्यो को असहज करेगा। असली परीक्षा यह है कि क्या यह 'सकारात्मक' संकेत किसी सत्यापन-आधारित ढाँचे में तब्दील होता है — या महज एक और शिखर-सम्मेलन की सुर्खी बनकर रह जाता है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने किम जोंग उन के जवाब के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने 18 अगस्त 2026 को व्हाइट हाउस में दावा किया कि किम जोंग उन ने उनके बातचीत प्रस्ताव का जवाब दिया है और यह संवाद 'बहुत सकारात्मक' रहा। हालांकि, उन्होंने संपर्क के माध्यम या समय का कोई ब्यौरा नहीं दिया।
क्या उत्तर कोरिया ने ट्रंप के दावे की पुष्टि की है?
नहीं। उत्तर कोरिया की ओर से ट्रंप के कथित प्रस्ताव या किम के जवाब की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास क्यों घटाए?
ट्रंप ने कहा कि ये अभ्यास महंगे हैं और उत्तर कोरिया को 'अनुचित और शत्रुतापूर्ण' संकेत देते हैं। उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इन अभ्यासों में 'काफी कमी' करने का निर्देश दिया और इसे उत्तर कोरिया के साथ संवाद की दिशा में एक कदम बताया।
ट्रंप और किम की पहले कितनी मुलाकातें हो चुकी हैं?
ट्रंप के पहले कार्यकाल में दोनों नेताओं के बीच तीन आमने-सामने मुलाकातें हुईं — जून 2018 में सिंगापुर, फरवरी 2019 में हनोई, और जून 2019 में पनमुनजोम। ये वार्ताएं परमाणु निरस्त्रीकरण पर किसी ठोस समझौते के बिना समाप्त हो गई थीं।
इस बार उत्तर कोरिया से वार्ता पहले से अलग क्यों है?
2018-19 की तुलना में उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को काफी आगे बढ़ाया है और रूस के साथ उसके सैन्य संबंध गहरे हुए हैं। ये दोनों कारक नई कूटनीतिक कोशिशों को पहले से कहीं अधिक जटिल बनाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 9 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले