किम जोंग उन ने ट्रंप के बातचीत प्रस्ताव का दिया 'बहुत सकारात्मक' जवाब: व्हाइट हाउस
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 अगस्त 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने उनके बातचीत के प्रस्ताव का जवाब दिया है और यह संवाद 'बहुत सकारात्मक' रहा। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किम ने किस माध्यम से और कब संपर्क किया, और उत्तर कोरिया की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
व्हाइट हाउस में क्या हुआ
सोमवार को व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि किम ने उनके प्रस्ताव का जवाब क्यों नहीं दिया, तो उन्होंने पलटकर कहा, 'आपको कैसे पता कि उन्होंने जवाब नहीं दिया?' इसके बाद उन्होंने पुष्टि की कि किम ने वास्तव में जवाब दिया है।
ट्रंप ने किम के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि किम ने हमेशा उनके साथ 'बहुत सम्मान' के साथ व्यवहार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह किम को समझते हैं और किम भी उन्हें समझते हैं।
सैन्य अभ्यासों में कटौती का संकेत
रिपोर्टों के अनुसार, किम का यह कथित जवाब ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों में 'काफी कमी' करने का आदेश दिया है। ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा था कि उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इन अभ्यासों को 'काफी कम' करने का निर्देश दिया है।
ट्रंप के अनुसार, ये अभ्यास न केवल महंगे हैं, बल्कि उत्तर कोरिया को 'अनुचित और शत्रुतापूर्ण' संकेत भी देते हैं। प्योंगयांग लंबे समय से इन अभ्यासों को अपने खिलाफ युद्ध की तैयारी बताता रहा है। ट्रंप ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य स्थिति को 'और सुरक्षित' बनाना है, न कि अमेरिका की सुरक्षा को कमजोर करना।
अमेरिकी विदेश विभाग का रुख
अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ 'बिना किसी पूर्व शर्त' के बातचीत के लिए तैयार है। विभाग ने कहा कि ट्रंप ने यह रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया में तैनात करीब 39,000 अमेरिकी सैनिकों का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी की सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता है।
2018-19 की कूटनीति से तुलना
गौरतलब है कि ट्रंप और किम के बीच उनके पहले कार्यकाल में तीन आमने-सामने मुलाकातें हो चुकी हैं। पहली मुलाकात जून 2018 में सिंगापुर में हुई थी, इसके बाद फरवरी 2019 में हनोई और जून 2019 में पनमुनजोम में दोनों नेता मिले थे। हालांकि, वे वार्ताएं परमाणु निरस्त्रीकरण पर किसी ठोस समझौते के बिना समाप्त हो गई थीं।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है और रूस के साथ उसके सैन्य संबंध भी गहरे हुए हैं — जो 2018-19 की तुलना में कहीं अधिक जटिल भू-राजनीतिक परिदृश्य है।
आगे क्या होगा
ट्रंप के ताजा बयान से उनकी व्यक्तिगत कूटनीति को फिर से सक्रिय करने की संभावना बढ़ी है, लेकिन उत्तर कोरिया की ओर से किसी भी आधिकारिक प्रतिक्रिया के अभाव में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। विश्लेषकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या दोनों पक्ष किसी औपचारिक संवाद की दिशा में आगे बढ़ते हैं।