5 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अमरनाथ यात्रा 2026: चौथा जत्था जम्मू से रवाना, 6,721 श्रद्धालु 291 वाहनों के काफिले में

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अमरनाथ यात्रा 2026: चौथा जत्था जम्मू से रवाना, 6,721 श्रद्धालु 291 वाहनों के काफिले में

सारांश

अमरनाथ यात्रा 2026 का चौथा जत्था 5 जुलाई को जम्मू से रवाना हुआ — 6,721 श्रद्धालु, 291 वाहन, बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा। लेकिन यात्रा के दौरान पवित्र गुफा के पास हार्ट अटैक से दो तीर्थयात्रियों की मौत ने ऊँचाई पर स्वास्थ्य जोखिम को एक बार फिर रेखांकित किया है।

मुख्य बातें

5 जुलाई 2026 को अमरनाथ यात्रा का चौथा जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुआ।
कुल 6,721 तीर्थयात्री 291 वाहनों के काफिले में बालटाल और पहलगाम के लिए निकले।
जत्थे में 4,576 पुरुष , 1,310 महिलाएँ , 572 साधु , 154 साध्वियाँ और 87 विदेशी श्रद्धालु शामिल हैं।
पिछले दो दिनों में हार्ट अटैक से 2 तीर्थयात्रियों की मृत्यु — एक जामनगर (गुजरात) से, दूसरे करनाल (हरियाणा) से।
CCTV , ड्रोन सर्विलांस , अर्धसैनिक बल और नुनवान व बालटाल पर आधारभूत अस्पताल तैनात।

अमरनाथ यात्रा 2026 के अंतर्गत श्रद्धालुओं का चौथा जत्था 5 जुलाई 2026 को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से पवित्र गुफा की ओर रवाना हुआ। प्रशासन के अनुसार, कुल 6,721 तीर्थयात्री 291 वाहनों के काफिले में बालटाल और पहलगाम के दोहरे बेस कैंपों के लिए निकले। यह यात्रा का अब तक का सबसे बड़े जत्थों में से एक है।

जत्थे की संरचना

जम्मू स्थित जोनल पुलिस कंट्रोल रूम (ZPCR) के आंकड़ों के अनुसार, चौथे जत्थे में 4,576 पुरुष श्रद्धालु, 1,310 महिला श्रद्धालु, 22 बच्चे, 572 साधु, 154 साध्वियाँ, 38 विदेशी पुरुष और 49 विदेशी महिला श्रद्धालु शामिल हैं। काफिले में 134 बसें, 37 मध्यम मोटर वाहन (MMV) और 120 हल्के मोटर वाहन (LMV) तैनात हैं।

बालटाल मार्ग पर 152 वाहन — जिनमें 50 बसें, 12 MMV और 90 LMV शामिल हैं — रवाना हुए। वहीं पहलगाम मार्ग पर 139 वाहनों के काफिले में 84 बसें, 25 MMV और 30 LMV शामिल हैं।

सुरक्षा व्यवस्था

यात्रा मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ-साथ एस्कॉर्टेड काफिले, CCTV निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और नियमित गश्त के ज़रिये पूरे मार्ग पर नज़र रखी जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

गौरतलब है कि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने नुनवान और बालटाल चिकित्सा चौकियों पर आधारभूत अस्पताल स्थापित किए हैं। यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों — चंदनवारी, शेषनाग, पंचतरणी — पर चिकित्सा शिविर और आपातकालीन सहायता केंद्र भी संचालित हैं।

दो तीर्थयात्रियों की मृत्यु

यात्रा के दौरान पिछले दो दिनों में पवित्र गुफा के निकट हार्ट अटैक के कारण दो तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई। परवीन छगनलाल परवन, जो गुजरात के जामनगर जिले के विभापार निवासी थे, कालीमाता स्थल पर बेहोश हो गए। संयुक्त बचाव दल ने उन्हें तत्काल पवित्र गुफा स्थित चिकित्सा केंद्र पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दूसरे तीर्थयात्री अरुण कुमार (52 वर्ष), निवासी करनाल, हरियाणा, को शनिवार को साँस लेने में गंभीर तकलीफ हुई। उन्हें भी तत्काल पवित्र गुफा चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनका निधन हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब यात्रा क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है और ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कमी एक सतत चुनौती बनी रहती है।

आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर

हजारों यात्री नुनवान, पहलगाम, चंदनवारी, शेषनाग, पंचतरणी और बालटाल में पड़ाव डाले हुए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने, मौसम की जानकारी पर ध्यान देने और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का अनुपालन करने की अपील की है।

अधिकारियों का कहना है कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में और जत्थों के रवाना होने के साथ यात्रा मार्ग पर निगरानी और चिकित्सा सुविधाएँ और सघन की जाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

721 श्रद्धालुओं के चौथे जत्थे का रवाना होना यात्रा की विशाल लोकप्रियता को दर्शाता है, लेकिन दो दिनों में दो मौतें यह भी याद दिलाती हैं कि ऊँचाई पर हृदय संबंधी जोखिम प्रबंधन अभी भी अधूरा है। SASB हर वर्ष चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार का दावा करता है, फिर भी पवित्र गुफा तक के दुर्गम मार्ग पर गंभीर मामलों में 'गोल्डन ऑवर' के भीतर उपचार मिलना कठिन बना रहता है। सुरक्षा का बहुस्तरीय ढाँचा आतंकी खतरों से निपटने में सक्षम दिखता है, लेकिन स्वास्थ्य जोखिम — जो सांख्यिकीय रूप से अधिक जानलेवा साबित होते हैं — उतनी ही प्राथमिकता माँगते हैं।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा 2026 का चौथा जत्था कब और कहाँ से रवाना हुआ?
चौथा जत्था 5 जुलाई 2026 को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुआ। इसमें 6,721 श्रद्धालु 291 वाहनों के काफिले में बालटाल और पहलगाम के बेस कैंपों के लिए निकले।
चौथे जत्थे में किस तरह के श्रद्धालु शामिल हैं?
जत्थे में 4,576 पुरुष, 1,310 महिलाएँ, 22 बच्चे, 572 साधु, 154 साध्वियाँ और 87 विदेशी श्रद्धालु (38 पुरुष, 49 महिलाएँ) शामिल हैं। परिवहन के लिए 134 बसें, 37 MMV और 120 LMV तैनात हैं।
यात्रा के दौरान मौतें क्यों हुईं और मृतक कौन थे?
पिछले दो दिनों में पवित्र गुफा के पास हार्ट अटैक से दो तीर्थयात्रियों की मृत्यु हुई। परवीन छगनलाल परवन (जामनगर, गुजरात) कालीमाता स्थल पर बेहोश हुए और चिकित्सा केंद्र में मृत घोषित किए गए; अरुण कुमार (52 वर्ष, करनाल, हरियाणा) को साँस लेने में तकलीफ के बाद चिकित्सा केंद्र ले जाया गया जहाँ उनका निधन हो गया।
अमरनाथ यात्रा 2026 में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं?
यात्रा मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है — पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती, एस्कॉर्टेड काफिले, CCTV निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और नियमित गश्त। नुनवान और बालटाल पर आधारभूत अस्पताल तथा मार्ग पर चिकित्सा शिविर स्थापित हैं।
अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्गों पर काफिले कैसे विभाजित हैं?
बालटाल मार्ग पर 152 वाहन (50 बसें, 12 MMV, 90 LMV) और पहलगाम मार्ग पर 139 वाहन (84 बसें, 25 MMV, 30 LMV) रवाना हुए। दोनों मार्गों पर एस्कॉर्ट के साथ काफिला संचालित हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 20 घंटे पहले
  2. कल
  3. 2 दिन पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले