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कृति सेनन के ज्वेलरी विज्ञापन विवाद पर मधु चोपड़ा बोलीं — 'गरिमा और दूसरों की भावनाओं का सम्मान ज़रूरी'

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कृति सेनन के ज्वेलरी विज्ञापन विवाद पर मधु चोपड़ा बोलीं — 'गरिमा और दूसरों की भावनाओं का सम्मान ज़रूरी'

सारांश

कृति सेनन के रक्षाबंधन ज्वेलरी विज्ञापन पर उठे विवाद में अब मधु चोपड़ा की एंट्री — उन्होंने कहा कि 'मेरा शरीर, मेरी मर्जी' सीमाओं के अंदर ही काम करती है। विज्ञापन पहले कृति ने हटाया, फिर ब्रांड ने भी माफी माँगी। बहस अब व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सांस्कृतिक गरिमा के बीच की लकीर पर है।

मुख्य बातें

मधु चोपड़ा ने 28 अगस्त को एक कार्यक्रम में कहा कि गरिमा बनाए रखना और दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना ज़रूरी है।
कृति सेनन का विवादित विज्ञापन रक्षाबंधन के लिए एक ज्वेलरी ब्रांड का था, जिसमें उन्होंने ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज़, केप और ड्रेप स्कर्ट पहनी थी।
ट्रोलिंग के बाद कृति सेनन ने सोशल मीडिया पर सफाई दी और विज्ञापन हटाने की घोषणा की।
ब्रांड ने भी बुधवार को इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर विज्ञापन सभी प्लेटफॉर्म से हटाने की पुष्टि की।
यह विवाद बॉलीवुड में 'व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनाम सांस्कृतिक संवेदनशीलता' की व्यापक बहस को फिर से केंद्र में ले आया है।

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा की माँ मधु चोपड़ा ने 28 अगस्त को एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत करते हुए कृति सेनन के विवादित फेस्टिव ज्वेलरी विज्ञापन पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता ज़रूरी है, लेकिन गरिमा और दूसरों की भावनाओं का सम्मान उससे भी ज़्यादा मायने रखता है। यह विवाद रक्षाबंधन के मौसम में एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में कृति के पहनावे को लेकर शुरू हुआ था।

मधु चोपड़ा ने क्या कहा

मधु चोपड़ा ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'कुछ सीमाएं तो होनी चाहिए। मेरा शरीर, मेरी मर्जी, इन सीमाओं के अंदर ही काम करता है। ऐसा करना अच्छी बात है, लेकिन वो सीमाएं भी ज़रूरी हैं कि आप अपनी गरिमा को कैसे बनाए रखते हैं और दूसरों की भावनाओं का कितना सम्मान करते हैं — यह बहुत मायने रखता है।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'आप इसे ऐसी जगह कर सकते हैं जहाँ ये चीज़ें आम हैं। यह कहते हुए दुख हो रहा है कि हमारे बच्चे भी इसे पहनते हैं — वे इसे काम के लिए, अपने शौक के लिए पहनते हैं। लेकिन यह स्वीकार्य है क्योंकि उन जगहों पर यह चलता है।'

विवाद की पृष्ठभूमि

कृति सेनन एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन में ऑफ-व्हाइट रंग की ड्रेस में नज़र आई थीं, जिसमें ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज़, केप और ड्रेप स्कर्ट शामिल था। विज्ञापन सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ आने लगीं और ट्रोलिंग का दौर शुरू हो गया।

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उठा जब त्योहारी सीज़न में ब्रांड विज्ञापनों की सांस्कृतिक संवेदनशीलता पर राष्ट्रीय बहस पहले से ही तेज़ है।

कृति सेनन और ब्रांड की प्रतिक्रिया

ट्रोलिंग के जवाब में कृति सेनन ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'हम भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का बहुत सम्मान करते हैं। एक ब्रांड के तौर पर हम हमेशा से इन खुशियों के मौकों को पूरे परिवार के साथ मनाने में विश्वास रखते हैं और इस बार हम इस प्यार और जश्न को अपने पालतू जानवरों तक भी ले जाना चाहते थे।'

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, 'अगर हमारे हालिया विज्ञापन से अनजाने में समाज के किसी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुँची है, तो हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं था। सम्मान के तौर पर हमने उक्त विज्ञापन को सभी प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।'

कृति के बयान के एक दिन बाद ब्रांड ने भी विज्ञापन हटा दिया। बुधवार को ब्रांड ने इंस्टाग्राम पर एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वह भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का पूरा सम्मान करता है।

सोशल मीडिया पर व्यापक बहस

इस विवाद ने बॉलीवुड हस्तियों और आम दर्शकों के बीच 'व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनाम सांस्कृतिक संवेदनशीलता' की बहस को नई धार दी है। मधु चोपड़ा की टिप्पणी इस चर्चा में एक वरिष्ठ फिल्म उद्योग हस्ती का संतुलित दृष्टिकोण मानी जा रही है।

आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि इस विवाद का ब्रांड की साख और कृति सेनन की सार्वजनिक छवि पर दीर्घकालिक असर क्या होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सवाल को टालता है — विज्ञापन की 'स्वीकार्यता' तय करने का अधिकार किसे है और वह मानक कैसे बनता है। कृति सेनन और ब्रांड का माफी माँगकर विज्ञापन हटाना एक नज़ीर बनाता है जो भविष्य में रचनात्मक स्वतंत्रता को और संकुचित कर सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब ब्रांड और कलाकार दोनों सोशल मीडिया की भीड़ के दबाव में त्वरित माफी को जोखिम प्रबंधन का उपकरण मान रहे हैं। असली सवाल यह है कि क्या यह 'सम्मान' है या 'दबाव में झुकना' — और दोनों के बीच की रेखा कौन खींचेगा।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृति सेनन के विज्ञापन पर विवाद क्यों हुआ?
कृति सेनन एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन में ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज़, केप और ड्रेप स्कर्ट पहने नज़र आईं, जिसे कई लोगों ने त्योहारी संदर्भ में सांस्कृतिक दृष्टि से अनुचित बताया। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं और ट्रोलिंग के बाद यह विवाद राष्ट्रीय बहस बन गया।
मधु चोपड़ा ने इस विवाद पर क्या कहा?
मधु चोपड़ा ने 28 अगस्त को एक कार्यक्रम में कहा कि 'मेरा शरीर, मेरी मर्जी' सीमाओं के अंदर काम करती है और गरिमा बनाए रखना तथा दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना ज़रूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ पहनावे कुछ खास जगहों पर स्वीकार्य होते हैं, जहाँ वे आम हैं।
क्या कृति सेनन और ब्रांड ने विज्ञापन हटा दिया?
हाँ, पहले कृति सेनन ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए विज्ञापन हटाने की घोषणा की। इसके एक दिन बाद ब्रांड ने भी बुधवार को इंस्टाग्राम पर आधिकारिक बयान जारी कर विज्ञापन सभी प्लेटफॉर्म से हटाने की पुष्टि की।
कृति सेनन ने ट्रोल्स को क्या जवाब दिया था?
कृति सेनन ने लिखा कि वे भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का पूरा सम्मान करती हैं और इस विज्ञापन के ज़रिए त्योहारी खुशी को पालतू जानवरों तक भी पहुँचाना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि अगर किसी की भावनाएं अनजाने में आहत हुई हैं तो यह उनका इरादा नहीं था।
यह विवाद किस बड़ी बहस से जुड़ा है?
यह विवाद बॉलीवुड और विज्ञापन जगत में 'व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनाम सांस्कृतिक संवेदनशीलता' की चल रही बहस से जुड़ा है। सोशल मीडिया के दबाव में ब्रांड और कलाकारों द्वारा विज्ञापन वापस लेना एक बढ़ती प्रवृत्ति बन रही है।
राष्ट्र प्रेस
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