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कृति सेनन का करारा जवाब: 'संस्कृति दिलों में होती है, नेकलाइन में नहीं' — कंगना की टिप्पणी पर पलटवार

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कृति सेनन का करारा जवाब: 'संस्कृति दिलों में होती है, नेकलाइन में नहीं' — कंगना की टिप्पणी पर पलटवार

सारांश

एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन में इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहनने पर कृति सेनन की आलोचना हुई और कंगना रनौत ने बिना नाम लिए निशाना साधा। कृति ने इंस्टाग्राम पर करारा जवाब दिया — 'संस्कृति दिलों में होती है, नेकलाइन में नहीं।'

मुख्य बातें

कृति सेनन के एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन में इंडो-वेस्टर्न आउटफिट को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ा।
कंगना रनौत ने बिना नाम लिए इंस्टाग्राम स्टोरी पर विज्ञापन की स्टाइलिंग पर सवाल उठाए।
कृति ने 25 अगस्त को इंस्टाग्राम पोस्ट से जवाब दिया — 'संस्कृति और परंपराएँ महिला के दिल में होती हैं, नेकलाइन में नहीं।' कृति ने कहा कि रक्षाबंधन का अर्थ कपड़ों में नहीं, परंपरा के प्रति भावनाओं में है।
यह विवाद महिलाओं के पहनावे और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर व्यापक बहस का रूप ले चुका है।

बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन ने 25 अगस्त को इंस्टाग्राम पर एक भावनात्मक और स्पष्टवादी पोस्ट के ज़रिए उस विवाद पर चुप्पी तोड़ी, जो एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन में उनके इंडो-वेस्टर्न आउटफिट को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ा था। अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा बिना नाम लिए की गई टिप्पणी के बाद यह विवाद और तेज़ हो गया था।

विवाद की शुरुआत कहाँ से हुई

एक प्रमुख ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन में कृति सेनन ने ऑफ-व्हाइट रंग का इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहना, जिसमें ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज़, ड्रेप्ड स्कर्ट और केप शामिल थे। विज्ञापन सार्वजनिक होते ही कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस पहनावे को त्योहार की भावना के अनुरूप नहीं बताया और ऑनलाइन आलोचना शुरू हो गई।

यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़ के विज्ञापनों में 'उचित' पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर बहसें आम होती जा रही हैं।

कंगना रनौत की इंस्टाग्राम स्टोरी

मामला तब और सुर्खियों में आया जब अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने कृति सेनन का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी बातों को इसी विज्ञापन से जोड़कर देखा गया।

कंगना ने लिखा, 'महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियाँ कई तरह के कपड़ों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लहंगा चोली, जींस से साड़ी और बिकिनी से सलवार-कमीज़ तक, आज हमारे पास कपड़ों के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहाँ गए? यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।'

कृति सेनन का पलटवार

कृति सेनन ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, 'त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपड़ों में नहीं है, बल्कि उन परंपराओं के प्रति भावनाओं और उनके महत्व में है। रक्षाबंधन का त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। मैं और मेरी बहन एक-दूसरे को राखी बाँधती हैं और एक-दूसरे की सुरक्षा, अच्छी सेहत, खुशी और लंबी उम्र की कामना करती हैं।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'मेरे लिए यह प्यार, प्रार्थना और एक-दूसरे की देखभाल का रिश्ता हमारे डॉग्स तक भी पहुँचता है, क्योंकि वे भी हमारे परिवार का हिस्सा हैं।'

महिलाओं के पहनावे पर सवाल

कृति ने अपनी पोस्ट में एक तीखा सवाल उठाया — 'हम महिलाओं को यह बताना आखिर कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? समय के एथनिक फैशन में भी काफी बदलाव आया है, लेकिन आज भी किसी महिला के कल्चर के प्रति सम्मान को उसके कपड़ों से मापा जाता है। संस्कृति और परंपराएँ महिला के दिल में होती हैं, नेकलाइन में नहीं।'

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बॉलीवुड अभिनेत्री को त्योहारी विज्ञापन में पहनावे को लेकर ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा हो। यह बहस भारतीय फैशन, सांस्कृतिक पहचान और महिलाओं की स्वायत्तता के व्यापक सवालों को भी छूती है।

आगे क्या

कृति की पोस्ट पर बड़ी संख्या में फैंस और सेलेब्रिटीज़ ने समर्थन जताया है। यह विवाद अब केवल एक विज्ञापन तक सीमित नहीं रहा — यह सोशल मीडिया पर महिलाओं के पहनावे और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक व्यापक बहस का रूप ले चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह उस पुरानी और थकाऊ परंपरा की अगली कड़ी है जिसमें महिला की देशभक्ति या सांस्कृतिक निष्ठा उसके कपड़ों से मापी जाती है। कंगना रनौत, जो खुद महिला सशक्तिकरण की बात करती हैं, ने बिना नाम लिए जो टिप्पणी की वह इसी दोहरे मानदंड को उजागर करती है। कृति का जवाब व्यक्तिगत से अधिक सामाजिक है — और यही इसे केवल एक सेलेब्रिटी झड़प से ऊपर उठाता है। सवाल यह नहीं कि विज्ञापन 'सही' था या नहीं, सवाल यह है कि महिलाओं के पहनावे पर 'सांस्कृतिक प्रहरी' बनने का अधिकार किसे है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृति सेनन और कंगना रनौत के बीच विवाद क्या है?
एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन में कृति सेनन के इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पर सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। कंगना रनौत ने बिना नाम लिए इंस्टाग्राम स्टोरी पर विज्ञापन की स्टाइलिंग पर सवाल उठाए, जिसके बाद कृति ने इंस्टाग्राम पोस्ट से जवाब दिया।
कृति सेनन ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में क्या कहा?
कृति ने कहा कि त्योहारों का मतलब कपड़ों में नहीं, परंपराओं के प्रति भावनाओं में है। उन्होंने लिखा — 'संस्कृति और परंपराएँ महिला के दिल में होती हैं, नेकलाइन में नहीं' — और सवाल उठाया कि महिलाओं को पहनावे के बारे में निर्देश देना कब बंद होगा।
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी में क्या लिखा था?
कंगना ने बिना कृति का नाम लिए लिखा कि आज महिलाओं के पास कपड़ों के अनेक विकल्प हैं, फिर भी 'बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी बाँधना' उचित नहीं लगता। उन्होंने विज्ञापन को 'जानबूझकर अजीब' बताया।
रक्षाबंधन विज्ञापन में कृति सेनन ने क्या पहना था?
विज्ञापन में कृति ने ऑफ-व्हाइट रंग का इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहना था, जिसमें ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज़, ड्रेप्ड स्कर्ट और केप शामिल थे। इस लुक को कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने त्योहार के हिसाब से अनुचित बताया।
इस विवाद का व्यापक सामाजिक संदर्भ क्या है?
यह विवाद महिलाओं के पहनावे, सांस्कृतिक पहचान और व्यक्तिगत स्वायत्तता की बड़ी बहस का हिस्सा है। कृति की पोस्ट ने यह सवाल उठाया कि क्या किसी महिला की सांस्कृतिक निष्ठा उसके कपड़ों से मापी जानी चाहिए — एक ऐसा प्रश्न जो भारतीय सोशल मीडिया पर बार-बार उठता है।
राष्ट्र प्रेस
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