कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन पर बवाल, ट्रोलिंग के बाद ज्वेलरी ब्रांड ने हटाया कैंपेन
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन का एक रक्षाबंधन विज्ञापन सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना का केंद्र बन गया, जिसके बाद संबंधित ज्वेलरी ब्रांड ने बुधवार, 27 अगस्त को यह कैंपेन सभी प्लेटफॉर्म से हटा लिया। विवाद की जड़ में कृति का इंडो-वेस्टर्न आउटफिट था, जिसे कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने त्योहार की परंपराओं के अनुकूल नहीं माना।
विज्ञापन में क्या था विवादित
प्रश्नाधीन विज्ञापन में कृति सेनन ने ऑफ-व्हाइट इंडो-वेस्टर्न परिधान पहना था, जिसमें ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, ड्रेप्ड स्कर्ट और केप शामिल था। विज्ञापन सामने आते ही कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार के लिए अनुपयुक्त बताते हुए आलोचना शुरू कर दी। इस विज्ञापन में पालतू कुत्तों को भी परिवार के सदस्य के रूप में शामिल किया गया था, जो ब्रांड के अनुसार परिवार की व्यापक अवधारणा को दर्शाता था।
ब्रांड की प्रतिक्रिया और माफ़ीनामा
ज्वेलरी ब्रांड ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। ब्रांड ने कहा, 'हम भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का सम्मान करते हैं। एक ब्रांड के तौर पर हमारा हमेशा से मानना रहा है कि इन खुशियों भरे पलों को पूरे परिवार के साथ सेलिब्रेट किया जाए। इस बार हम इस प्यार और जश्न में अपने पालतू जानवरों को भी शामिल करना चाहते थे लेकिन अगर विज्ञापन से समाज के किसी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं, तो इसके लिए हमें खेद है। हमने विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का फैसला किया है।' यह बयान विवाद शुरू होने के महज़ एक दिन बाद आया।
कृति सेनन का पलटवार
25 अगस्त को कृति सेनन ने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट लिखकर आलोचकों को जवाब दिया। उन्होंने लिखा, 'त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपड़ों में नहीं है बल्कि उन परंपराओं के प्रति भावनाओं और उनके महत्व में है। रक्षाबंधन का त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। मैं और मेरी बहन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं और एक-दूसरे की सुरक्षा, अच्छी सेहत, खुशी और लंबी उम्र की कामना करती हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि यह प्यार उनके पालतू कुत्तों तक भी फैला है क्योंकि वे भी परिवार का हिस्सा हैं।
कृति ने महिलाओं के पहनावे पर समाज की नज़र पर भी सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, 'हम महिलाओं को यह बताना आखिर कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? समय के एथनिक फैशन में भी काफी बदलाव आया है, लेकिन आज भी किसी महिला के कल्चर के प्रति सम्मान को उसके कपड़ों से मापा जाता है। संस्कृति और परंपराएं महिला के दिल में होती हैं, नेकलाइन में नहीं।'
कंगना रनौत का बयान और विवाद का विस्तार
मामला तब और उलझा जब अभिनेत्री व सांसद कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने कृति का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी को इसी विज्ञापन से जोड़कर देखा गया। कंगना ने लिखा, 'महिला होने के लिए यह शानदार समय है... फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।' यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा हुई और बहस को और हवा दी।
आगे क्या
ब्रांड द्वारा विज्ञापन वापस लिए जाने के बाद यह विवाद विज्ञापन उद्योग में महिलाओं के पहनावे, सांस्कृतिक संवेदनशीलता और ब्रांड की जवाबदेही पर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी त्योहारी विज्ञापन को सोशल मीडिया दबाव के चलते वापस लेना पड़ा हो। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ब्रांड कोई संशोधित कैंपेन लाता है या इस विवाद से पूरी तरह किनारा कर लेता है।