विजयपुरा: पारिवारिक विवाद के बाद माँ ने 5 बच्चों समेत भूतानाला झील में लगाई छलांग, 6 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के विजयपुरा जिले में एक दर्दनाक पारिवारिक त्रासदी सामने आई है, जिसमें 35 वर्षीय शोभा जलागेरी ने अपने पाँच बच्चों सहित भूतानाला झील में कूदकर जान दे दी। 26 अगस्त 2026 को झील से छह शव बरामद किए गए, जिसके बाद पुलिस ने गहन जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, घर से निकलने से पहले शोभा और उसके पति के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी।
मुख्य घटनाक्रम
24 अगस्त 2026 को विजयपुरा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में तोरवी शांति नगर निवासी मल्लिकार्जुन जलागेरी ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पत्नी शोभा और पाँच बच्चे घर से लापता हैं। शिकायत के अनुसार, घर छोड़ने से पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई थी।
इसके दो दिन बाद, आदर्श नगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली भूतानाला झील से शोभा और उसके पाँचों बच्चों के शव बरामद हुए। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए बीएलडीई अस्पताल भेजा।
मृतकों की पहचान
पुलिस के अनुसार, झील से बरामद छह शवों की पहचान इस प्रकार हुई:
माँ शोभा जलागेरी (35 वर्ष), बड़ी बेटी विद्या (15 वर्ष), बेटी सुवर्णा (13 वर्ष), बेटा टिप्पराया (12 वर्ष), बेटी सानिका (10 वर्ष) और सबसे छोटा बेटा विकास (6 वर्ष)। मृतकों में तीन बेटियाँ और दो बेटे शामिल हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
आदर्श नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मामले की गहन जाँच शुरू की है। पुलिस पारिवारिक कलह की प्रकृति और पृष्ठभूमि की पड़ताल कर रही है। अभी तक किसी के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं होने की जानकारी है, हालाँकि जाँच जारी है।
कर्नाटक में एक और पारिवारिक त्रासदी
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कर्नाटक में पारिवारिक दबाव से जुड़ी त्रासदियों की खबरें लगातार आ रही हैं। इससे पहले 11 अगस्त को नीट की तैयारी कर रही 19 वर्षीय ऐजा ने केरल में 2 जून को आत्महत्या की थी। कुछ हफ्ते बाद उसके 24 वर्षीय भाई अर्जुन महेश का शव होटल के कमरे में फंदे से लटका मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएँ परिवारों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और संकट परामर्श की गंभीर कमी को उजागर करती हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस मल्लिकार्जुन जलागेरी के बयान और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद मौत की सटीक परिस्थितियाँ स्पष्ट होने की उम्मीद है। यह मामला कर्नाटक में पारिवारिक संकट प्रबंधन और सामाजिक सहायता तंत्र पर नए सिरे से बहस छेड़ सकता है।