शिवमोग्गा भूस्खलन: तीर्थहल्ली में भारी बारिश से तीन की मौत, तीन साल का बच्चा भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली तालुक में 2 अगस्त 2026 की तड़के करीब 2:30 बजे मूसलाधार बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक अस्थायी झोपड़ी मलबे में दब गई, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई — इनमें तीन वर्षीय बच्चा संतोष भी शामिल है। मलनाड क्षेत्र में जारी भारी वर्षा ने एक बार फिर पश्चिमी घाट की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है।
हादसे का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार यह घटना तीर्थहल्ली के इंदिरा नगर में हुई, जब मलनाड क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक ढह गया। भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें उस झोपड़ी पर आ गिरीं, जहाँ परिवार के सदस्य दिन भर की मजदूरी के बाद सो रहे थे।
मृतकों की पहचान मल्लिकार्जुन (30 वर्ष), उनकी पत्नी नागवेणी (27 वर्ष) और उनके तीन वर्षीय पुत्र संतोष के रूप में हुई है। यह परिवार कोप्पल जिले के गंगावती तालुक के कक्करागोल गाँव से रोज़गार की तलाश में यहाँ आया था।
बचाव अभियान और घायल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की टीमें मौके पर पहुँचीं। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों लोगों के शव बाहर निकाले गए।
मलबे में फँसे एक अन्य मजदूर हनुमंथ को बचाव दल ने सुरक्षित निकाला और तीर्थहल्ली के जयचामराजेंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। पास की एक अन्य झोपड़ी में रह रहे कुछ अन्य लोग भी घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रेल सेवाएँ और व्यापक असर
भूस्खलन का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। शनिवार रात येडकुमारी और श्रीवागिलु रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक पर भूस्खलन होने के बाद रविवार को मंगलुरु और यशवंतपुर के बीच ट्रेन सेवाएँ रद्द कर दी गई हैं। रेलवे की राहत सामग्री लेकर जाने वाली एक विशेष ट्रेन प्रभावित स्थल पर पहुँच चुकी है।
पूर्व में भी हुई थी जनहानि
गौरतलब है कि यह इस मानसून सीज़न में कर्नाटक में पहली ऐसी घटना नहीं है। 1 जुलाई की तड़के मंगलुरु के कंकनाडी नागोरी इलाके में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से एक मकान ढह गया था, जिसमें एक महिला और दो किशोरियों सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे में तीन अन्य लोगों को स्थानीय निवासियों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के जवानों ने मलबे से सुरक्षित निकाला था।
अधिकारियों की अपील
अधिकारी लगातार हो रही बारिश के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं। प्रशासन ने भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। पश्चिमी घाट के मलनाड क्षेत्र में मानसून के दौरान इस प्रकार की आपदाओं की पुनरावृत्ति एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।