2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शिवमोग्गा भूस्खलन: तीर्थहल्ली में भारी बारिश से तीन की मौत, तीन साल का बच्चा भी शामिल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शिवमोग्गा भूस्खलन: तीर्थहल्ली में भारी बारिश से तीन की मौत, तीन साल का बच्चा भी शामिल

सारांश

कर्नाटक के शिवमोग्गा में मानसून की तबाही — तीर्थहल्ली के इंदिरा नगर में रात के अँधेरे में आए भूस्खलन ने एक प्रवासी मजदूर परिवार को लील लिया। मल्लिकार्जुन, नागवेणी और उनके तीन साल के बेटे संतोष की मौत ने पश्चिमी घाट में कच्ची बस्तियों की असुरक्षा को एक बार फिर सामने ला दिया।

मुख्य बातें

2 अगस्त 2026 की तड़के 2:30 बजे शिवमोग्गा के तीर्थहल्ली तालुक के इंदिरा नगर में भूस्खलन से अस्थायी झोपड़ी मलबे में दबी।
मृतकों में मल्लिकार्जुन (30) , नागवेणी (27) और उनका तीन वर्षीय पुत्र संतोष शामिल हैं।
यह परिवार कोप्पल जिले के कक्करागोल गाँव से मजदूरी के लिए आया था।
घायल मजदूर हनुमंथ को बचाव दल ने निकाला; जयचामराजेंद्र अस्पताल में उपचार जारी।
मंगलुरु–यशवंतपुर के बीच ट्रेन सेवाएँ रद्द; रेलवे ट्रैक पर भी भूस्खलन का असर।
इससे पहले 1 जुलाई को मंगलुरु के कंकनाडी नागोरी में भी भूस्खलन से 3 लोगों की मौत हो चुकी है।

कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली तालुक में 2 अगस्त 2026 की तड़के करीब 2:30 बजे मूसलाधार बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक अस्थायी झोपड़ी मलबे में दब गई, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई — इनमें तीन वर्षीय बच्चा संतोष भी शामिल है। मलनाड क्षेत्र में जारी भारी वर्षा ने एक बार फिर पश्चिमी घाट की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है।

हादसे का घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार यह घटना तीर्थहल्ली के इंदिरा नगर में हुई, जब मलनाड क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक ढह गया। भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें उस झोपड़ी पर आ गिरीं, जहाँ परिवार के सदस्य दिन भर की मजदूरी के बाद सो रहे थे।

मृतकों की पहचान मल्लिकार्जुन (30 वर्ष), उनकी पत्नी नागवेणी (27 वर्ष) और उनके तीन वर्षीय पुत्र संतोष के रूप में हुई है। यह परिवार कोप्पल जिले के गंगावती तालुक के कक्करागोल गाँव से रोज़गार की तलाश में यहाँ आया था।

बचाव अभियान और घायल

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की टीमें मौके पर पहुँचीं। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों लोगों के शव बाहर निकाले गए।

मलबे में फँसे एक अन्य मजदूर हनुमंथ को बचाव दल ने सुरक्षित निकाला और तीर्थहल्ली के जयचामराजेंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। पास की एक अन्य झोपड़ी में रह रहे कुछ अन्य लोग भी घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रेल सेवाएँ और व्यापक असर

भूस्खलन का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। शनिवार रात येडकुमारी और श्रीवागिलु रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक पर भूस्खलन होने के बाद रविवार को मंगलुरु और यशवंतपुर के बीच ट्रेन सेवाएँ रद्द कर दी गई हैं। रेलवे की राहत सामग्री लेकर जाने वाली एक विशेष ट्रेन प्रभावित स्थल पर पहुँच चुकी है।

पूर्व में भी हुई थी जनहानि

गौरतलब है कि यह इस मानसून सीज़न में कर्नाटक में पहली ऐसी घटना नहीं है। 1 जुलाई की तड़के मंगलुरु के कंकनाडी नागोरी इलाके में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से एक मकान ढह गया था, जिसमें एक महिला और दो किशोरियों सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे में तीन अन्य लोगों को स्थानीय निवासियों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के जवानों ने मलबे से सुरक्षित निकाला था।

अधिकारियों की अपील

अधिकारी लगातार हो रही बारिश के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं। प्रशासन ने भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। पश्चिमी घाट के मलनाड क्षेत्र में मानसून के दौरान इस प्रकार की आपदाओं की पुनरावृत्ति एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कच्ची झोपड़ियों में पहाड़ी ढलानों के नीचे रहते हैं, सबसे पहले इन आपदाओं की चपेट में आते हैं, फिर भी भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में अस्थायी बस्तियों के नियमन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिखती। पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल की सिफारिशें वर्षों से लंबित हैं। जब तक प्रशासन पूर्व-चेतावनी तंत्र और प्रवासी मजदूरों के लिए सुरक्षित आवास को प्राथमिकता नहीं देता, हर मानसून में ऐसे नाम सुर्खियों में आते रहेंगे।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवमोग्गा के तीर्थहल्ली में भूस्खलन कब और कहाँ हुआ?
यह भूस्खलन 2 अगस्त 2026 की तड़के करीब 2:30 बजे तीर्थहल्ली तालुक के इंदिरा नगर में हुआ। मलनाड क्षेत्र में लगातार मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी का एक हिस्सा ढहकर एक अस्थायी झोपड़ी पर आ गिरा।
भूस्खलन में किन लोगों की मौत हुई?
मृतकों की पहचान मल्लिकार्जुन (30 वर्ष), उनकी पत्नी नागवेणी (27 वर्ष) और उनके तीन वर्षीय पुत्र संतोष के रूप में हुई है। यह परिवार कोप्पल जिले के गंगावती तालुक के कक्करागोल गाँव से मजदूरी के लिए यहाँ आया था।
बचाव अभियान में क्या हुआ और घायलों का क्या हाल है?
पुलिस और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की टीमों ने घटनास्थल पर पहुँचकर कई घंटों की मशक्कत के बाद तीनों शव बाहर निकाले। मलबे में फँसे मजदूर हनुमंथ को सुरक्षित निकालकर तीर्थहल्ली के जयचामराजेंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
इस भूस्खलन से रेल यातायात पर क्या असर पड़ा?
शनिवार रात येडकुमारी और श्रीवागिलु रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक पर भूस्खलन के बाद रविवार को मंगलुरु और यशवंतपुर के बीच ट्रेन सेवाएँ रद्द कर दी गईं। रेलवे की एक विशेष राहत ट्रेन प्रभावित स्थल पर पहुँच चुकी है।
क्या इस मानसून में कर्नाटक में पहले भी भूस्खलन हुए हैं?
हाँ, 1 जुलाई 2026 की तड़के मंगलुरु के कंकनाडी नागोरी इलाके में भूस्खलन से एक मकान ढह गया था, जिसमें एक महिला और दो किशोरियों सहित तीन लोगों की मौत हुई थी। उस हादसे में NDRF और स्थानीय निवासियों ने तीन अन्य लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले