ईरान का दावा: केशम द्वीप पर अमेरिकी MQ-9 ड्रोन फिर मार गिराया, विदेश मंत्री अराघची की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
ईरान ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को एक और अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के अनुसार, ईरान की वायु रक्षा प्रणाली ने बुधवार सुबह 2:29 बजे केशम द्वीप के हवाई क्षेत्र में इस अमेरिकी ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों को खारिज किया है।
मुख्य घटनाक्रम
IRIB ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर यह जानकारी साझा की। यह घटना उस समय सामने आई है जब पिछले कुछ दिनों में ईरान की ओर से लगातार ऐसे दावे किए जा रहे हैं। मंगलवार को भी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट के हवाई क्षेत्र में एक MQ-1 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया था।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (IRNA) के अनुसार, IRGC के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि अमेरिकी ड्रोन को होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से के आसमान में देखा गया, जिसके बाद स्ट्रेट की एयरोस्पेस फोर्स की 'नई उन्नत वायु रक्षा प्रणाली' ने उसे नष्ट कर दिया। IRGC के अनुसार यह कार्रवाई ईरान के एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क की निगरानी और नियंत्रण में की गई।
पिछले सप्ताह का घटनाक्रम
IRGC के अनुसार, पिछले सप्ताह भी होर्मुज क्षेत्र के ऊपर ईरानी वायु रक्षा प्रणाली ने एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया था। IRGC ने कहा है कि जब से अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की है, तब से ईरानी वायु रक्षा बलों ने कथित तौर पर दर्जनों लड़ाकू और जासूसी ड्रोन समेत कई अन्य विमानों को मार गिराया है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया और ईरान की चेतावनी
अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के इन सभी दावों को बेबुनियाद बताया है। इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर पोस्ट करते हुए तीखा जवाब दिया। उन्होंने लिखा, 'तथ्य: अमेरिकी सेना के सैकड़ों ठिकाने तबाह हो गए और दर्जनों विमान जलकर क्षतिग्रस्त हो गए (स्रोत: पेंटागन)।'
अराघची ने आगे लिखा कि 'यह तो सिर्फ शुरुआत है।' उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई और अमेरिकी सैनिकों के वास्तविक नुकसान की जानकारी उचित समय आने पर सार्वजनिक की जाएगी। अराघची ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने ईरान के बारे में झूठ बेचा है, उनके लिए सच्चाई सामने आने पर स्थिति अच्छी नहीं होगी।
व्यापक संदर्भ और असर
यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट — जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है — के आसपास तनाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि दोनों पक्षों के दावे परस्पर विरोधाभासी हैं और स्वतंत्र पुष्टि अभी तक संभव नहीं हो पाई है। आने वाले दिनों में अमेरिकी और ईरानी सैन्य बयान स्थिति की दिशा तय करने में निर्णायक होंगे।