ईरान ने बुशहर के पास अमेरिकी ड्रोन मार गिराया, IRGC ने अमेरिकी एयर बेस पर किया जवाबी हमला
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के दक्षिणी प्रांत बुशहर में 29 मई 2026 की रात एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए गए और ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एक अमेरिकी ड्रोन को मिसाइल दागकर मार गिराया गया। इसके बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बंदर अब्बास पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में एक अमेरिकी एयर बेस को निशाना बनाया। खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है।
मुख्य घटनाक्रम
अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान की एयर डिफेंस प्रणाली ने बुशहर के निकट एक अमेरिकी ड्रोन को मिसाइल से रोक दिया। समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार ईरानी सेना ने देश के दक्षिणी इलाकों से कुछ लक्ष्यों पर मिसाइलें भी दागीं, जबकि कुछ स्थानीय सूत्रों ने खाड़ी क्षेत्र में व्यापक झड़पों की आशंका जताई।
समाचार एजेंसी मेहर ने बताया कि ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास चार जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की। कथित तौर पर ये जहाज ईरान से समन्वय किए बिना जलमार्ग पार करने का प्रयास कर रहे थे।
गुरुवार तड़के ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास शहर के पूर्वी हिस्से में तीन धमाकों की खबर दी। बाद में कई अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि अमेरिकी सेना ने रातभर ईरान में हमले किए और एक ऐसे सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया जिसे वाशिंगटन ने अमेरिकी सैनिकों और व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा बताया था।
IRGC का जवाबी दावा
IRGC ने आधिकारिक बयान में कहा कि बंदर अब्बास पर अमेरिकी हमलों के प्रतिउत्तर में उसने एक अमेरिकी एयर बेस पर हमला किया। यह घटनाक्रम उस युद्धविराम के महज़ कुछ हफ्तों बाद सामने आया है जिस पर ईरान, अमेरिका और इजरायल ने 40 दिनों की लड़ाई के बाद 8 अप्रैल 2026 को सहमति जताई थी।
शांति वार्ता और $24 अरब का विवाद
गौरतलब है कि मंगलवार को ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं में अपने $24 अरब के फ्रीज फंड जारी करने की माँग उठाई थी। तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार यह माँग युद्ध समाप्ति को लेकर हो रही बातचीत के दौरान रखी गई। इससे पहले 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में शांति वार्ता हुई थी, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। पिछले कुछ हफ्तों में दोनों पक्षों ने संघर्ष समाप्ति की शर्तों को लेकर कई प्रस्तावों का आदान-प्रदान किया है।
क्षेत्रीय असर और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट — जिससे दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल पारगमन करता है — पर नियंत्रण को लेकर तनाव पहले से बना हुआ था। ताज़ा घटनाक्रम से क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर असर की आशंका बढ़ गई है। दोनों पक्षों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक संयुक्त बयान सामने नहीं आया है, और स्थिति तेज़ी से बदल रही है।