13 जुलाई 2026
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होर्मुज तनाव: अमेरिका ने ईरान के 4 ड्रोन मार गिराए, बंदर अब्बास ड्रोन केंद्र पर हमला; ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया

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होर्मुज तनाव: अमेरिका ने ईरान के 4 ड्रोन मार गिराए, बंदर अब्बास ड्रोन केंद्र पर हमला; ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया

सारांश

होर्मुज जलडमरूमध्य में एक हफ्ते में दूसरी बड़ी सैन्य भिड़ंत — अमेरिका ने 4 ईरानी ड्रोन मार गिराए और बंदर अब्बास ड्रोन केंद्र पर हमला किया, तो ईरान के आईआरजीसी ने अज्ञात अमेरिकी एयरबेस पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया। दुनिया के 20% तेल व्यापार के इस गलियारे में सीधे टकराव का खतरा बढ़ता जा रहा है।

मुख्य बातें

अमेरिकी सेंटकाम ने 28 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के 4 ड्रोन मार गिराने की पुष्टि की।
बंदर अब्बास क्षेत्र में स्थित ईरानी ड्रोन नियंत्रण केंद्र को भी अमेरिकी बलों ने निशाना बनाया, जहाँ एक और ड्रोन लॉन्च की तैयारी थी।
यह एक सप्ताह में ईरान पर दूसरी बड़ी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई है; सोमवार को ईरानी बोट्स भी निशाने पर थीं।
ईरान के आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने स्थानीय समय सुबह 4:50 बजे एक अमेरिकी एयरबेस पर जवाबी हमला किया, हालाँकि एयरबेस का स्थान नहीं बताया।
ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को संघर्षविराम का उल्लंघन बताते हुए अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ करार दिया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने 28 मई को पुष्टि की कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट ईरान के चार ड्रोन मार गिराए और दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र में स्थित एक ड्रोन नियंत्रण केंद्र पर हमला किया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह एक सप्ताह के भीतर ईरान पर दूसरी बड़ी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई है, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

सेंटकाम ने कहा कि उसके बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी और वाणिज्यिक जहाजों को खतरे में डाल रहे चार ईरानी ड्रोन को नष्ट किया। इसके साथ ही उस ड्रोन नियंत्रण केंद्र को भी निशाना बनाया गया जहाँ एक और ड्रोन लॉन्च की तैयारी चल रही थी।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, बंदर अब्बास शहर के पूर्वी इलाके में मंगलवार सुबह तीन धमाकों की आवाज सुनी गई, जिसके तुरंत बाद ईरान ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया। गौरतलब है कि सोमवार को भी ईरानी बोट्स को निशाना बनाया गया था।

अमेरिका का पक्ष

सेंटकाम ने इस पूरी कार्रवाई को 'आत्म-रक्षा' के तहत उठाया गया कदम बताया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते खतरों को रोकना और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले शिपिंग मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

ईरान की प्रतिक्रिया और जवाबी दावा

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी एयरबेस पर जवाबी हमला किया। तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से आईआरजीसी ने कहा कि यह हमला स्थानीय समय के अनुसार सुबह 4:50 बजे किया गया — हालाँकि ईरान ने यह नहीं बताया कि लक्षित एयरबेस किस देश में स्थित था।

तेहरान ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह मौजूदा संघर्षविराम का सीधा उल्लंघन है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका लगातार क्षेत्र में तनाव बढ़ा रहा है और उसकी सैन्य कार्रवाइयाँ अंतरराष्ट्रीय नियमों के विरुद्ध हैं।

व्यापक संदर्भ और असर

यह टकराव ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य — जिससे दुनिया का लगभग 20% तेल व्यापार गुज़रता है — पहले से ही भू-राजनीतिक दबाव में है। एक सप्ताह में दो बड़ी सैन्य कार्रवाइयाँ यह संकेत देती हैं कि दोनों देशों के बीच सीधी झड़प का जोखिम तेज़ी से बढ़ रहा है।

आलोचकों का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट कूटनीतिक चैनल के इस तरह की जवाबी कार्रवाइयाँ क्षेत्रीय अस्थिरता को और गहरा कर सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब इस पर टिकी हैं कि क्या दोनों पक्ष संयम बरतेंगे या यह टकराव और बड़े संघर्ष में तब्दील होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे क्षेत्रीय सहयोगियों में अनिश्चितता बढ़ती है। होर्मुज से गुज़रने वाले वैश्विक तेल व्यापार को देखते हुए, किसी भी अनियंत्रित भड़काव का असर सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने होर्मुज के पास ईरान के ड्रोन क्यों मार गिराए?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ये ड्रोन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी और वाणिज्यिक जहाजों के लिए सीधा खतरा बन रहे थे। सेंटकाम ने इस कार्रवाई को 'आत्म-रक्षा' के तहत उठाया गया कदम बताया और कहा कि शिपिंग मार्गों की सुरक्षा बनाए रखना इसका उद्देश्य था।
बंदर अब्बास ड्रोन नियंत्रण केंद्र पर हमला क्या था?
सेंटकाम के अनुसार, दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र में स्थित एक ड्रोन नियंत्रण केंद्र को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वहाँ एक और ड्रोन लॉन्च की तैयारी चल रही थी। ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास के पूर्वी इलाके में मंगलवार सुबह तीन धमाकों की पुष्टि की।
ईरान के आईआरजीसी ने किस अमेरिकी एयरबेस पर हमले का दावा किया?
आईआरजीसी ने कहा कि उसने स्थानीय समय सुबह 4:50 बजे उस एयरबेस पर हमला किया जहाँ से अमेरिकी हमला हुआ था। हालाँकि, ईरान ने यह नहीं बताया कि यह एयरबेस किस देश में स्थित था।
होर्मुज जलडमरूमध्य का वैश्विक महत्व क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य टकराव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्ग प्रभावित हो सकते हैं।
क्या यह पहली बार है जब अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है?
नहीं, यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी बड़ी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई है। इससे पहले सोमवार को भी ईरानी बोट्स को निशाना बनाया गया था। दोनों कार्रवाइयों ने अमेरिका-ईरान तनाव को नई ऊँचाई पर पहुँचा दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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