25 अगस्त 2026
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होर्मुज जलडमरूमध्य: अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले किए, बंदर अब्बास में 8 धमाके

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होर्मुज जलडमरूमध्य: अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले किए, बंदर अब्बास में 8 धमाके

सारांश

अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले किए — बंदर अब्बास समेत होर्मोजगन प्रांत में 8 धमाके। ट्रंप ने नाटो समिट में चेतावनी दी थी, ईरान ने होर्मुज बंद करने की धमकी दी। दुनिया के 20% तेल की आपूर्ति इसी जलमार्ग से होती है।

मुख्य बातें

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 9 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि उसने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले किए।
धमाके बंदर अब्बास , केशम , सिरिक काउंटी , अबू मूसा और चाबहार में सुने गए — बंदर अब्बास में कुल 8 धमाके ।
अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में गश्त पर तैनात थे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंकारा नाटो शिखर सम्मेलन में हमले की चेतावनी दी, लेकिन पूर्ण युद्ध की संभावना से इनकार किया।
ईरान के प्रेस टीवी ने कथित तौर पर दावा किया कि नए हमले की स्थिति में होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया जाएगा।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 9 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले किए — इन हमलों का स्पष्ट उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय नौवहन को बाधित करने की ईरान की सैन्य क्षमता को कमज़ोर करना है। बुधवार रात ईरान के दक्षिणी होर्मोजगन प्रांत में कई स्थानों पर धमाके सुने गए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया।

हमलों का विवरण और प्रभावित क्षेत्र

ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाके बंदर अब्बास, केशम, सिरिक काउंटी और ईरानी द्वीप अबू मूसा में सुने गए। सरकारी आईआरआईबी न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी चाबहार काउंटी में भी तीन धमाके हुए, जिससे बंदर अब्बास में कुल 8 धमाके दर्ज किए गए और वहाँ एयर डिफेंस प्रणाली सक्रिय कर दी गई।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि अमेरिका, 'एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में स्वतंत्र रूप से आवाजाही कर रहे वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक चालक दल के खिलाफ हालिया अनुचित आक्रामक कार्रवाई के लिए ईरान को जवाबदेह ठहरा रहा है।' इससे पहले कमांड ने यह भी बताया कि बुधवार को अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत पूरे मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में गश्त पर थे।

ट्रंप की चेतावनी और नाटो शिखर सम्मेलन

यह हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद हुए, जो उन्होंने उसी दिन अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान दी थी। ट्रंप ने कहा, 'मैं एक छोटी सी चेतावनी देता हूँ, हम आज रात उन पर जोरदार हमला करेंगे।' हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ पूर्ण युद्ध की उन्हें उम्मीद नहीं है।

गौरतलब है कि यह घटनाक्रम मंगलवार रात से शुरू हुए दोनों देशों के बीच ताज़ा सैन्य टकराव की कड़ी है, जो बुधवार तक जारी रहा।

ईरान का जवाबी रुख

ट्रंप के बयान के बाद ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने एक 'जानकार सूत्र' के हवाले से दावा किया कि यदि अमेरिका ने कोई नया हमला किया, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देगा और 'दोगुने लक्ष्यों' पर जवाबी कार्रवाई करेगा। यह दावा कथित तौर पर एक अज्ञात सूत्र पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है — वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% इसी रास्ते से गुज़रता है। इस जलमार्ग के बंद होने की किसी भी संभावना का वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर तत्काल और गंभीर असर पड़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में पहले से ही भू-राजनीतिक अस्थिरता चरम पर है।

आगे क्या

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि ये हमले ईरान की नौवहन-बाधा क्षमता को लक्षित करने के उद्देश्य से किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक चैनल फिलहाल बेहद सीमित हैं और स्थिति और भड़कने की आशंका बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब नाटो सदस्यों की प्रतिक्रिया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संभावित बैठक पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित सैन्य अभियान है — जिसका लक्ष्य होर्मुज में ईरान की नौसैनिक क्षमता को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर करना है। ट्रंप का नाटो मंच से सार्वजनिक चेतावनी देना और फिर उसे तत्काल अमल में लाना, कूटनीतिक दबाव और सैन्य कार्रवाई के बीच की रेखा को खतरनाक तरीके से धुंधला करता है। होर्मुज बंद होने की ईरानी धमकी — चाहे वह कितनी भी कथित क्यों न हो — वैश्विक तेल बाज़ारों के लिए एक गंभीर जोखिम संकेत है, जिसे भारत जैसे ऊर्जा-आयात-निर्भर देशों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। मुख्यधारा की कवरेज हमलों की गिनती पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि इस तनाव का कोई कूटनीतिक निकास मार्ग बचा है या नहीं।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने ईरान पर हमले क्यों किए?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक चालक दल के खिलाफ ईरान की 'अनुचित आक्रामक कार्रवाई' का जवाब देना और उसकी नौवहन-बाधा क्षमता को कमज़ोर करना है।
होर्मुज जलडमरूमध्य इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्ग है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% गुज़रता है। इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों और भारत जैसे तेल-आयातक देशों पर तत्काल गंभीर असर पड़ सकता है।
ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में क्या कहा?
ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने एक कथित 'जानकार सूत्र' के हवाले से दावा किया कि नए हमले की स्थिति में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर देगा और दोगुने लक्ष्यों पर जवाबी हमला करेगा। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने नाटो समिट में क्या कहा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान चेतावनी दी कि 'हम आज रात उन पर जोरदार हमला करेंगे।' हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ पूर्ण युद्ध की उन्हें उम्मीद नहीं है।
बंदर अब्बास में कितने धमाके हुए और कौन-से क्षेत्र प्रभावित हुए?
आईआरआईबी न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, बंदर अब्बास में कुल 8 धमाके सुने गए। इसके अलावा केशम, सिरिक काउंटी, अबू मूसा द्वीप और चाबहार काउंटी में भी विस्फोट हुए, और बंदर अब्बास में एयर डिफेंस प्रणाली सक्रिय कर दी गई।
राष्ट्र प्रेस
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