13 जुलाई 2026
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अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकाने पर किए हमले, बंदर अब्बास पोर्ट पर तीन धमाकों से दहशत

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अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकाने पर किए हमले, बंदर अब्बास पोर्ट पर तीन धमाकों से दहशत

सारांश

अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकाने पर हमला किया और ड्रोन मार गिराए — साथ ही बंदर अब्बास पोर्ट पर तीन धमाके गूँजे। ट्रंप ने साफ कहा: कोई प्रतिबंध राहत नहीं, कोई जल्दबाजी नहीं। अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता अब और नाजुक मोड़ पर है।

मुख्य बातें

अमेरिकी सेना ने बुधवार रात ईरान के एक सैन्य ठिकाने पर हमला किया, जिसे वॉशिंगटन ने अमेरिकी बलों और वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा बताया।
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ईरान के ड्रोन को भी हवा में मार गिराया गया; हमलों को 'रक्षात्मक कार्रवाई' बताया गया।
बंदर अब्बास पोर्ट के पूर्वी इलाके में गुरुवार तड़के 1:30 बजे तीन धमाकों की आवाज सुनी गई; एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत सक्रिय किया गया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को यूरेनियम सौंपने के बदले कोई प्रतिबंध राहत नहीं मिलेगी।
व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की उस रिपोर्ट को गलत बताया जिसमें अमेरिकी सेना की वापसी और नौसैनिक पाबंदियाँ हटाने का दावा किया गया था।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि शर्तें पूरी न हुईं तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है।

अमेरिकी सेना ने बुधवार रात ईरान में एक सैन्य ठिकाने पर हमला किया, जिसे वॉशिंगटन ने अमेरिकी बलों और क्षेत्र में संचालित वाणिज्यिक जहाजों के लिए सीधा खतरा बताया था। इसी दौरान बंदर अब्बास पोर्ट के पूर्वी इलाके में गुरुवार तड़के करीब 1:30 बजे (IST) तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई।

हमले का विवरण और अमेरिकी पक्ष

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी बलों और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की ओर से दागे गए ड्रोन को भी हवा में ही मार गिराया। अमेरिका ने इन हमलों को आधिकारिक तौर पर 'रक्षात्मक कार्रवाई' बताया और यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच चल रहा युद्धविराम अभी लागू माना जा रहा है।

बंदर अब्बास में धमाके, एयर डिफेंस सक्रिय

ईरानी समाचार एजेंसी 'फार्स' के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के निकट स्थित बंदर अब्बास पोर्ट शहर के पूर्वी इलाके में तड़के तीन धमाकों की आवाज सुनी गई। रिपोर्टों के अनुसार, धमाकों के तुरंत बाद एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए और अधिकारी धमाकों के स्रोत का पता लगाने में जुट गए। यह शहर रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है क्योंकि यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के द्वार पर स्थित है।

ट्रंप की चेतावनी: समझौते में जल्दबाजी नहीं

इससे पहले बुधवार को व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि वे मध्यावधि चुनावों के राजनीतिक दबाव के कारण ईरान के साथ किसी समझौते में जल्दबाजी नहीं करेंगे। ट्रंप ने कहा, "मुझे मध्यावधि चुनावों की परवाह नहीं है।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चल रही बातचीत से अमेरिका की शर्तों के अनुरूप समझौता नहीं हुआ, तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है।

ट्रंप ने ईरान की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा, "वे बस किसी तरह समझौता करना चाहते हैं। मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई और विकल्प है।" यह बयान तब आया जब व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की उस रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताया, जिसमें एक कथित ड्राफ्ट समझौते का जिक्र था। उस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिका ईरान के निकटवर्ती क्षेत्रों से अपनी सेना हटाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक पाबंदियाँ समाप्त करेगा।

यूरेनियम और प्रतिबंधों पर ट्रंप का कड़ा रुख

PBS न्यूज से फोन पर बातचीत में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को अपना अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार सौंपने के बदले किसी भी प्रकार की प्रतिबंध राहत नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने कहा, "नहीं, बिल्कुल नहीं। किसी तरह की प्रतिबंध राहत नहीं मिलेगी।" ईरान के सरकारी चैनल IRIB TV की रिपोर्ट के अनुसार, ड्राफ्ट में अमेरिकी सेना की वापसी और नौसैनिक पाबंदियाँ हटाने जैसी शर्तें शामिल थीं, जिन्हें अमेरिका ने सिरे से नकार दिया।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु वार्ता नाजुक दौर में है और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वैश्विक तेल व्यापार पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि बंदर अब्बास पोर्ट ईरान का सबसे बड़ा समुद्री व्यापार केंद्र है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बातचीत की दिशा और अमेरिकी सैन्य उपस्थिति का स्तर इस संघर्ष की अगली कड़ी तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वार्ता की मेज को भी जीवित रखता है। ट्रंप का मध्यावधि चुनावों की 'परवाह न करने' का बयान घरेलू राजनीति के लिए है — असल में यह वार्ता में ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति है। बंदर अब्बास पर धमाके होर्मुज स्ट्रेट की भू-राजनीतिक संवेदनशीलता को रेखांकित करते हैं — वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20% इसी जलडमरूमध्य से गुजरता है। यूरेनियम पर 'शून्य रियायत' की ट्रंप की नीति परमाणु वार्ता को उस बिंदु पर धकेल सकती है जहाँ ईरान के पास समझौते का कोई प्रोत्साहन ही न बचे।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों किया?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला एक ऐसे ईरानी सैन्य ठिकाने पर किया गया जिसे वॉशिंगटन ने अमेरिकी बलों और क्षेत्र में चल रहे वाणिज्यिक जहाजों के लिए सीधा खतरा बताया था। अमेरिका ने इसे 'रक्षात्मक कार्रवाई' करार दिया।
बंदर अब्बास पोर्ट पर धमाके कब और कहाँ हुए?
ईरानी समाचार एजेंसी 'फार्स' के अनुसार, बंदर अब्बास पोर्ट शहर के पूर्वी इलाके में गुरुवार तड़के करीब 1:30 बजे तीन धमाकों की आवाज सुनी गई। यह शहर रणनीतिक होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है।
क्या अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम अभी भी लागू है?
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने कहा है कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम अभी लागू माना जा रहा है। हालाँकि ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि वार्ता में अमेरिका की शर्तें पूरी नहीं हुईं तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू हो सकती है।
ट्रंप ने ईरान को प्रतिबंध राहत देने से क्यों इनकार किया?
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को अपना अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार सौंपने के बदले किसी भी प्रकार की प्रतिबंध राहत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, 'नहीं, बिल्कुल नहीं। किसी तरह की प्रतिबंध राहत नहीं मिलेगी।'
ईरानी मीडिया में जिस ड्राफ्ट समझौते का जिक्र था, उस पर अमेरिका का क्या कहना है?
व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की उस रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताया जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ईरान के निकटवर्ती क्षेत्रों से सेना हटाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक पाबंदियाँ समाप्त करेगा। ट्रंप प्रशासन ने इन शर्तों को स्वीकार करने से इनकार किया।
राष्ट्र प्रेस
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