ट्रंप का ईरान को दो-टूक: 'बातचीत मंज़ूर, पर युद्धविराम खत्म' — हॉर्मुज तनाव चरम पर
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि ईरान ने कूटनीतिक बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है और अमेरिका ने इसे स्वीकार कर लिया है — लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब हॉर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को लेकर दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव तेज़ हो गया है।
ट्रंप का सीधा संदेश
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'इस्लामी गणराज्य ईरान ने हमसे बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। हमने ऐसा करने के लिए सहमति दे दी है, लेकिन अमेरिका ने उन्हें बिल्कुल साफ शब्दों में बता दिया है कि युद्धविराम अब खत्म हो चुका है।' यह पोस्ट तब आई जब अमेरिकी सेना बीते दो दिनों में ईरान के कई ठिकानों पर हमले कर चुकी थी।
रिपोर्टों के अनुसार, ये हमले हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर हालिया ईरानी हमलों के जवाब में किए गए, जिनसे जानमाल का नुकसान हुआ और बुनियादी ढाँचे को क्षति पहुँची। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया।
उपराष्ट्रपति वेंस की कड़ी चेतावनी
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को आरोप लगाया कि ईरान ने व्यावसायिक जहाजों पर हमले फिर से शुरू करके अमेरिका के साथ हालिया समझौते का उल्लंघन किया है। वेंस ने चेतावनी दी, 'समझौता बहुत सीधा है। अगर वे जहाजों पर हमले करेंगे, तो हम उन्हें करारा जवाब देंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के पास कई विकल्प हैं, लेकिन मैं संभावित सैन्य कार्रवाई पर टिप्पणी नहीं करूंगा।'
वेंस ने यह भी स्पष्ट किया कि हॉर्मुज स्ट्रेट से समुद्री यातायात में बाधा डालने की कोई भी और कोशिश अमेरिका की ओर से और भी कड़े सैन्य जवाब को आमंत्रित करेगी। गौरतलब है कि हॉर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, जिससे यह संकट वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
नेतन्याहू-ट्रंप की फोन पर बातचीत
इसी बीच, इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप से फोन पर बातचीत की। नेतन्याहू के कार्यालय ने जारी बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने अपने देशों के बीच अलग-अलग मोर्चों पर तालमेल बनाए रखने पर सहमति जताई। बयान के अनुसार, 'इस बातचीत के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू को खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।' यह बातचीत संकेत देती है कि अमेरिका और इज़रायल इस संकट में एकजुट रणनीति अपना रहे हैं।
आगे क्या होगा
कूटनीतिक चैनल खुले रहने के बावजूद ज़मीनी हकीकत यह है कि दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाइयाँ जारी हैं। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका की 'बातचीत हाँ, युद्धविराम नहीं' की नीति ईरान पर अधिकतम दबाव बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार पहले से ही अस्थिर हैं और मध्य-पूर्व में किसी भी बड़े संघर्ष के वैश्विक आर्थिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं।