ईडी ने धर्मेश संघानी की 'कलानी इम्पेक्स' पर छापा मारा, कनाडा-यूएई में बिना जानकारी वाली संपत्तियाँ उजागर
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 10 जुलाई 2026 को अभिनेता शेखर सुमन के कथित सहयोगी धर्मेश संघानी द्वारा संचालित कंपनी 'कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड' के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999 (फेमा) के प्रावधानों के तहत की गई, जिसमें बिना जानकारी वाली विदेशी संपत्तियों और संदिग्ध सीमा-पार लेनदेन की जाँच केंद्र में है।
मुख्य घटनाक्रम
ईडी के अनुसार, तलाशी के दौरान यह सामने आया कि कलानी इम्पेक्स के निर्यात से अर्जित रकम का एक बड़ा हिस्सा निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद भी भारत नहीं लाया गया। जाँच एजेंसी ने कहा, "कुछ विदेशी खरीदारों से निर्यात की देय राशि प्राप्त नहीं हुई थी और न ही अधिकृत डीलर बैंक से समयसीमा बढ़ाने की अनुमति ली गई थी। वसूली के लिए कोई दस्तावेज़ी प्रयास भी नहीं किया गया था।"
इसके अतिरिक्त, यह भी पाया गया कि निर्यात इनवॉइस या शिपिंग बिल में उल्लिखित कंसाइनी अथवा खरीदार के बजाय किसी तीसरी पार्टी के माध्यम से भुगतान प्राप्त किया गया था, जो फेमा के नियमों का संभावित उल्लंघन है।
विदेशी संपत्तियाँ और बैंक खाते
ईडी ने अपने आधिकारिक बयान में खुलासा किया कि धर्मेश संघानी की एक कनाडाई कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी पाई गई, जिसकी जानकारी सक्षम अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इसके साथ ही यूएई में एक व्यावसायिक इकाई की पहचान की गई है, जिसके बारे में भी कोई प्रकटीकरण नहीं किया गया था।
जाँच एजेंसी के अनुसार, अब तक कनाडा, अमेरिका और यूएई में बिना जानकारी वाले विदेशी बैंक खातों की पहचान की जा चुकी है। इन खातों से जुड़े लेनदेन की जानकारी भी संबंधित अधिकारियों को नहीं दी गई थी।
शेखर सुमन से कथित संबंध
अधिकारियों के अनुसार, संघानी की फिल्म प्रोडक्शन में हिस्सेदारी मानी जाती है और वह अभिनेता शेखर सुमन के करीबी सहयोगी बताए जाते हैं। सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि 'शेखर सुमन फिल्म एकेडमी' से उनके संबंधों की जाँच की जा रही है — कथित तौर पर वे इस संस्थान के सह-संस्थापक हो सकते हैं, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
अंतरराष्ट्रीय जाँच का दायरा
अमेरिका और यूके के सीमा शुल्क अधिकारी भी कथित तौर पर संघानी के कुछ लेनदेन की अलग से जाँच कर रहे हैं। ईडी इन्हीं लेनदेन में फेमा उल्लंघन के पहलुओं की समानांतर जाँच कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय एजेंसियाँ अघोषित विदेशी परिसंपत्तियों के मामलों में अपनी कार्रवाई तेज़ कर रही हैं।
आगे क्या होगा
जाँच अभी प्रारंभिक चरण में है और ईडी ने संकेत दिया है कि तलाशी में मिले दस्तावेज़ों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अगले कदम तय किए जाएँगे। धर्मेश संघानी की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।