ईडी की बड़ी कार्रवाई: फेमा-आरबीआई उल्लंघन में देहरादून, दिल्ली, ऋषिकेश में छापे, ₹54.58 लाख विदेशी मुद्रा जब्त
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के देहरादून सब-जोनल कार्यालय ने 8 जुलाई 2025 को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा), 1999 और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के मनी चेंजिंग गतिविधियों से संबंधित मास्टर निर्देशों के कथित उल्लंघन के मामले में देहरादून, ऋषिकेश और नई दिल्ली में एक साथ कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में ₹54.58 लाख मूल्य की विदेशी मुद्रा और ₹33.98 लाख की बेहिसाब भारतीय नकदी बरामद की गई।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी को सूचना मिली थी कि कुछ लाइसेंसधारी फुल-फ्लेज्ड मनी चेंजर्स (FFMC), उनकी फ्रेंचाइजी और संबद्ध संस्थाएँ, फेमा तथा RBI के मास्टर निर्देशों में निर्धारित सीमाओं का उल्लंघन करते हुए अनधिकृत विदेशी मुद्रा लेनदेन में संलग्न थीं। आरोप था कि यह कारोबार लाइसेंस प्राप्त ढाँचे से बाहर संचालित हो रहा था, जिसमें अनिवार्य 'नो योर कस्टमर' (KYC) प्रक्रियाओं, निर्धारित दस्तावेज़ीकरण और इनवॉइसिंग मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।
किन संस्थाओं पर हुई कार्रवाई
यह तलाशी अभियान गंगा फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड, जेपीजेएन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, अल्पाइन फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड और जय जीन फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड की व्यावसायिक इकाइयों — जैसे जेपीजेएन-जेम्स यूनिट और विंटेज इंडिया — के कार्यालयों के साथ-साथ इन संस्थाओं को संचालित करने वाले और अनधिकृत लेनदेन में संदिग्ध मुख्य व्यक्तियों के आवासीय परिसरों में भी चलाया गया।
बरामदगी और जब्ती का ब्यौरा
तलाशी के दौरान USD, यूरो, AUD, थाई बाहट (THB) सहित कई देशों की विदेशी मुद्रा बरामद हुई, जिसका मूल्य मंगलवार की विनिमय दरों के अनुसार ₹54.58 लाख आँका गया। इसके अतिरिक्त ₹33.98 लाख की बेहिसाब भारतीय नकदी, आपत्तिजनक दस्तावेज़, मोबाइल फोन और विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़े अन्य अभिलेख भी जब्त किए गए।
गौरतलब है कि कई परिसरों में रिकॉर्ड किए गए बैलेंस की तुलना में विदेशी मुद्रा के भौतिक स्टॉक में कमी या अधिकता पाई गई। यह प्रथम दृष्टया संकेत देता है कि कंपनियों की खाता-बहियाँ और स्टॉक रजिस्टर वास्तविक लेनदेन के अनुरूप नहीं रखे जा रहे थे।
हवाला नेटवर्क का सुराग
ईडी द्वारा एकत्रित साक्ष्यों से एक ऐसे नेटवर्क का पता चला है जो घरेलू सहयोगियों और विदेशी संपर्कों के माध्यम से कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय हवाला लेनदेन को अंजाम दे रहा था। फ्रेंचाइजी के व्यावसायिक परिसरों पर तलाशी के दौरान कोई खरीद रजिस्टर, ग्राहक-वार अभिलेख, KYC दस्तावेज़, नकदीकरण प्रमाणपत्र या विदेशी मुद्रा खरीद से संबंधित अन्य रिकॉर्ड नहीं मिले — जो RBI के मास्टर निर्देशों के तहत अनिवार्य हैं।
आगे की जाँच
ईडी ने स्पष्ट किया है कि जब्त दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जाँच जारी है, ताकि कथित उल्लंघनों की पूरी परत-दर-परत पड़ताल हो सके। जाँच एजेंसी समस्त वित्तीय लेनदेन के मार्ग का पता लगाने, सभी संलिप्त व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका निर्धारित करने, लाभार्थियों की पहचान करने और फेमा, 1999 तथा अन्य लागू कानूनों के अंतर्गत उल्लंघनों की जाँच के लिए कार्यवाही आगे बढ़ा रही है।