क्या ईडी ने बीपीटीपी लिमिटेड के खिलाफ फेमा उल्लंघन में शिकंजा कसा?

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क्या ईडी ने बीपीटीपी लिमिटेड के खिलाफ फेमा उल्लंघन में शिकंजा कसा?

सारांश

इस खबर में जानिए कि प्रवर्तन निदेशालय ने बीपीटीपी लिमिटेड के खिलाफ फेमा उल्लंघन मामले में क्या कार्रवाई की है। कंपनी के प्रमुखों के आवासों पर छापा मारा गया और कई दस्तावेज़ जब्त किए गए। क्या ये कार्रवाई कानून के दायरे में है?

Key Takeaways

  • ईडी ने बीपीटीपी लिमिटेड पर फेमा उल्लंघन की जांच शुरू की।
  • कंपनी ने मॉरीशस से 500 करोड़ रुपए का विदेशी निवेश प्राप्त किया।
  • तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ जब्त किए गए।
  • बीपीटीपी लिमिटेड ने आरबीआई के निर्देशों का पालन नहीं किया।
  • काबुल चावला कई विदेशी संस्थाओं के लाभकारी मालिक हैं।

गुरुग्राम, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर और नोएडा में कई स्थानों पर चलाए गए अभियान की जानकारी साझा की। ईडी के अनुसार, गुरुग्राम स्थित जोनल कार्यालय ने 26 और 27 अगस्त 2025 को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत दिल्ली-एनसीआर और नोएडा में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान संचालित किया।

ईडी ने यह कार्रवाई फरीदाबाद, हरियाणा स्थित रियल एस्टेट कंपनी मेसर्स बीपीटीपी लिमिटेड (पूर्व में मेसर्स बिजनेस पार्क टाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड) के खिलाफ फेमा उल्लंघन की जांच के संदर्भ में की है।

ईडी के अनुसार, बीपीटीपी लिमिटेड के कार्यालयों और इसके चेयरमैन तथा प्रबंध निदेशक काबुल चावला और पूर्णकालिक निदेशक सुधांशु त्रिपाठी के आवासों पर तलाशी अभियान चलाया गया। यह जांच फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के तहत शुरू की गई है। जानकारी मिली थी कि बीपीटीपी लिमिटेड ने मॉरीशस की कंपनियों से 500 करोड़ रुपए से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त किया, जो फेमा नियमों का उल्लंघन है।

जांच में पता चला है कि कंपनी ने मॉरीशस की सीपीआई इंडिया लिमिटेड से 322.5 करोड़ रुपए और हार्बर विक्टोरिया इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड से 215 करोड़ रुपए की एफडीआई प्राप्त की।

ईडी की जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि 2007-08 में स्वचालित मार्ग से ये निवेश किए गए थे, जिसमें 'पुट/स्वैप' विकल्प शामिल थे। ये विकल्प विदेशी निवेशकों को निकासी पर गारंटीड रिटर्न प्रदान करते थे, जो उस समय के फेमा नियमों का उल्लंघन था।

तलाशी के दौरान बैंक लॉकरों को फ्रीज किया गया और महत्वपूर्ण दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों को जब्त किया गया। इन दस्तावेजों से पता चला कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद (जिसमें शेयरधारक समझौते में संशोधन कर 'पुट ऑप्शन' खंड को हटाने के लिए कहा गया था) बीपीटीपी लिमिटेड ने इसका पालन नहीं किया, जिससे फेमा और एफडीआई नियमों का उल्लंघन हुआ।

जांच में यह भी सामने आया कि काबुल चावला कई विदेशी संस्थाओं के लाभकारी मालिक हैं, जिनमें से एक का इस्तेमाल न्यूयॉर्क, अमेरिका में एक महंगी अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया था। इन विदेशी संस्थाओं, विदेशी संपत्ति और इसके लिए उपयोग किए गए धन के स्रोत की भी अब फेमा जांच के तहत जांच की जा रही है।

Point of View

इस मामले का विश्लेषण करते हुए यह कहना उचित है कि प्रवर्तन निदेशालय का यह कदम जरूरी है। आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है ताकि देश की वित्तीय प्रणाली में विश्वास बना रहे।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

बीपीटीपी लिमिटेड के खिलाफ ईडी ने कब कार्रवाई की?
ईडी ने 26 और 27 अगस्त 2025 को बीपीटीपी लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई की।
फेमा उल्लंघन का आरोप किस पर है?
फेमा उल्लंघन का आरोप फरीदाबाद स्थित रियल एस्टेट कंपनी बीपीटीपी लिमिटेड पर है।
ईडी ने किन स्थानों पर छापे मारे?
ईडी ने दिल्ली-एनसीआर और नोएडा में कई स्थानों पर छापे मारे।
बीपीटीपी लिमिटेड ने कितने विदेशी निवेश प्राप्त किए?
बीपीटीपी लिमिटेड ने 500 करोड़ रुपए से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त किया।
क्या ईडी ने दस्तावेज़ जब्त किए?
हाँ, ईडी ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को जब्त किया।