क्या पुतिन के बयान पर जेलेंस्की का पलटवार यूक्रेन की स्थिति को बदल देगा?
सारांश
Key Takeaways
- यूक्रेन का संघर्ष जारी है।
- रूस की शर्तें अस्वीकार की गई हैं।
- जेलेंस्की ने एकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
- सीजफायर के लिए कोई शर्त नहीं मानने का निर्णय।
- रूस की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कीव, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। यूक्रेन में शांति स्थापित करने के प्रयासों के बीच, रूस ने अपनी कुछ शर्तें फिर से दोहराई हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कहा कि यूक्रेन के साथ सीजफायर समझौता तभी संभव है जब वह अपने सैनिकों को हटा दे। इस पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि रूस चाहता है कि यूक्रेन गलतियां करे, लेकिन हम कोई गलती नहीं करेंगे। हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, 'हमें पीछे हटने या एक-दूसरे पर हमला करने का कोई अधिकार नहीं है। अगर हम एकजुटता खोते हैं, तो हम सब कुछ खोने का जोखिम उठाते हैं, खुद को, यूक्रेन को और अपने भविष्य को।'
जेलेंस्की ने जोर दिया कि हमें एकजुट रहना होगा और अपनी जमीन पर डटे रहना होगा। कोई और विकल्प नहीं है। दूसरा यूक्रेन कभी नहीं बनेगा। हम यूक्रेन की रक्षा करते हैं।
यह प्रतिक्रिया रूस के उस बयान के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि बिना किसी शर्त के सीजफायर संभव नहीं है। सीएसटीओ एक क्षेत्रीय गठबंधन है जो सोवियत के बाद के कुछ देशों को एक साथ लाता है।
रूसी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (सीएसटीओ) के समिट के लिए किर्गिज पहुंचे थे। इस दौरान, उन्होंने कहा कि सीजफायर तभी संभव है जब यूक्रेन उन इलाकों से अपने सैनिक हटा ले जिन पर वह अपना दावा करता है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पुतिन ने कहा, 'अभी किसी भी आखिरी विकल्प के बारे में बात करना मेरे लिए अशिष्टता होगी।'
बता दें कि पुतिन से मिलने के लिए ट्रंप के आदेश पर उनके खास दूत स्टीव विटकॉक को मॉस्को भेजा गया था, जिसके बाद यह बयान आया है।