ईरान के राष्ट्रपति का ट्रंप के माफी के दावे पर कड़ा जवाब, हम एक इंच जमीन नहीं देंगे
सारांश
Key Takeaways
- ईरान अपने खिलाफ हमलों का कड़ा जवाब देगा।
- ट्रंप का माफी का दावा गलत है।
- ईरान अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहता है।
- ईरान की संप्रभुता की रक्षा प्राथमिकता है।
- अमेरिकी हमले का असर ईरान की राजनीतिक स्थिरता पर नहीं पड़ेगा।
तेहरान, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के बीच संघर्ष की अवधि एक सप्ताह से अधिक हो चुकी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह दावा है कि उनके हमलों के परिणामस्वरूप ईरान ने पश्चिम एशिया के अपने पड़ोसियों से माफी मांगी है, जहाँ उसने हवाई हमले किए थे। लेकिन मीडिया की रिपोर्टें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने खिलाफ किए गए हमलों का दृढ़ता से मुकाबला करेगा और मजबूती से जवाब देगा। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति ने यह बयान उस समय दिया जब वे अस्पताल में भर्ती अपने नागरिकों से मिले थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके दबाव के चलते ईरान ने अपने पड़ोसियों से माफी मांगी है। इस पर पेजेश्कियन ने कहा कि दुश्मन ने उनके बयानों को गलत तरीके से समझा है, जिसका उद्देश्य पड़ोसियों के बीच फूट डालना है। उन्होंने कहा कि यह खाड़ी देशों पर हमले को रोकने के फैसले के रूप में देखा गया, जबकि हमले जारी हैं।
उन्होंने दोहराया कि ईरान अपने मित्र देशों के साथ अच्छे संबंध विकसित करना चाहता है। हालांकि, जब ईरान पर हमले होते हैं, तो उसे जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन देशों के साथ कोई विवाद है।
ईरान अपने खिलाफ किए गए हमलों का दृढ़ता से जवाब देगा। चाहे कितनी भी समस्याएँ हों, हम किसी भी राजनीतिक दल या गुट की परवाह किए बिना अपने दुश्मनों के खिलाफ एकजुट रहेंगे। हम उन्हें अपनी ज़मीन का एक इंच भी कब्जा नहीं करने देंगे।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान पीछे हटने वाला नहीं है और जहाँ से उस पर हमले होंगे, वहाँ वह जवाबी हमला करेगा। सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने कहा कि अमेरिकियों और इजरायलियों द्वारा घोषित लक्ष्य वास्तविक नहीं हैं। उनका असली उद्देश्य ईरान को एक राष्ट्र के रूप में तोड़ना है, और इसीलिए ईरान आत्मरक्षा के अपने अधिकार पर कोई समझौता नहीं करेगा।
एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया परिषद ने पाया है कि ईरान पर अमेरिका के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर हमले से भी ईरान की सरकार को गिराने में सफलता नहीं मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक, इस निष्कर्ष ने ट्रंप प्रशासन के इस दावे पर संदेह उत्पन्न किया है कि युद्ध चार से छह सप्ताह में समाप्त हो सकता है।