उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने त्रिपुरा विश्वविद्यालय को अनुसंधान और नवाचार का केंद्र बताया
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अगरतला, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को त्रिपुरा विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया, जो अगरतला के बाहरी क्षेत्र सूर्यमणिनगर में आयोजित हुआ। उपराष्ट्रपति ने इससे पहले माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन और पूजा की।
दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने उन्हें देश के भविष्य के निर्माण में योगदान देने और समाज को नई दिशा देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।
उपराष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि 'माताबारी पर्यटन सर्किट' त्रिपुरा की आध्यात्मिक और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन में विश्व स्तर पर स्थिति को मजबूत करेगा। यह रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दशक में यहां महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
दीक्षांत समारोह में त्रिपुरा के राज्यपाल और त्रिपुरा विश्वविद्यालय के मुख्य पुरोहित इंद्रसेना रेड्डी नल्लू, मुख्यमंत्री प्रो. माणिक साहा, मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिन्हा, कुलपति प्रो. श्यामल दास, रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार सिल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
त्रिपुरा विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि दीक्षांत समारोह 2024 और 2025 में आयोजित नहीं किया जा सका था। समारोह के दौरान योग्य छात्रों को प्रमाण पत्र, डिग्री, स्वर्ण पदक और पीएचडी डिग्री प्रदान की गई। विभिन्न विभागों के 283 छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया जबकि 149 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने 7 मार्च को मिजोरम विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया था। इसके बाद वह कोहिमा में नागालैंड विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में भाग लेने पहुंचे थे। लेंगपुई हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।