कलानी इम्पेक्स पर ईडी का शिकंजा: कनाडा, UAE और अमेरिका में अघोषित संपत्तियाँ और बैंक खाते उजागर
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 9 जुलाई 2026 को एम/एस कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके सक्रिय निदेशक धर्मेश नरेंद्र संगानी के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाते हुए विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 के संभावित उल्लंघन से जुड़े अहम दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए। एजेंसी के अनुसार जांच में कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका में अघोषित विदेशी संपत्तियों, बैंक खातों और संदिग्ध सीमा-पार वित्तीय लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं।
मुख्य घटनाक्रम
ईडी के अनुसार, प्रारंभिक जांच से सामने आया कि कलानी इम्पेक्स के निर्यात से अर्जित बड़ी धनराशि निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद भारत नहीं लाई गई। कई विदेशी खरीदारों से निर्यात भुगतान प्राप्त नहीं हुआ और अधिकृत डीलर बैंक से समय-सीमा बढ़ाने की अनुमति भी नहीं ली गई। जांच में यह भी पाया गया कि बकाया राशि की वसूली के लिए कोई दस्तावेज़ी प्रयास नहीं किए गए।
एजेंसी ने पाया कि कुछ मामलों में निर्यात चालान (एक्सपोर्ट इनवॉइस) और शिपिंग बिल में दर्ज खरीदारों या कंसाइनी के बजाय तीसरे पक्ष की विदेशी संस्थाओं से भुगतान प्राप्त किया गया। ईडी का मानना है कि ऐसे लेनदेन फेमा के प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं।
अघोषित विदेशी संपत्तियाँ और निवेश
तलाशी के दौरान धर्मेश नरेंद्र संगानी से जुड़े कई अघोषित विदेशी निवेश और बैंक खातों का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि उनकी कनाडा स्थित एक कंपनी में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है, जिसकी जानकारी संबंधित भारतीय अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इसी प्रकार UAE में भी उनकी एक अघोषित व्यावसायिक इकाई की पहचान की गई है।
ईडी ने अब तक कनाडा, अमेरिका और UAE में मौजूद कई विदेशी बैंक खातों की पहचान की है, जिनके बारे में नियमानुसार जानकारी साझा नहीं की गई थी। एजेंसी इन खातों के माध्यम से हुए वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय जांच का दायरा
गौरतलब है कि अमेरिका और ब्रिटेन के सीमा शुल्क (कस्टम) अधिकारी भी धर्मेश संगानी से जुड़े कुछ अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की स्वतंत्र रूप से जांच कर रहे हैं। ईडी इन संदिग्ध सीमा-पार वित्तीय गतिविधियों का भारतीय कानूनों, विशेष रूप से फेमा के तहत परीक्षण कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार विदेशों में अघोषित संपत्तियों और काले धन के खिलाफ अभियान को तेज़ कर रही है।
आगे की जांच
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि जब्त किए गए दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण जारी है। एजेंसी के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर आगे भी तलाशी और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। मामले में जांच अभी जारी है और किसी भी आरोप को अदालत में साबित किया जाना शेष है।