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क्या ईडी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में यूट्यूबर की संपत्तियों पर छापेमारी की?

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क्या ईडी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में यूट्यूबर की संपत्तियों पर छापेमारी की?

सारांश

ईडी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें एक यूट्यूबर की महंगी गाड़ियां भी जब्त की गईं। यह मामले में धन शोधन और जुर्माना की जांच शामिल है। क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है? जानिए इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

ईडी ने नौ स्थानों पर छापेमारी की।
महंगी गाड़ियां जब्त की गईं।
धन शोधन से संबंधित मामले की जांच चल रही है।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी मामले में शामिल हैं।
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

कोलकाता, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के मामले में दिल्ली, मुंबई, सूरत, लखनऊ और वाराणसी में नौ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

केंद्रीय एजेंसी द्वारा सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार, तलाशे गए परिसर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी से जुड़े हैं, साथ ही विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी एप्लिकेशन से भी जुड़े हैं, जिन पर अपराध की आय (पीओसी) के सृजन और लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का संदेह है।

तलाशी के दौरान, अनुराग द्विवेदी से संबंधित दो महंगी गाड़ियां (एक लैंड रोवर डिफेंडर और एक बीएमडब्ल्यू जेड4) पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत जब्त कर ली गईं। इसके अलावा, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए।

इससे पहले, पिछले साल 17 दिसंबर को, ईडी ने अनुराग द्विवेदी से जुड़े लखनऊ, उन्नाव और दिल्ली स्थित 10 परिसरों पर तलाशी ली थी। इन तलाशी अभियानों के दौरान, चार लग्जरी वाहन (लेम्बोर्गिनी उरुस, मर्सिडीज, फोर्ड एंडेवर और थार) जब्त किए गए थे, साथ ही आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और लगभग 20 लाख रुपए नकद भी बरामद हुए थे।

जब्त की गई सामग्री से हवाला चैनलों के माध्यम से दुबई में रियल एस्टेट निवेश का खुलासा हुआ था। बीमा पॉलिसियों, फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक बैलेंस सहित लगभग 3 करोड़ रुपए की चल संपत्तियों को पीएमएलए, 2002 की धारा 17(1ए) के तहत फ्रीज कर दिया गया था।

ईडी के बयान के अनुसार, यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालन के संबंध में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। इसमें पता चला कि आरोपी सोनू कुमार ठाकुर और विशाल भारद्वाज उत्तरी बंगाल के सिलीगुड़ी से फर्जी बैंक खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके एक ऑनलाइन सट्टेबाजी पैनल चला रहे थे।

ईडी ने आगे बताया कि उसकी जांच में यह साबित हुआ है कि अनुराग द्विवेदी ने कथित तौर पर अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्मों को बढ़ावा दिया, हवाला चैनलों और बिचौलियों के खातों के माध्यम से अपराध की धनराशि प्राप्त की, और इसी धनराशि का उपयोग करके दुबई में अचल संपत्तियां खरीदीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक चेतावनी है जो इस अवैध गतिविधि में लिप्त हैं। देश में इस तरह के मामलों की बढ़ती संख्या से यह स्पष्ट है कि एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जो न केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों का कार्य है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को इस मुद्दे के प्रति जागरूक करने की भी आवश्यकता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने किस आधार पर तलाशी अभियान चलाया?
ईडी ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर तलाशी अभियान चलाया।
कौन से स्थानों पर तलाशी ली गई?
तलाशी दिल्ली , मुंबई , सूरत , लखनऊ और वाराणसी में ली गई।
क्या सामान जब्त किया गया?
तलाशी के दौरान महंगी गाड़ियां, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।
इस मामले में कौन प्रमुख आरोपी हैं?
अनुराग द्विवेदी, सोनू कुमार ठाकुर और विशाल भारद्वाज प्रमुख आरोपी हैं।
क्या इस मामले में वित्तीय संपत्तियां जब्त की गईं?
हाँ, लगभग 3 करोड़ रुपए की चल संपत्तियां जब्त की गईं।
राष्ट्र प्रेस
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