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बंदर अब्बास में धमाके, IRGC के 3 सैनिक ढेर; बहरीन-कुवैत ने ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमले रोके

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बंदर अब्बास में धमाके, IRGC के 3 सैनिक ढेर; बहरीन-कुवैत ने ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमले रोके

सारांश

ईरान-अमेरिका टकराव एक नए मोड़ पर — बंदर अब्बास में धमाके, IRGC के 3 सैनिक ढेर, और बहरीन-कुवैत ने ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमले नाकाम किए। यह सब तब हो रहा है जब दोनों देश 60 दिनों में परमाणु समझौते की दिशा में बातचीत कर रहे थे।

मुख्य बातें

बंदर अब्बास के तटीय इलाकों में 9 जुलाई को दोपहर 2 बजे स्थानीय समय कई धमाके सुने गए।
IRGC के अनुसार अमेरिकी हमले में खुज़ेस्तान प्रांत में उसके 3 सैनिक मारे गए ।
अमेरिकी सेना ने ईरान के तट के पास करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया — यह लगातार दूसरे दिन की कार्रवाई थी।
बहरीन और कुवैत ने ईरान की मिसाइलों और ड्रोन को रोककर नष्ट किया; कुवैत में 1 व्यक्ति घायल ।
कुवैत ने 3 बैलिस्टिक मिसाइल, 1 क्रूज मिसाइल और 10 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया।
ये हमले ऐसे समय हुए जब दोनों देश 60 दिनों के भीतर परमाणु समझौते के लिए वार्ता कर रहे थे।

ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के तटीय इलाकों में गुरुवार, 9 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे स्थानीय समय (भारतीय समयानुसार शाम 4 बजे) कई शक्तिशाली धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार ये आवाज़ें शहर के दक्षिणी तट के आसपास से आईं, और कथित तौर पर खाड़ी क्षेत्र तथा होर्मुज़ जलडमरूमध्य में हुई सैन्य कार्रवाई से जुड़ी हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है।

मुख्य घटनाक्रम

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि गुरुवार सुबह अमेरिकी हमले में खुज़ेस्तान प्रांत में उसके 3 सैनिक मारे गए। इसके जवाब में IRGC और ईरानी सेना ने कहा कि उन्होंने बहरीन, कुवैत और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि उसने ईरान की होर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाज़ों पर हमला करने की क्षमता को कमज़ोर करने के लिए एक और दौर के हमले पूरे किए — यह लगातार दूसरे दिन की गई ऐसी कार्रवाई थी। अमेरिकी सेना के अनुसार उसने ईरान के तट के पास करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें हवाई रक्षा प्रणालियाँ, तटीय निगरानी उपकरण, मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थल, नौसैनिक सुविधाएँ और सैन्य रसद केंद्र शामिल थे।

बहरीन की प्रतिक्रिया

बहरीन डिफेंस फोर्स (BDF) ने बताया कि उसके हवाई रक्षा तंत्र ने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया। BDF ने एक बयान में कहा कि ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन के ज़रिए आम नागरिकों को निशाना बनाना जारी रखा है, जिसे उसने देश के खिलाफ 'लगातार शत्रुतापूर्ण रवैया' करार दिया।

बहरीन ने स्पष्ट किया कि नागरिकों और निजी संपत्ति को जानबूझकर निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। BDF ने लोगों से अपील की कि वे हमलों के बाद मिले किसी भी अनजान या संदिग्ध सामान को हाथ न लगाएँ।

कुवैत पर हमले और नुकसान

कुवैत की सशस्त्र सेनाओं के जनरल स्टाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि सेना ने तड़के 3 बैलिस्टिक मिसाइल, 1 क्रूज मिसाइल और 10 ड्रोन को रोकने में सफलता पाई। हालाँकि इनके मलबे से कई स्थानों पर नुकसान हुआ और एक व्यक्ति घायल हुआ, जिसकी हालत स्थिर बताई गई है।

गुरुवार सुबह पूरे कुवैत में हवाई हमले के सायरन बजाए गए। गिरे हुए मलबे को हटाने के लिए विस्फोटक निष्क्रिय करने वाली टीमें तैनात की गईं। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरानी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें कुवैत की संप्रभुता का 'खुला उल्लंघन', उसकी सुरक्षा के लिए 'सीधा खतरा' और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन बताया।

कूटनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि ये नए संघर्ष ऐसे समय में सामने आए हैं जब ईरान और अमेरिका हाल ही में हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (MOU) के आधार पर 60 दिनों के भीतर अंतिम परमाणु समझौते तक पहुँचने के लिए वार्ता कर रहे थे। यह विरोधाभास दर्शाता है कि कूटनीतिक चैनल और सैन्य कार्रवाई एक साथ चल रही हैं — जो मध्य-पूर्व में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत है।

आगे क्या होगा

होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर असर पड़ने की आशंका है। विश्लेषकों के अनुसार अगले कुछ घंटों में अमेरिकी और ईरानी दोनों पक्षों से आधिकारिक बयान और संभावित कूटनीतिक हस्तक्षेप अपेक्षित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या वार्ता केवल समय खरीदने का माध्यम बन रही है। बहरीन और कुवैत जैसे खाड़ी देशों का सीधे निशाने पर आना क्षेत्रीय युद्ध के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले वैश्विक तेल व्यापार पर इसका असर भारत सहित तमाम आयातक देशों के लिए सीधी चिंता का विषय है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंदर अब्बास में धमाके क्यों हुए?
ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार ये धमाके खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में हुई सैन्य गोलीबारी या कार्रवाई से जुड़े माने जा रहे हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान के तट के पास करीब 90 सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिनका असर बंदर अब्बास के तटीय इलाकों तक पहुँचा।
IRGC के कितने सैनिक मारे गए और कहाँ?
IRGC के अनुसार गुरुवार सुबह अमेरिकी हमले में खुज़ेस्तान प्रांत में उसके 3 सैनिक मारे गए। यह दावा IRGC की ओर से किया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
बहरीन और कुवैत पर ईरान के हमलों का क्या असर हुआ?
बहरीन ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को पूरी तरह रोककर नष्ट करने का दावा किया। कुवैत ने 3 बैलिस्टिक मिसाइल, 1 क्रूज मिसाइल और 10 ड्रोन इंटरसेप्ट किए, लेकिन मलबे से कई स्थानों पर नुकसान हुआ और एक व्यक्ति घायल हुआ।
क्या ईरान और अमेरिका के बीच कोई शांति वार्ता चल रही थी?
हाँ, दोनों देश हाल ही में हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (MOU) के आधार पर 60 दिनों के भीतर अंतिम परमाणु समझौते तक पहुँचने के लिए बातचीत कर रहे थे। इन्हीं वार्ताओं के बीच ताज़ा सैन्य टकराव ने कूटनीतिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव से भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
होर्मुज़ जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है और भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है। इस क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और शिपिंग मार्गों में बाधा की आशंका है, जो भारत की आयात लागत को सीधे प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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