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ईडी ने टीएमसी के ₹440 करोड़ फ्रीज किए, भाजपा प्रवक्ता केया घोष बोलीं — 'तृणमूल का मतलब भ्रष्टाचार'

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ईडी ने टीएमसी के ₹440 करोड़ फ्रीज किए, भाजपा प्रवक्ता केया घोष बोलीं — 'तृणमूल का मतलब भ्रष्टाचार'

सारांश

ED ने PMLA के तहत TMC के ₹440 करोड़ फ्रीज किए — BJP प्रवक्ता केया घोष ने इसे 15 साल के भ्रष्टाचार का सबूत बताया और चॉपर खरीद में पार्टी फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाया। अदालत में सुनवाई जल्द, पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PMLA के तहत TMC के ₹440 करोड़ के बैंक डिपॉजिट फ्रीज किए।
BJP प्रवक्ता केया घोष ने आरोप लगाया कि पार्टी फंड का दुरुपयोग कर हेलिकॉप्टर खरीदे गए।
केया घोष के अनुसार इस मामले में एक-दो दिनों में अदालत में सुनवाई होगी।
TMC के छात्र संगठन की रैली में 'चोर-चोर' के नारे और अंडे फेंके गए; TMC ने BJP पर आरोप लगाया।
ममता बनर्जी के 'राम नाम बदनाम न करें' बयान पर केया घोष ने व्यंग्यात्मक पलटवार किया।

कोलकाता में 9 जुलाई को पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रवक्ता केया घोष ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ₹440 करोड़ के बैंक डिपॉजिट फ्रीज किए जाने के बाद पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई साबित करती है कि पिछले 15 वर्षों में TMC ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है।

ईडी की कार्रवाई और भाजपा का आरोप

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED ने TMC के पार्टी फंड से जुड़े ₹440 करोड़ के बैंक डिपॉजिट को फ्रीज कर दिया है। केया घोष ने कहा, 'हम कहते थे कि तृणमूल का मतलब चोर है, लेकिन पश्चिम बंगाल और भारत के लोगों को यह भी पता होना चाहिए कि तृणमूल ने कितना भ्रष्टाचार किया है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी फंड का दुरुपयोग कर हेलिकॉप्टर (चॉपर) खरीदे गए।

अदालत में सुनवाई का इंतजार

केया घोष के अनुसार, इस मामले में एक-दो दिनों के भीतर अदालत में सुनवाई होने की संभावना है। उन्होंने कहा, 'एजेंसी इस मामले की जाँच कर रही है और PMLA के ज़रिए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप सामने आ रहे हैं। लोगों को पता चलना चाहिए कि इस पार्टी ने कितना बड़ा भ्रष्टाचार किया है।' गौरतलब है कि TMC पर इससे पहले भी विभिन्न घोटालों में जाँच एजेंसियों की कार्रवाई हो चुकी है।

रैली में 'चोर-चोर' के नारे और टीएमसी का पलटवार

TMC के छात्र संगठन की एक रैली के दौरान 'चोर-चोर' के नारे लगाए गए और अंडे फेंके गए। TMC ने इस घटना का आरोप BJP पर लगाया है। इस पर केया घोष ने कहा कि ममता बनर्जी एक राजनीतिक व्यक्तित्व हैं और उन्हें यह समझना चाहिए कि जनता ने TMC को नकार दिया है। उन्होंने दावा किया कि 'TMC अब इतिहास के पन्नों में दिखेगी।'

राम नाम विवाद पर तीखी नोकझोंक

ममता बनर्जी ने BJP पर पलटवार करते हुए कहा कि 'राम का नाम बदनाम न करें।' इस पर केया घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में जवाब दिया — 'कभी राम नाम उनको गाली लगता था, आज वह राम नाम ले रही हैं। असल में यही परिवर्तन है, सुनकर अच्छा लगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।

आगे क्या होगा

ED की जाँच जारी है और अदालत की सुनवाई में इस मामले की दिशा स्पष्ट होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बना सकती है, खासकर आगामी चुनावों के मद्देनज़र।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि जाँच एजेंसियों के आरोप और अदालत में साबित दोष दो अलग-अलग बातें हैं। BJP के बयान चुनावी लाभ की दृष्टि से भी देखे जाने चाहिए, क्योंकि पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच तीखी प्रतिद्वंद्विता जारी है। असली परीक्षा अदालत में होगी — जहाँ आरोपों को साक्ष्य की कसौटी पर परखा जाएगा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने TMC के ₹440 करोड़ क्यों फ्रीज किए?
प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत TMC के पार्टी फंड से जुड़े ₹440 करोड़ के बैंक डिपॉजिट फ्रीज किए हैं। BJP ने आरोप लगाया है कि इस फंड का दुरुपयोग हेलिकॉप्टर खरीद सहित अन्य कार्यों में किया गया।
केया घोष कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
केया घोष पश्चिम बंगाल BJP इकाई की प्रवक्ता हैं। उन्होंने कहा कि TMC ने पिछले 15 वर्षों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है और ED की कार्रवाई इसे उजागर करती है।
इस मामले में अदालती सुनवाई कब होगी?
केया घोष के अनुसार, इस मामले में एक-दो दिनों के भीतर अदालत में सुनवाई होने की संभावना है। सुनवाई के बाद मामले की कानूनी दिशा स्पष्ट होगी।
TMC छात्र संगठन की रैली में क्या हुआ?
TMC के छात्र संगठन की एक रैली के दौरान 'चोर-चोर' के नारे लगाए गए और अंडे फेंके गए। TMC ने इस घटना का आरोप BJP पर लगाया है, जबकि BJP ने इसे जनता की स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताया।
ममता बनर्जी और BJP के बीच 'राम नाम' विवाद क्या है?
ममता बनर्जी ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि 'राम का नाम बदनाम न करें।' इस पर BJP प्रवक्ता केया घोष ने व्यंग्यात्मक जवाब देते हुए कहा कि जो नाम कभी उन्हें गाली लगता था, आज वे उसी का उच्चारण कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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