23 जुलाई 2026
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तृणमूल के 15 साल: CM सुवेंदु अधिकारी बोले — भ्रष्टाचार हर विभाग में, ब्रिगेड परेड ग्राउंड में बनानी होगी नई जेल

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तृणमूल के 15 साल: CM सुवेंदु अधिकारी बोले — भ्रष्टाचार हर विभाग में, ब्रिगेड परेड ग्राउंड में बनानी होगी नई जेल

सारांश

सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का पहला बड़ा हमला — TMC के 15 साल के शासन को 'भ्रष्टाचार की खान' बताया। लक्ष्मी भंडार में 27 लाख फर्जी नाम और 3 लाख पुरुष लाभार्थियों का दावा, और ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई जेल की चेतावनी — पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 7 जून 2026 को कहा कि TMC के 15 वर्षीय शासन (2011–2026) में भ्रष्टाचार हर सरकारी विभाग में फैला था।
लक्ष्मी भंडार योजना की जाँच में कथित तौर पर 27 लाख लाभार्थी ऐसे मिले जो मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे।
लगभग 3 लाख पुरुष महिला-केंद्रित लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ उठा रहे थे; मूल योजना में 22 लाख लाभार्थी थे।
CM ने चेतावनी दी कि मौजूदा सुधारगृह नाकाफी पड़ सकते हैं; ब्रिगेड परेड ग्राउंड, कोलकाता में अलग जेल बनाने की बात कही।
लक्ष्मी भंडार को अन्नपूर्णा योजना से बदला गया; भ्रष्टाचार की व्यापक समीक्षा जारी है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार, 7 जून 2026 को कोलकाता के न्यू टाउन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक कार्यक्रम में कहा कि 2011 से 2026 तक तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 वर्षीय शासन में भ्रष्टाचार राज्य प्रशासन की हर कड़ी में गहराई तक समा गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार के मामलों की बाढ़ इतनी बड़ी है कि मौजूदा सुधारगृह नाकाफी पड़ सकते हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री अधिकारी ने कार्यक्रम में कहा, 'जैसे-जैसे हम शासन में आगे बढ़ रहे हैं, तृणमूल शासनकाल के दौरान फैले भ्रष्टाचार के मामले प्रशासनिक कामकाज के हर क्षेत्र में सामने आ रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि स्थिति इतनी गंभीर है कि राज्य के मौजूदा सुधारगृहों में जगह नहीं बचेगी और कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक अलग जेल बनानी होगी।

यह ऐसे समय में आया है जब नई BJP सरकार सत्ता संभालने के बाद विभिन्न सरकारी योजनाओं और विभागों की समीक्षा कर रही है और कथित अनियमितताओं की जाँच शुरू हो चुकी है।

लक्ष्मी भंडार योजना में कथित भ्रष्टाचार

अधिकारी ने पूर्ववर्ती TMC सरकार की लक्ष्मी भंडार मासिक भत्ता योजना को भ्रष्टाचार के एक ठोस उदाहरण के रूप में पेश किया। उन्होंने बताया कि जब नई सरकार ने इसे अन्नपूर्णा योजना से बदला, तब जाँच में सामने आया कि पुरानी योजना में 27 लाख ऐसे लाभार्थियों के नाम थे जो मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे। इसके अलावा, लगभग 3 लाख पुरुष भी इस महिला-केंद्रित योजना के तहत लाभ उठा रहे थे, जबकि मूल योजना में 22 लाख लाभार्थी दर्ज थे।

गौरतलब है कि लक्ष्मी भंडार योजना TMC सरकार की एक प्रमुख जन-कल्याण पहल थी, जिसे बड़े पैमाने पर महिला मतदाताओं को आकर्षित करने का श्रेय दिया जाता था। इन आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी बाकी है।

सामूहिक नेतृत्व पर जोर

मुख्यमंत्री ने BJP कार्यकर्ताओं को एकजुटता का संदेश देते हुए कहा, 'मैंने पहले भी कहा था कि यह 'हम' होंगे, 'मैं' नहीं। आज मैं फिर से यही कह रहा हूं।' उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की राजनीति बारह महीने चलती है और यहाँ की राजनीतिक परिस्थितियाँ अन्य राज्यों से भिन्न हैं, इसलिए पार्टी के भीतर मज़बूत संबंध और अनुशासन अनिवार्य है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता को अगले 50 वर्षों तक नई सरकार के पारदर्शी कामकाज का लाभ मिलेगा — और BJP की विचारधारा, प्रधानमंत्री का आश्वासन तथा जनता की अपेक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

आगे क्या होगा

राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि TMC शासनकाल की योजनाओं और विभागों की व्यापक समीक्षा जारी रहेगी। भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की गति और पारदर्शिता ही यह तय करेगी कि अधिकारी के दावे राजनीतिक बयानबाजी से आगे जाते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी विश्वसनीयता स्वतंत्र सत्यापन पर टिकी है — 27 लाख फर्जी लाभार्थियों के आँकड़े अभी सरकारी दस्तावेज़ों से सार्वजनिक रूप से पुष्ट नहीं हुए हैं। यह पैटर्न नया नहीं है: सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्ववर्ती सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना भारतीय राजनीति में एक स्थापित रणनीति है। असली कसौटी यह होगी कि क्या इन दावों के आधार पर ठोस FIR, न्यायिक कार्रवाई और धन-वसूली होती है — या ये बयान चुनावी लाभ के लिए 'नैरेटिव सेटिंग' तक सीमित रहते हैं। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जेल की बात प्रशासनिक तथ्य कम, राजनीतिक संदेश अधिक लगती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी ने TMC शासन पर क्या आरोप लगाए हैं?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि 2011 से 2026 तक TMC के 15 साल के शासन में भ्रष्टाचार राज्य प्रशासन के हर विभाग में फैल गया था। उन्होंने कहा कि नई सरकार के सत्ता संभालने के बाद इन मामलों की परतें खुल रही हैं।
लक्ष्मी भंडार योजना में क्या गड़बड़ी सामने आई?
CM अधिकारी के अनुसार, लक्ष्मी भंडार योजना में 27 लाख ऐसे लाभार्थियों के नाम थे जो मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे, और लगभग 3 लाख पुरुष भी इस महिला-केंद्रित योजना का लाभ उठा रहे थे। मूल योजना में 22 लाख लाभार्थी दर्ज थे। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जेल बनाने की बात क्यों कही गई?
CM अधिकारी ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले इतने बड़े पैमाने पर हैं कि राज्य के मौजूदा सुधारगृहों में जगह नहीं बचेगी। इसलिए कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक अलग जेल बनानी पड़ सकती है — हालाँकि यह अभी एक बयान है, कोई आधिकारिक सरकारी निर्णय नहीं।
लक्ष्मी भंडार की जगह कौन-सी योजना लाई गई है?
नई BJP सरकार ने TMC की लक्ष्मी भंडार मासिक भत्ता योजना को अन्नपूर्णा योजना से बदल दिया है। इसी समीक्षा के दौरान कथित अनियमितताएँ सामने आई बताई जा रही हैं।
पश्चिम बंगाल में BJP की नई सरकार आगे क्या करेगी?
CM अधिकारी ने संकेत दिया कि TMC शासनकाल की योजनाओं और विभागों की व्यापक समीक्षा जारी रहेगी और चुनावी घोषणापत्र के वादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने BJP कार्यकर्ताओं से सामूहिक नेतृत्व और एकजुटता की अपील भी की।
राष्ट्र प्रेस
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