लक्ष्मी भंडार में 30 लाख अवैध लाभार्थी: CM सुवेंदु अधिकारी का बड़ा दावा, अन्नपूर्णा योजना में होगा ट्रांसफर
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार, 27 मई 2026 को कोलकाता में मीडिया से बातचीत में दावा किया कि पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना के तहत लगभग 30 लाख अवैध लाभार्थी मासिक भत्ता प्राप्त कर रहे थे। इनमें अवैध प्रवासी और पुरुष भी शामिल बताए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि इन अवैध लाभार्थियों को छोड़कर शेष सभी पात्र लाभार्थियों को नई अन्नपूर्णा योजना में स्वतः नामांकित किया जाएगा, जिसके तहत ₹3,000 का बढ़ा हुआ मासिक भत्ता मिलेगा।
अवैध लाभार्थियों की पहचान कैसे हुई
मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, जिन लगभग 30 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से स्थायी रूप से हटाए जा चुके हैं और जिन्होंने संबंधित न्यायाधिकरण में आवेदन नहीं किया है, वे अब तक लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ उठा रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में सरकार को लगा था कि लाभार्थी सूची सत्यापित है, लेकिन बाद में बड़ी संख्या में शिकायतें मिलीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर अन्नपूर्णा योजना के नामांकन को अवैध नामों की छंटाई का माध्यम बनाया जा रहा है।
अन्नपूर्णा योजना: नई व्यवस्था क्या है
नई अन्नपूर्णा योजना का पोर्टल 27 मई 2026 को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पूरी की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जल्द ही राज्य सरकार के कर्मचारी लाभार्थियों के घर जाकर फॉर्म भरने में सहायता करेंगे। नामांकन की समय-सीमा तीन महीने रखी गई है और साप्ताहिक प्रगति की जानकारी महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की प्रभारी मंत्री अग्निमित्रा पॉल मीडिया के माध्यम से देंगी।
कौन होगा पात्र, कौन नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अन्नपूर्णा योजना का लाभ केवल भारतीय मूल की महिलाओं को मिलेगा। गैर-भारतीय नागरिक, आयकर दाता और सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त संस्थाओं में कार्यरत व्यक्ति इस योजना के लिए अपात्र होंगे। हालांकि, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले और जिनके नाम एसआईआर से हटाए गए हैं लेकिन जिन्होंने न्यायाधिकरण में आवेदन किया है, उन्हें अभी अपवाद के रूप में सूची में रखा जा रहा है।
संक्रमण काल में पुराने लाभार्थियों का क्या होगा
जब तक वैध लाभार्थियों का अन्नपूर्णा योजना में स्थानांतरण पूरा नहीं हो जाता, तब तक उन्हें लक्ष्मी भंडार योजना के तहत मिलने वाली मासिक राशि मिलती रहेगी। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि पात्र महिलाओं को भत्ते में कोई रुकावट न आए। नई योजना में स्थानांतरण के बाद मासिक भत्ता बढ़कर ₹3,000 हो जाएगा, जो पहले से अधिक है।