मुर्शिदाबाद में 'लक्ष्मी भंडार' घोटाला: महिला बनकर दो साल तक पैसे लेने के आरोप में युवक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बहरामपुर थाना क्षेत्र के राधारघाट-1 ग्राम पंचायत निवासी रकीबुल शेख को बुधवार रात राज्य सरकार की 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत महिला लाभार्थी के रूप में अवैध रूप से आर्थिक सहायता प्राप्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, शेख कथित तौर पर दो वर्षों तक इस महिला-केंद्रित योजना का लाभ उठाता रहा।
मुख्य घटनाक्रम
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को नबन्ना सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में रकीबुल शेख का नाम सार्वजनिक किया था। इसके बाद प्रशासन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और उसी रात शेख को हिरासत में ले लिया गया। यह मामला 28 मई को सामने आया।
पुलिस ने बताया कि शेख अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक रेस्तरां चलाता है और उसके पास आय का एक स्थिर स्रोत है। 'लक्ष्मी भंडार' योजना विशेष रूप से महिला लाभार्थियों के लिए बनाई गई है और किसी भी पुरुष को इस योजना से आर्थिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार नहीं है।
आरोपी का पक्ष
हालाँकि, रकीबुल शेख ने अपने बचाव में दावा किया कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसने कहा, "मेरी पत्नी 'लक्ष्मी भंडार' योजना की लाभार्थी है। पिछले दो सालों से मेरे खाते में पैसे आ रहे थे। मैं अपना नाम हटवाने के लिए बीडीओ कार्यालय गया था, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। मैंने तो इसके लिए आवेदन भी नहीं किया था। यह पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही है।"
शेख के अनुसार, वह कई बार बीडीओ कार्यालय जाकर अपना नाम सूची से हटवाने की कोशिश कर चुका था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और योजना की राशि उसके खाते में आती रही।
30 लाख अवैध लाभार्थियों का दावा
अधिकारी ने मीडिया को बताया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की इस योजना में कथित तौर पर 30 लाख अवैध लाभार्थी मासिक राशि प्राप्त कर रहे थे, जिनमें कई पुरुष भी शामिल थे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इन 30 लाख अवैध लाभार्थियों को छोड़कर शेष सभी पात्र लाभार्थियों को स्वचालित रूप से 'अन्नपूर्णा योजना' के तहत नामांकित कर दिया जाएगा, जो 'लक्ष्मी भंडार' की जगह लेगी।
सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल
रकीबुल की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय निवासियों में हैरानी और चिंता का माहौल है। इस घटना ने 'लक्ष्मी भंडार' योजना के लाभार्थियों की सत्यापन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक बहस पहले से ही तेज़ है।
आगे क्या होगा
प्रशासन द्वारा 'लक्ष्मी भंडार' योजना की पूरी लाभार्थी सूची की समीक्षा की जाने की उम्मीद है। 'अन्नपूर्णा योजना' में स्थानांतरण की प्रक्रिया कब और कैसे होगी, इस पर अभी आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतज़ार है।