झारखंड के पेयजल विभाग में <b>ईडी</b> ने <b>मनी लॉन्ड्रिंग</b> के मामले में चार्जशीट दाखिल की
सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने झारखंड के पेयजल विभाग में कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
- जांच में 22.86 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का खुलासा हुआ।
- अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए विभिन्न निवेश किए गए।
- ईडी ने 26 स्थानों पर छापेमारी की, जहां से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई।
- इस मामले में आगे की जांच जारी है।
रांची, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची क्षेत्रीय कार्यालय ने झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से संबंधित एक प्रसिद्ध गबन मामले में पीएमएलए अदालत में चार्जशीट पेश की है।
इस मामले में विभाग के क्लर्क और कैशियर संतोष कुमार, उनकी पत्नी ललिता सिन्हा, और एक शेल कंपनी मे. रॉकड्रिल कन्स्ट्रक्शन (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड को आरोपित किया गया है। पूरा मामला रांची स्थित स्वर्णरेखा हेड वर्क्स डिवीजन में सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग और गबन से संबंधित है।
जांच एजेंसी ने झारखंड पुलिस की एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर अपनी जांच शुरू की, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, घोटाले का दायरा और विस्तृत होता गया। जांच में खुलासा हुआ कि क्लर्क-सह-कैशियर संतोष कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी खजाने से लगभग 22.86 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की।
चार्जशीट में कहा गया है कि प्रारंभिक पुलिस जांच में गबन की राशि कम आंकी गई थी, लेकिन विस्तृत जांच में वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। फर्जी नामों पर अकाउंट बनाकर बड़े पैमाने पर फंड का अवैध ट्रांसफर किया गया।
ईडी ने चार्जशीट में कहा है कि अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए विभिन्न माध्यमों से निवेश किया गया। मुख्य आरोपी संतोष कुमार ने रांची के रातू क्षेत्र में 6.81 डिसमिल भूमि अपनी बहन के नाम पर खरीदी। इसके अलावा, उसने अपनी पत्नी के नाम पर टोयोटा इनोवा क्रिस्टा की बुकिंग कराई। जांच में 1.78 करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण, 25 से अधिक म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश और कई फिक्स्ड डिपॉजिट का भी पता चला है।
इस मामले में ईडी ने 26 स्थानों पर छापेमारी की थी, जहां से 55.08 लाख रुपये की अघोषित नकदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। इससे पहले, एजेंसी ने आरोपियों की करीब 2.18 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और भविष्य में और खुलासे हो सकते हैं।