झारखंड के मनरेगा घोटाले में नए आरोपियों की पहचान, पूजा सिंघल का परिवार भी शामिल
सारांश
Key Takeaways
- मनरेगा घोटाले में नए आरोपी नामजद हुए हैं।
- पूजा सिंघल का परिवार भी मामले में शामिल है।
- ईडी ने 1.33 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की मांग की है।
रांची, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के खूंटी जिले में प्रसिद्ध मनरेगा घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए विशेष अदालत में अपनी पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की है। इस चार्जशीट में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की मां कमलेश सिंघल, भाई सिद्धार्थ सिंघल और सास अमिता झा समेत पांच नए आरोपियों को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नामजद किया गया है।
चार्जशीट में नामित अन्य आरोपियों में राधेश्याम फायरवर्क्स एलएलपी और चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार के भाई पवन कुमार सिंह भी शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार, सभी आरोपी कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन को छिपाने और इसे वैध बनाने की गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं।
ईडी ने रांची के बोड़ेयो स्थित 17 डिसमिल जमीन को जब्त करने की मांग की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.33 करोड़ रुपये है। मनरेगा घोटाले का मामला झारखंड पुलिस और विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज 16 एफआईआर के आधार पर सामने आया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि 2009 से 2011 के बीच खूंटी जिले में विकास योजनाओं के लिए जारी लगभग 24 करोड़ रुपये में से 18.06 करोड़ रुपये फर्जी और घटिया कार्यों के माध्यम से गबन कर लिए गए थे।
ईडी की जांच के अनुसार, तत्कालीन उपायुक्त पूजा सिंघल इस कथित घोटाले की किंगपिन रही हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने योजनाओं की स्वीकृति के बदले में लगभग पांच प्रतिशत तक कमीशन लिया और संबंधित अधिकारियों को संरक्षण दिया। इस अवैध राशि को बाद में अपने परिवार, सहयोगियों और बेनामी कंपनियों के माध्यम से निवेश किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आईएएस पूजा सिंघल की सास अमिता झा के बैंक खातों के माध्यम से अवैध धन एक निजी कंपनी में शेयर पूंजी के रूप में लगाया गया, जबकि उनके भाई सिद्धार्थ सिंघल ने भी इसी प्रकार निवेश किया। ईडी के अनुसार, राधेश्याम फायरवर्क्स एलएलपी के माध्यम से 1.33 करोड़ रुपये से बोड़ेया में जमीन खरीदी गई, जिसमें कथित तौर पर अपराध की आय का उपयोग किया गया।
कंपनी में पवन कुमार सिंह और कमलेश सिंघल को नाममात्र का साझेदार बनाकर वास्तविक स्वामित्व को छिपाया गया। इससे पहले ईडी इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन शिकायत दाखिल कर चुकी है, जिनमें पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा और चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार शामिल हैं। 6 मई 2022 को ईडी की छापेमारी में सुमन कुमार के ठिकानों से कुल 19.31 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे।
ईडी ने अब तक कई संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है, जिन्हें निर्णायक प्राधिकरण से भी पुष्टि मिल चुकी है। ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आगामी समय में और खुलासे की संभावना है।