झारखंड: ईडी ने पूर्व बैंक प्रबंधक की 97.92 लाख रुपए की संपत्ति बैंक धोखाधड़ी में जब्त की

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झारखंड: ईडी ने पूर्व बैंक प्रबंधक की 97.92 लाख रुपए की संपत्ति बैंक धोखाधड़ी में जब्त की

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक पूर्व बैंक प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 97.92 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई SBI बैंक धोखाधड़ी और धन शोधन के मामले में की गई है। जानें इस घोटाले के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

ईडी ने 97.92 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की।
मनोज कुमार ने बैंक धोखाधड़ी में अपने पद का दुरुपयोग किया।
जांच में 5.40 करोड़ रुपए की 'प्रोसिड्स ऑफ क्राइम' की पहचान हुई।
यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई।
आगे अन्य सफेदपोशों पर भी शिकंजा कसे जाने की संभावना है।

रांची, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची क्षेत्रीय कार्यालय ने एसबीआई बैंक धोखाधड़ी और धन शोधन के मामले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। एजेंसी ने भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार और उनके परिवार के नाम पर 97.92 लाख रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।

इन जब्त संपत्तियों में झारखंड के साहेबगंज में एक आवासीय मकान और पटना में एक फ्लैट शामिल है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत की गई है।

ईडी ने इस मामले की जांच सीबीआई, एसीबी धनबाद और शिकारीपाड़ा थाने में दर्ज विभिन्न प्राथमिकियों और चार्जशीट के आधार पर प्रारंभ की थी। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मनोज कुमार ने बैंक की साहिबगंज, बरहेट बाजार, फूलबंगा और शिकारीपाड़ा शाखाओं में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक बड़े वित्तीय घोटाले को अंजाम दिया।

आरोपी मैनेजर का मोडस ऑपेरंडी यह था कि उसने मृत या निष्क्रिय पेंशनभोगियों और अनपढ़ किसान क्रेडिट कार्ड धारकों के खातों से अवैध रूप से सैकड़ों अनधिकृत डेबिट ट्रांजेक्शन किए। जांच एजेंसी के अनुसार, इन खातों से डायवर्ट किए गए फंड को बिचौलियों के खातों, एनजीओ और शेल संस्थाओं के एक नेटवर्क के माध्यम से ठिकाने लगाया गया, ताकि पैसे के लेनदेन के ट्रेल को छिपाया जा सके।

ईडी ने अब तक की जांच में इस पूरे घोटाले से अर्जित कुल 'प्रोसिड्स ऑफ क्राइम' (अपराध की कमाई) का आकलन लगभग 5.40 करोड़ रुपए किया है। फिलहाल, इस मामले में ईडी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य सफेदपोशों पर भी शिकंजा कसे जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां कुछ लोग अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर आम लोगों को धोखा देते हैं। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि कानून का हाथ लंबा है और ऐसे अपराधियों को सजा दी जाएगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने कितनी संपत्ति जब्त की?
ईडी ने 97.92 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है।
यह कार्रवाई किस मामले में की गई?
यह कार्रवाई एसबीआई बैंक धोखाधड़ी और धन शोधन के मामले में की गई है।
मनोज कुमार का क्या आरोप है?
मनोज कुमार पर अपने पद का दुरुपयोग करके वित्तीय घोटाले में लिप्त होने का आरोप है।
कौन-कौन सी संपत्तियाँ जब्त की गई हैं?
जब्त की गई संपत्तियों में झारखंड में एक आवासीय मकान और पटना में एक फ्लैट शामिल हैं।
इस घोटाले से अर्जित कुल धन का आकलन क्या है?
इस घोटाले से अर्जित कुल 'प्रोसिड्स ऑफ क्राइम' का आकलन लगभग 5.40 करोड़ रुपए है।
राष्ट्र प्रेस
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