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क्या पटना में एनएचएआई अधिकारी पर ईडी की कार्रवाई ने मनी लॉन्ड्रिंग का पर्दाफाश किया?

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क्या पटना में एनएचएआई अधिकारी पर ईडी की कार्रवाई ने मनी लॉन्ड्रिंग का पर्दाफाश किया?

सारांश

पटना में एनएचएआई के एक अधिकारी पर ईडी की कार्रवाई ने मनी लॉन्ड्रिंग के जाल को उजागर किया है। 2.85 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अटैच किया गया है, जिसमें फ्लैट, बैंकों में जमा राशि और आभूषण शामिल हैं। यह मामला सीबीआई की जांच के बाद सामने आया है।

मुख्य बातें

ईडी की कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की कोशिश।
प्रभांशु शेखर की संपत्तियाँ अटैच की गईं।
सीबीआई की जांच ने मामले को उजागर किया।
आगे की जांच जारी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

पटना, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एनएचएआई के एक अधिकारी पर गंभीर कार्रवाई करते हुए लगभग 2.85 करोड़ रुपए की अचल और चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कदम मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत उठाया गया। अटैच की गई संपत्तियों में बिहार और दिल्ली में स्थित फ्लैट और जमीन, साथ ही बैंक बैलेंस, सोने-चांदी के आभूषण और बीमा पॉलिसियों में किया गया निवेश शामिल है।

ईडी के अनुसार, ये संपत्तियां नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई), पटना में डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) रहे प्रभांशु शेखर द्वारा भ्रष्टाचार के माध्यम से अर्जित की गई थीं, जिन्हें उन्होंने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर हासिल किया।

ईडी ने यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), पटना द्वारा दर्ज एफआईआर और दायर चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी। सीबीआई ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। सीबीआई की 22 दिसंबर 2023 की जांच में खुलासा हुआ कि 1 जनवरी 2016 से 23 सितंबर 2022 के बीच प्रभांशु शेखर ने लगभग 4.07 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की थी।

पीएमएलए के अंतर्गत ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि प्रभांशु शेखर ने बिहार में एनएचएआई में डीजीएम के पद पर रहते हुए निजी कंपनी अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड को अनुचित लाभ पहुंचाया। उन पर आरोप है कि उन्होंने बढ़ा-चढ़ाकर बिल पास किए, मेजरमेंट बुक में हेरफेर की और घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने की अनदेखी की। इन क्रियाकलापों के माध्यम से उन्होंने भारी मात्रा में अपराध की आय (पीओसी) अर्जित की।

ईडी के अनुसार, इस अपराध की आय का एक हिस्सा सीधे प्रभांशु शेखर के परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में जमा किया गया, जबकि कुछ राशि दैनिक खर्चों में उपयोग की गई। इसके अतिरिक्त, नकद आय को उनकी पत्नी के नाम पर अचल संपत्तियों में और स्वयं तथा परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर बीमा पॉलिसियों और सोने-चांदी के गहनों जैसी संपत्तियों में निवेश किया गया। ईडी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह जागरूकता का एक संकेत भी है कि सरकारी अधिकारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई महत्वपूर्ण है। देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए ऐसे कदम बेहद आवश्यक हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने क्यों और किसके खिलाफ कार्रवाई की?
ईडी ने एनएचएआई के अधिकारी प्रभांशु शेखर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में कार्रवाई की है।
अटैच की गई संपत्तियों में क्या-क्या शामिल हैं?
अटैच की गई संपत्तियों में फ्लैट, ज़मीन, बैंक बैलेंस, आभूषण और बीमा पॉलिसियों में किया गया निवेश शामिल है।
सीबीआई की जांच का क्या महत्व है?
सीबीआई की जांच ने इस मामले को उजागर किया और ईडी की कार्रवाई के लिए आधार प्रदान किया।
राष्ट्र प्रेस
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