14 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

15 अगस्त 2026 पंचांग: हरियाली तीज पर शिव-पार्वती पूजा, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:56 बजे तक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
15 अगस्त 2026 पंचांग: हरियाली तीज पर शिव-पार्वती पूजा, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:56 बजे तक

सारांश

15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज का दुर्लभ संयोग है। सुहागिन महिलाओं के लिए शिव-पार्वती पूजा का सर्वोत्तम समय अभिजित मुहूर्त — दोपहर 12:05 से 12:56 बजे — रहेगा। शिव योग और सिद्ध योग का संयोग इस दिन को और भी शुभ बनाता है।

मुख्य बातें

15 अगस्त 2026 को हरियाली तीज पर्व है; श्रावण शुक्ल तृतीया तिथि शाम 5:29 बजे तक रहेगी।
अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:56 बजे तक — दिन का सर्वाधिक शुभ समय।
प्रातः 7:07 बजे तक शिव योग , उसके बाद सिद्ध योग ; अमृत काल रात 8:17 से 9:52 बजे तक।
राहुकाल सुबह 9:19 से 10:55 बजे ; यमगंड काल दोपहर 2:07 से 3:43 बजे — इन समयों में नए कार्य वर्जित।
सूर्य कर्क राशि व चंद्रमा सिंह राशि में; पूर्व दिशा में दिशाशूल ।
सूर्योदय 6:07 बजे , सूर्यास्त 6:55 बजे ; चंद्रोदय 8:25 बजे , चंद्रास्त 8:43 बजे ।

15 अगस्त 2026 (शनिवार) को हरियाली तीज का पावन पर्व है — और इस वर्ष यह पर्व स्वतंत्रता दिवस के साथ एक ही दिन पड़ रहा है, जो इसे विशेष रूप से स्मरणीय बनाता है। पंचांग के अनुसार, इस दिन श्रावण शुक्ल तृतीया तिथि शाम 5:29 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि आरंभ होगी। सुहागिन महिलाएँ इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा की स्थिति

शनिवार को सूर्योदय सुबह 6:07 बजे और सूर्यास्त शाम 6:55 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 8:25 बजे और चंद्रास्त शाम 8:43 बजे रहेगा। पंचांग गणना के अनुसार, इस दिन सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेगा। चंद्रमा उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा, जो रविवार तड़के 3:25 बजे तक जारी रहेगा; उसके पश्चात हस्त नक्षत्र का आगमन होगा।

शुभ मुहूर्त और योग

इस दिन प्रातः 7:07 बजे तक शिव योग रहेगा, जिसके बाद सिद्ध योग का संयोग बनेगा — दोनों ही शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं। दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:56 बजे तक रहेगा। पूजा, अनुष्ठान या किसी भी महत्त्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए यह समय विशेष रूप से उत्तम माना जाता है। इसके अतिरिक्त, अमृत काल रात 8:17 बजे से 9:52 बजे तक रहेगा।

अशुभ काल — किन समयों में बचें नए कार्य

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ विशेष समय-खंडों में नए कार्य आरंभ करना वर्जित माना जाता है। राहुकाल सुबह 9:19 बजे से 10:55 बजे तक, गुलिक काल सुबह 6:07 से 7:43 बजे तक और यमगंड काल दोपहर 2:07 से 3:43 बजे तक रहेगा। इन अवधियों में महत्त्वपूर्ण निर्णय, यात्रा या निवेश से बचने की परंपरागत सलाह दी जाती है।

राशि और दिशाशूल

शनिवार को सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु परंपराओं के अनुसार, यदि पूर्व दिशा में यात्रा अनिवार्य हो, तो विशेष उपायों के साथ प्रस्थान किया जा सकता है।

हरियाली तीज का महत्व

हरियाली तीज श्रावण मास की शुक्ल तृतीया को मनाया जाने वाला प्रमुख हिंदू पर्व है, जो विशेष रूप से उत्तर भारत में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन की पौराणिक कथा को स्मरण किया जाता है। व्रत, झूला, हरे वस्त्र और सोलह शृंगार इस पर्व की पहचान हैं। आगामी वर्षों में भी इस पर्व की तिथि पंचांग के अनुसार निर्धारित होती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे लाखों हिंदू परिवार आज भी दैनिक जीवन में प्रासंगिक मानते हैं। शिव योग और सिद्ध योग का एक साथ आना इस दिन की धार्मिक महत्ता को और गहरा करता है। पंचांग की यह जानकारी केवल परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक ताने-बाने का जीवंत हिस्सा है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 अगस्त 2026 को हरियाली तीज पर पूजा का सबसे शुभ समय कौन सा है?
15 अगस्त 2026 को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:56 बजे तक रहेगा, जो दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा अमृत काल रात 8:17 से 9:52 बजे तक भी शुभ कार्यों के लिए अनुकूल है।
हरियाली तीज 2026 में तृतीया तिथि कब तक रहेगी?
पंचांग के अनुसार 15 अगस्त 2026 को श्रावण शुक्ल तृतीया तिथि शाम 5:29 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि आरंभ हो जाएगी।
15 अगस्त 2026 को राहुकाल और अशुभ काल कब-कब हैं?
इस दिन राहुकाल सुबह 9:19 से 10:55 बजे, गुलिक काल सुबह 6:07 से 7:43 बजे और यमगंड काल दोपहर 2:07 से 3:43 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में नए कार्य आरंभ नहीं करने चाहिए।
15 अगस्त 2026 को कौन-कौन से योग हैं?
इस दिन प्रातः 7:07 बजे तक शिव योग रहेगा, उसके बाद सिद्ध योग का संयोग बनेगा। दोनों ही योग शुभ कार्यों और पूजा-अनुष्ठान के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
हरियाली तीज व्रत क्यों रखा जाता है और इसका महत्व क्या है?
हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया को मनाया जाने वाला पर्व है, जिसमें सुहागिन महिलाएँ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। यह पर्व शिव-पार्वती के मिलन की पौराणिक कथा से जुड़ा है और उत्तर भारत में विशेष रूप से धूमधाम से मनाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले