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12 अगस्त 2026 पंचांग: हरियाली अमावस्या पर शिव पूजा और पितृ तर्पण, साल का आखिरी पूर्ण सूर्य ग्रहण रात 9 बजे

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12 अगस्त 2026 पंचांग: हरियाली अमावस्या पर शिव पूजा और पितृ तर्पण, साल का आखिरी पूर्ण सूर्य ग्रहण रात 9 बजे

सारांश

12 अगस्त 2026 को हरियाली अमावस्या का संयोग और साल के आखिरी पूर्ण सूर्य ग्रहण का दुर्लभ मेल — शिव आराधना, पितृ तर्पण और दान-पुण्य का दिन। ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू, पर भारत में दिखेगा नहीं, सूतक भी नहीं।

मुख्य बातें

हरियाली अमावस्या तिथि 12 अगस्त 2026 को रात 11:06 बजे तक रहेगी, इसके बाद प्रतिपदा।
अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:59 से 12:52 बजे तक — दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय।
राहुकाल 12:31 से 2:08 बजे , यमगंड 7:42 से 9:18 बजे — इन कालों में नए कार्य वर्जित।
वर्ष का अंतिम पूर्ण सूर्य ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू, 13 अगस्त 1:28 बजे समाप्त; भारत में दृश्य नहीं , सूतक मान्य नहीं।
ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, उत्तरी रूस और पुर्तगाल में दिखेगा।
उत्तर दिशा में दिशाशूल — उस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह।

हिंदू पंचांग के अनुसार 12 अगस्त 2026 (बुधवार) को श्रावण माह की कृष्ण पक्ष अमावस्या — जिसे हरियाली अमावस्या भी कहा जाता है — रात 11:06 बजे तक रहेगी, इसके पश्चात प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। इस पवित्र तिथि पर भगवान शिव की आराधना, पितरों को तर्पण, दान-पुण्य और नदियों में स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। इसी रात भारतीय समयानुसार 9:04 बजे वर्ष का दूसरा और अंतिम पूर्ण सूर्य ग्रहण भी आरंभ होगा।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति

पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्योदय सुबह 6:05 बजे और सूर्यास्त शाम 6:58 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 5:19 बजे और चंद्रास्त शाम 6:52 बजे रहेगा। सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा भी इसी राशि में विराजमान रहेगा।

नक्षत्र की दृष्टि से सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में रहेगा। चंद्रमा सुबह 7:59 बजे तक पुष्य नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।

शुभ मुहूर्त और योग

बुधवार को दोपहर 3:24 बजे तक व्यतिपात योग रहेगा, जिसके पश्चात वरीयान् योग लागू होगा। दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:59 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त अमृत काल तड़के 4:36 बजे से सुबह 6:05 बजे तक रहेगा — यह समय पूजा-पाठ और साधना के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।

अशुभ काल — किन समयों में बचें नए कार्य

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल दोपहर 12:31 बजे से 2:08 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 10:55 बजे से दोपहर 12:31 बजे और यमगंड काल सुबह 7:42 बजे से 9:18 बजे तक रहेगा। इन तीनों कालखंडों में कोई नया कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।

दिशाशूल की बात करें तो इस दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष परंपरा के अनुसार यदि उत्तर दिशा में यात्रा अनिवार्य हो, तो विशेष ज्योतिषीय उपाय अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

साल का आखिरी पूर्ण सूर्य ग्रहण

भारतीय समयानुसार 12 अगस्त 2026 की रात 9:04 बजे वर्ष का दूसरा और अंतिम पूर्ण सूर्य ग्रहण आरंभ होगा। ग्रहण का चरम (पीक) रात 11:16 बजे रहेगा और यह 13 अगस्त की देर रात 1:28 बजे समाप्त होगा।

यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा। पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, उत्तरी रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।

हरियाली अमावस्या का धार्मिक महत्व

श्रावण माह की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव की उपासना से विशेष फल की प्राप्ति होती है। पितरों को जल तर्पण, गरीबों को दान और पवित्र नदियों में स्नान इस तिथि के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान हैं। आने वाले दिनों में प्रतिपदा से श्रावण शुक्ल पक्ष के पर्व भी क्रमशः आरंभ होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा — इसलिए धार्मिक अनुष्ठानों पर इसका कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा। पंचांग-आधारित खबरें लाखों हिंदी पाठकों की दिनचर्या का हिस्सा हैं, पर मीडिया की जिम्मेदारी है कि सूतक और ग्रहण के प्रभाव को लेकर भ्रामक सूचनाओं से बचा जाए। तथ्यात्मक और स्पष्ट रिपोर्टिंग ही पाठक का वास्तविक मार्गदर्शन करती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाली अमावस्या 2026 कब है और इसका क्या महत्व है?
हरियाली अमावस्या 12 अगस्त 2026 (बुधवार) को है और यह रात 11:06 बजे तक रहेगी। श्रावण माह की यह अमावस्या भगवान शिव की आराधना, पितरों को तर्पण और दान-पुण्य के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है।
12 अगस्त 2026 को अभिजित मुहूर्त कब है?
12 अगस्त 2026 को अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:59 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है और इसमें कोई भी महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ किया जा सकता है।
12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं?
नहीं, 12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए भारत में सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। यह ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, उत्तरी रूस और पुर्तगाल के हिस्सों में दिखेगा।
12 अगस्त 2026 को राहुकाल कितने बजे है?
12 अगस्त 2026 को राहुकाल दोपहर 12:31 बजे से 2:08 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 10:55 से दोपहर 12:31 बजे और यमगंड काल सुबह 7:42 से 9:18 बजे तक रहेगा — इन समयों में नए कार्य आरंभ न करने की परंपरागत सलाह है।
12 अगस्त 2026 को कौन-से नक्षत्र और योग रहेंगे?
इस दिन सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में रहेगा। चंद्रमा सुबह 7:59 बजे तक पुष्य नक्षत्र में और उसके बाद अश्लेषा नक्षत्र में रहेगा। दोपहर 3:24 बजे तक व्यतिपात योग और उसके बाद वरीयान् योग रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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