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5 अगस्त 2026 पंचांग: गणेश-महालक्ष्मी पूजा शुभ, दोपहर 2:17 से 3:50 बजे तक अमृत काल

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5 अगस्त 2026 पंचांग: गणेश-महालक्ष्मी पूजा शुभ, दोपहर 2:17 से 3:50 बजे तक अमृत काल

सारांश

5 अगस्त 2026 को कृष्ण पक्ष की सप्तमी और सावन मास के संयोग में गणेश, महालक्ष्मी व शिव पूजा विशेष फलदायी है। अमृत काल दोपहर 2:17 से 3:50 बजे और अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:53 बजे — शुभ कार्यों के लिए दिन के दो सर्वोत्तम क्षण।

मुख्य बातें

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि 5 अगस्त 2026 को रात 8:42 बजे तक; इसके बाद अष्टमी आरंभ।
अमृत काल दोपहर 2:17 से 3:50 बजे और अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:53 बजे — शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम।
भगवान गणेश , माता महालक्ष्मी और भगवान शिव की पूजा इस दिन विशेष लाभदायक।
राहुकाल दोपहर 12:32–2:10, गुलिक काल 10:55–12:32 और यमगंड काल सुबह 7:40–9:18 बजे — इन कालखंडों में नए कार्य टालें।
उत्तर दिशा में दिशाशूल ; उस दिशा की यात्रा से बचने की सलाह।
सूर्य अश्लेषा नक्षत्र व कर्क राशि में; चंद्रमा रात 9:17 तक अश्विनी नक्षत्र व मेष राशि में।

हिंदू पंचांग के अनुसार 5 अगस्त 2026 (बुधवार) को कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रात 8:42 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात अष्टमी तिथि आरंभ होगी। इस दिन भगवान गणेश, माता महालक्ष्मी और सावन मास के प्रभाव के कारण भगवान शिव की आराधना विशेष रूप से फलदायी मानी गई है। पंचांग हिंदू काल-गणना की वह पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती है और शुभ कार्यों, यात्रा, निवेश एवं पूजा-पाठ से पहले इसका अवलोकन अनिवार्य माना जाता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र-गणना

बुधवार को सूर्योदय सुबह 6:03 बजे और सूर्यास्त शाम 7:02 बजे होगा। चंद्रोदय रात 11:14 बजे और चंद्रास्त अगले दिन दोपहर 12:56 बजे होगा। ग्रह-स्थिति के अनुसार सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा मेष राशि में स्थित रहेगा। नक्षत्र की दृष्टि से सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में रहेगा, जबकि चंद्रमा रात 9:17 बजे तक अश्विनी नक्षत्र में रहेगा — इसके उपरांत भरणी नक्षत्र प्रारंभ होगा।

शुभ मुहूर्त और अमृत काल

5 अगस्त को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:53 बजे तक रहेगा, जिसे दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है। इसके अतिरिक्त अमृत काल दोपहर 2:17 से 3:50 बजे तक रहेगा — यह समय महत्वपूर्ण कार्यों और पूजा-अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है।

योग और उनका प्रभाव

इस दिन शूल योग शाम 5:30 बजे तक रहेगा, जिसके बाद गंड योग प्रारंभ होगा। हर्षण योग इस दिन नहीं रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शूल और गंड योग में नए कार्यों का शुभारंभ टालना उचित माना जाता है।

अशुभ काल — राहुकाल, गुलिक और यमगंड

ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार इस दिन तीन अशुभ कालखंड हैं जिनमें नए कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह दी जाती है। यमगंड काल सुबह 7:40 से 9:18 बजे, गुलिक काल सुबह 10:55 से दोपहर 12:32 बजे और राहुकाल दोपहर 12:32 से 2:10 बजे तक रहेगा।

दिशाशूल और यात्रा संबंधी सावधानी

बुधवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु परंपरा के अनुसार इस दिन उत्तर दिशा की यात्रा से बचना श्रेयस्कर है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है। आने वाले दिनों के पंचांग के लिए नियमित रूप से अपडेट देखते रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

महालक्ष्मी और शिव की त्रिवेणी आराधना का संयोग इस बुधवार को विशेष बनाता है। हालाँकि ज्योतिषीय मान्यताएँ आस्था पर आधारित हैं, लाखों भारतीय परिवार इन्हें दैनिक निर्णयों का आधार मानते हैं — यह सामाजिक यथार्थ उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कोई नीतिगत खबर।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 अगस्त 2026 को अमृत काल कब से कब तक है?
5 अगस्त 2026 को अमृत काल दोपहर 2:17 बजे से 3:50 बजे तक रहेगा। यह समय शुभ कार्यों, पूजा-अनुष्ठान और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।
5 अगस्त 2026 को राहुकाल किस समय है?
इस दिन राहुकाल दोपहर 12:32 बजे से 2:10 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस कालखंड में नए कार्यों का शुभारंभ नहीं करना चाहिए।
5 अगस्त 2026 को कौन-सी तिथि है?
5 अगस्त 2026 को कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रात 8:42 बजे तक है, जिसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी। यह बुधवार का दिन है।
इस दिन कौन-सी पूजा करना सबसे शुभ है?
पंचांग के अनुसार 5 अगस्त 2026 को भगवान गणेश, माता महालक्ष्मी और सावन मास के प्रभाव से भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से लाभदायक मानी गई है। अमृत काल या अभिजित मुहूर्त में पूजा करना और भी फलदायी रहेगा।
5 अगस्त 2026 को दिशाशूल किस दिशा में है?
इस दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष परंपरा के अनुसार बुधवार को उत्तर दिशा में यात्रा से बचना चाहिए; यदि यात्रा अनिवार्य हो तो विशेष ज्योतिषीय उपाय अपनाए जा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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