26 अगस्त 2026 पंचांग: ओणम पर वामन अवतार की पूजा, अमृत काल दोपहर 1:32–3:15 बजे
सारांश
मुख्य बातें
26 अगस्त 2026 (बुधवार) का पंचांग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन ओणम का मुख्य दिन — थिरुवोणम — पड़ रहा है। हिंदू काल-गणना पद्धति के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। केरल सहित पूरे देश में ओणम पर्व की धूम रहेगी।
तिथि और नक्षत्र
श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि इस दिन सुबह 7:59 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी। सूर्य इस दिन मघा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मुख्यतः श्रवण नक्षत्र में विराजमान रहेगा। राशि की दृष्टि से सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा मकर राशि में रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय
बुधवार को सूर्योदय सुबह 6:10 बजे और सूर्यास्त शाम 6:46 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 5:47 बजे होगा और चंद्रास्त अगले दिन तड़के 5:08 बजे।
शुभ मुहूर्त और अमृत काल
इस दिन सौभाग्य योग सुबह 7:58 बजे तक रहेगा, जिसके बाद शोभन योग आरंभ होगा। दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा। अमृत काल दोपहर 1:32 बजे से 3:15 बजे तक रहेगा — यह समय नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है। बुधवार होने के कारण भगवान गणेश की पूजा करना भी विशेष फलदाई रहेगा।
अशुभ काल — राहुकाल, गुलिक और यमगंड
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल दोपहर 12:28 बजे से 2:03 बजे तक, गुलिक काल सुबह 10:54 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक और यमगंड काल सुबह 7:45 बजे से 9:19 बजे तक रहेगा। इन अवधियों में नए कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निवेश आरंभ करने से बचने की सलाह दी जाती है।
दिशाशूल और यात्रा संबंधी सावधानी
बुधवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में यात्रा करने से बचना उचित है। यदि यात्रा अपरिहार्य हो, तो विशेषज्ञ ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है। 26 अगस्त 2026 का यह पंचांग भक्तों के लिए ओणम की आस्था और वैदिक काल-गणना का संगम प्रस्तुत करता है।